मिलिए भारत के सबसे लंबे और एशिया के दूसरे सबसे ऊंचे हाथी थेचिकोट्टुकावु रामचंद्रन से,
यह हाथी लगभग 320cm ऊंचा है जिसे लोग प्यार से "रमन" कहकर पुकारते हैं।
चींटियाँ नदियाँ पार करने के लिए जीवित पुल बना सकती हैं।
हज़ारों चींटियाँ अपने शरीर को आपस में जोड़ती हैं और लगातार उस ढांचे को बदलती रहती हैं ताकि पूरी कॉलोनी सुरक्षित रूप से दूसरी तरफ़ पहुँच सके।
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अखबार कभी कभी अच्छा लगता है...
जब उसमें किसी पेड़ , नदी या पहाड़ पर लेख दिखता है....या फिर ,कोई प्रेम कविता छपती है......
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पायल
१०-६-२०२६
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मंदिरों में जितना मीठा चढ़ाता है... उससे कहीं अधिक.... अपने दुःखों का नमक छोड़ आता है मनुष्य...
फिर भी ईश्वर मुस्कुराता है....
इसीलिए वह ईश्वर है....
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पायल
९-६-२०२६
जोसेफ विजय का जन्म 22 जून 1974 को चेन्नई में हुआ था।
उन्होंने 1984 में एक बाल कलाकार के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की।
उन्होंने विज़ुअल कम्युनिकेशन की पढ़ाई की।
विजय ने 1992 में मुख्य अभिनेता के तौर पर अपनी पहली फ़िल्म की।
फ़िल्म 'गिल्ली' से उन्हें ज़बरदस्त शोहरत मिली और 68 से ज़्यादा फ़िल्में करने के बाद वे तमिल सिनेमा के सबसे ज़्यादा फीस लेने वाले अभिनेता बन गए।
2024 में, विजय ने फ़िल्मों से संन्यास लेने की घोषणा की।
2026 के चुनावों में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने TVK पार्टी बनाई।
उन्होंने सभी 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा।
उन्होंने 100 से ज़्यादा सीटें जीतकर अकेले ही शानदार जीत हासिल की।
अब वे मुख्यमंत्री बनने की राह पर हैं। 👏
क्या ज़बरदस्त सफ़र रहा! उन्होंने यह साबित कर दिया कि उनके फ़ैन्स उनके प्रति पूरी तरह वफ़ादार हैं; जबकि भारत में बहुत से लोग यह मानते थे कि ये फ़ैन्स असल में पैसे देकर रखे गए 'बॉट' या फ़र्ज़ी लोग हैं। 🔥
Post Credit - @IndianGems_
ED, CBI, चुनाव आयोग, ढाई लाख केंद्रीय सुरक्षा बल, चुनाव में हज़ारों करोड़ खर्च करना, DGP CS DM SP को हटाना, SIR के जरिये 27 लाख मतदाताओं को मताधिकार से वंचित रखना।
फिर TMC को हराकर मोदी और गोदी मीडिया द्वारा ढोल पीटना।
अगर ये लोकशाही है तो फिर तानाशाही क्या है?
बंगाल में BJP की सरकार नहीं आ सकती है लेकिन ममता बनर्जी बंगाल में BJP के लिए रास्ता खोल रही हैं।
~ राहुल गांधी
हर बार ये बंदा सही कैसे साबित होता है 🔥🔥🔥
क्वांटम फिजिक्स कहती है कि आप वास्तव में कभी भी किसी चीज को छू नहीं सकते।
जब आप किसी वस्तु को छूते हैं, तो आपके हाथों के परमाणु और उस वस्तु के परमाणुओं के इलेक्ट्रॉन एक-दूसरे को प्रतिकर्षित (repel) करते हैं इसलिए छू नहीं सकते।
यह विद्युत चुंबकीय बल है जो आपको "स्पर्श" का अहसास कराता है, न कि कोई वास्तविक भौतिक संपर्क।