BBC Investigation: वो 6 छोटी पार्टियां जिन्हें मिला करोड़ों का चंदा
बीबीसी की टीम ने उन राजनीतिक दलों की पड़ताल की, जिन्हें चंदे में करोड़ों रुपये मिले लेकिन चुनावों में ये पार्टियां लगभग नदारद रहीं.
पूरी रिपोर्ट देखिए- https://t.co/0wPyHAMC2V
#RUPP#BBCINVESTIGATION
रिपोर्ट: शुभांगी मिश्रा ( @shubhangi_misra ) और दीपक जसरोटिया ( @DeepakJ0710 )
गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना - लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला!
इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है।
ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां?
क्या चुनाव आयोग जांच करेगा - या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके?
#VoteChori
The story of Aam Janmat Party is something else 👇
1️⃣ In 2023–24, the party reported ₹620+ crore in donations —more than DOUBLE Congress’s ₹281 crore. 💀
2️⃣ Its earlier president was Anamika Paswan.
3️⃣ In 2022, she reportedly stepped down, and Gaurav Mishra took over as president.
4️⃣ The party started its political journey in Bihar… and then its base moved to Gujarat. 🛣️
5️⃣ And today, Anamika Paswan is a Bihar BJP State Vice-President. 👀
So basically:
Bihar → ₹620 crore donations → Gujarat → former party president → BJP leadership.
What a political journey. 😂
Na khaunga, na khane dunga.
जे पी नड्डा बता रहे हैं.....
पीएम मोदी ने 2014 में बीजेपी कार्यालय बनाने का संकल्प लिया था...
290 बन गये, 105 बन रहे हैं, 123 के लिये जमीन ले ली गयी. BJP के सभी कार्यालय सुसज्जित और होटलों जैसी सुविधाओं को मात दे रहे हैं.
दोस्तों ! यानि पीएम मोदी ने स्कूल, अस्पताल, बांध, उद्योग आदि लगाने का वादा नहीं किया था, इसलिए उसकी उम्मीद न करें.
बीजेपी को छोड़कर कांग्रेस पार्टी, आम आदमी पार्टी, बसपा, सीपीएम और एनसीपी इन सभी राष्ट्रीय पार्टियों को 2023-24 के 1480 करोड़ चंदा मिला.
इन पार्टियों से ज्यादा चंदा गुजरात की पार्टियों को चंदा मिला है.
• आम जनमत पार्टी - 620 करोड़
• गरीब कल्याण पार्टी - 138 करोड़
• सत्यवादी रक्षक पार्टी - 330 करोड़
• स्वतंत्र अभिव्यक्ति पार्टी - 219 करोड़
• न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी - 200 करोड़
• भारतीय नेशनल जनता पार्टी - 191 करोड़
कुल मिलाकर इन राजनीतिक दलों को 1700 करोड़ के करीब चंदा मिला है.
इन सभी राजनीतिक दलों ने 2024 के लोकसभा चुनाव में एक या दो उम्मीदवारों को चुनाव में उतारा था.
इस बात की जांच पड़ताल बीबीसी की पत्रकार ने की. बीबीसी की खोजी पत्रकार हर पार्टी के ऑफिस के पते पर गयी. ज्यादातर बंद मिले. एक पार्टी के अध्यक्ष ने फ़ोन पर बात की और दूसरे मुलाकात का समय दिया. अन्य लोगों ने फोन नही उठाया. या मिलने से इंकार कर दिया.
Source : Election Commission & ADR
How grave a sin is it to be a Muslim? The Prime Minister had said Identify them by their clothes. Today, they are being identified by their clothes and by their names; they are being singled out and marked without having committed any fault. This is your New India.
Nafisa Khan
जिस थाने में इंसाफ़ की उम्मीद लेकर जाते हैं, उसी थाने के अंदर दो महिला पत्रकारों को पीटा जाए, तो सवाल सिर्फ़ पुलिस का नहीं, पूरी भाजपाई सत्ता का है।
शाहीन और नफीसा के लिए आधी रात को भी साकेत थाने के बाहर Youth Congress के साथी डटे रहे।
जिन पर मारपीट का आरोप है, उनके खिलाफ FIR दर्ज हो, मांग बस इतनी सी है।
जब थाने में ही इंसाफ़ कटघरे में हो, तो सड़क पर लड़ना ज़रूरी हो जाता है। ✊
When this attack happened, I personally went to the DCP and asked him to arrest these goons. The DCP replied, “We can’t arrest people randomly.”
I told him, “The attack happened right in front of the police. How can you say you can’t arrest them?”
To which the DCP replied, “You are free to go to the courts”
Such is the attitude of Delhi Police.
क्या मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अब इतना बड़ा अपराध हो गया है कि पत्रकार को पुलिस बेरहमी से पीटेगी?
आज दिल्ली में 4PM की पत्रकार शाहीन के साथ जो हुआ, वह बेहद गंभीर और डराने वाला है.
शाहीन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने की कोशिश कर रही थीं. शाहीन का आरोप है कि इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और मारते-पीटते थाने ले गई. उनका यह भी आरोप है कि जब पुलिसकर्मियों ने उनका नाम पूछा और नाम में ‘खान’ सुना, तो उनके साथ मारपीट और बढ़ गई.
अगर एक पत्रकार को सिर्फ इसलिए पीटा जाता है क्योंकि वह मुख्यमंत्री से सवाल पूछ रही है, तो यह मामला सिर्फ शाहीन या 4PM का नहीं है. यह देश की पूरी पत्रकारिता और प्रेस की आजादी का सवाल है.
पिछले दिनों 4PM ने दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जुड़े मामलों पर लगातार गंभीर सवाल उठाए और खबरें प्रकाशित की थीं. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या आज की कार्रवाई का उन खबरों और सवालों से कोई संबंध है?
मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अपराध कब से हो गया?
पत्रकार का सवाल सत्ता के लिए इतना खतरनाक कब से हो गया?
और किसी पत्रकार के नाम में ‘खान’ होना क्या उसके साथ मारपीट की वजह बन सकता है?
दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए.
हम मांग करते हैं कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो. घटनास्थल और थाने के CCTV सहित उपलब्ध सभी वीडियो फुटेज तत्काल सुरक्षित किए जाएं. यदि किसी पुलिसकर्मी ने शाहीन के साथ मारपीट या उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर दुर्व्यवहार किया है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
4PM सवाल पूछता रहा है और सवाल पूछता रहेगा.
पुलिस की ताकत से पत्रकार की आवाज दबाई नहीं जा सकती.
#Shaheen #PressFreedom #DelhiPolice #RekhaGupta #4PMNews #JournalismIsNotACrime
Fascist n hitler government n don't like that somebody ask the question of there failure n especially it should be dalit n muslim supreme court must take sua motto regarding this
BJP सरकार और दिल्ली पुलिस की गुंडई 👇
4PM की पत्रकार शाहीन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और मारपीट की।
शाहीन का कहना है- जब पुलिसवालों को पता चला कि वो मुसलमान हैं तो उन्हें और बेरहमी से मारा गया। उनके शरीर पर जख्म हैं.. कैमरापर्सन भी बेसुध पड़ी है।
एक पत्रकार के साथ ऐसा बर्ताव कतई सही नहीं है, दोषी पुलिसवालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, इसकी उम्मीद कम है, क्योंकि- BJP सरकार में सवाल पूछना गुनाह हो चला है।
पूरी दुनिया में शायद ही इसके जैसा कोई पलटू होगा!
इतनी जल्दी तो गिरगिट भी रंग नहीं बदलता
जितनी जल्दी ये रंग बदल लेता है! 🤡
मोदी जो कर दें ये उसे ही मास्टर स्ट्रोक बताता है !
अब बताओ इसकी पत्रकारिता पर कैसे भरोसा करेगा कोई ?
महाराष्ट्र में नया कानून आया है
भ्रष्टाचार दिखाओगे
नेताओं की गलतियां बताओगे
झूठ का पर्दाफाश करोगे
तो रात को उठा लिए जाओगे
"संतोष पंडित" को रात 1:00 बजे
देवेंद्र पुलिस गिरफ्तार करने पहुंची 😐
It's not voted by people of India
It's fake government so how the government can give right data it's fake data infiltration is High n jobs r not created it's fake gdp figure