पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा।
आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी।
NEET 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी।
परीक्षा नहीं - NEET अब नीलामी है।
कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले WhatsApp पर बिक रहे थे।
22 लाख से ज़्यादा बच्चे साल भर रात-रात भर आँखें जलाकर पढ़ते रहे और एक रात में उनका भविष्य बाज़ार में सरेआम नीलाम हो गया। यह पहली बार नहीं है। 10 साल में 89 पेपर लीक - 48 बार दोबारा परीक्षा। हर बार वही वादे, और फिर वही ख़ामोशी।
मोदी जी, जब आप अपनी हर नाकामी का बिल जनता पर डालते हैं, तो ग़रीब के बच्चों का भविष्य भी उसी बिल में आता है।
22 लाख बच्चों का भरोसा टूटा है। और मोदी सरकार से बड़ा ख़तरा भारत के युवाओं के सपनों के लिए कोई नहीं।
मैं भारत के युवा के साथ हूँ। यह वक़्त बेहद मुश्किल है - मैं जानता हूँ। लेकिन यह व्यवस्था ऐसे नहीं रहेगी। हम मिलकर इसे बदलेंगे।
मणिपुर की इस भयंकर त्रासदी में, मैं प्रधानमंत्री जी से अनुरोध करता हूं कि वो यहां आएं, लोगों की बात सुनें और उन्हें सांत्वना दें।
INDIA जनबंधन ऐसे हर कदम में सहायता करने को तैयार है जिससे स्थिति में सुधार हो सके और शांति बहाल हो सके।
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में AIIMS पहुंचे।
राहुल गांधी जी ने AIIMS के डॉक्टरों से मुलाकात की और सुविधाओं का जायजा लेने के साथ ही मरीजों का हाल-चाल जाना।
📍 उत्तर प्रदेश
मणिपुर में हिंसा शुरू होने के बाद, मैं तीसरी बार यहां आ चुका हूं, मगर अफसोस स्थिति में कोई सुधार नहीं है - आज भी प्रदेश दो टुकड़ों में बंटा हुआ है।
घर जल रहे हैं, मासूम ज़िंदगियां खतरे में हैं और हज़ारों परिवार relief camp में जीवन काटने पर मजबूर हैं।
प्रधानमंत्री को मणिपुर खुद आ कर प्रदेशवासियों की तकलीफ़ सुनते हुए शांति की अपील करनी चाहिए।
कांग्रेस पार्टी और INDIA मणिपुर में शांति की ज़रूरत को संसद में पूरी शक्ति के साथ उठाकर, सरकार पर इस त्रासदी को खत्म करने का दबाव बनाएंगे।
'बेरोज़गारी की बीमारी' भारत में महामारी का रूप ले चुकी है और भाजपा शासित राज्य इस बीमारी का 'एपिसेंटर' बन गए हैं।
एक आम नौकरी के लिए कतारों में धक्के खाता ‘भारत का भविष्य’ ही नरेंद्र मोदी के ‘अमृतकाल’ की हकीकत है।
Winning and losing happen in life.
I urge everyone to refrain from using derogatory language and being nasty towards Smt. Smriti Irani or any other leader for that matter.
Humiliating and insulting people is a sign of weakness, not strength.