मजदूर की मौत के जिम्मेवार वो राजनीतिक लोग भी है जो ठेकेदार के पीछे ढाल बनकर खड़े रहे
कि बस “पावर” तो हमारे पास है. तुम्हारा भला हम करेंगे, तुम किसी हाल में मजदूरों से समझौता मत करना.
लानत है ऐसी सियासत पर.
@RajCMO
एक दलित मजदूर मारा गया
जिसने अपनी जमीन दी राष्ट्र विकास के लिए।
बदले में अपने रोजगार के लिए धरना देना पड़ा और मिली तो क्या सिस्टम की नाकामी की बदौलत मौत....
@RajCMO@narendramodi@BhajanlalBjp
ठेकेदार की जिद, सरकार के तानाशाही रवैये और प्रशासन की घोर लापरवाही ने एक मजदूर की जान ले ली।
एक ठेकेदार जो बंदूक की नोंक पर अपनी धाक जमाने में लगा था। सरकार जो मजदूर की आवाज सुनने को तैयार नहीं। प्रशासन जिसने 50 डिग्री तापमान को नजरअंदाज कर मजदूरों की सुरक्षा को हल्के में लिया?
पिछले दो दिनों से एक वीडियो को लेकर बेतुकी बहस चल रही है उसको लेकर में सत्य और ऑथेंटिक बात कहना चाहता हूँ सभी बंधुगण समय निकालकर जरूर देखें
देखिए एक जनप्रतिनिधि एक दिन में क्या कर सकता है उसका सबसे बड़ा उदाहरण विधायक रविंद्रसिंह भाटी ने फिर से दिखाया।
मामला शिव विधानसभा के गवारिया समाज से जुड़ा हुआ था जहाँ एक नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला सामने आया इस मामले को लेकर ग्रामीणों और परिजनों द्वारा धरना दिया गया लोग अपनी मांगों को लेकर बैठे थे जो न्याय और कार्रवाई चाहते थे।
ऐसे समय में विधायक रविंद्र सिंह भाटी मौके पर पहुंचे पीड़ित परिवार से मुलाक़ात करके शिव थाने का घेराव किया गया और फिर धरना दे रहे ग्रामीणों पीड़ित परिवार और पुलिस प्रशासन के बीच संवाद करवाया,जो मांगे ग्रामीणों और माता-पिता की तरफ से रखी गई थीं उन पर प्रशासन द्वारा सहमति बनाई गई पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिया कि तय समय के भीतर कार्रवाई होगी और काम पूरा किया जाएगा।
यहीं एक सच्चे जनप्रतिनिधि की भूमिका होती है कि वो जनता की आवाज़ को प्रशासन तक पहुंचाना सहमति बनवाना,समाधान निकालना ✅💯 और भाटी ने भी वही किया।
लेकिन दुख तब होता है जब कुछ लोग हर मामले में रोड़ा डालने लगते हैं चंद ऐसे लोग जो खुद को बहुत बड़ी तोप समझने लगते हैं वे किसी भी समाधान को स्वीकार नहीं करना चाहते !!
धरना समाप्ति की ओर था प्रशासन मांगें मान चुका था सहमति बन चुकी थी, तभी एक व्यक्ति खड़ा होकर उल्टे सीधे बयान देने लगा विधायक साहब से ओछी भाषा में बात करने लगा और यहां तक कहा गया कि आप मुझे बैठाने वाले कौन हो ?
जरा सोचिए…
एक विधायक जो 55 डिग्री तापमान में जनता के लिए सड़कों पर खड़ा रहता है जो हर दर्द में लोगों के साथ खड़ा रहता है उसी को उन्हीं लोगों के बीच से कोई व्यक्ति इस तरह के शब्द बोल दे तो कहीं न कहीं उसकी गरिमा पर चोट जरूर लगती है।
लेकिन यही रविंद्र सिंह भाटी की सबसे बड़ी खासियत है भाटी छोटी छोटी बातों को दिल पर लेकर राजनीति नहीं करते उन्होंने गुस्से या अहंकार में जवाब नहीं दिया बल्कि बड़े आदर और संयम के साथ सिर्फ इतना कहा कि हमारी मांगों पर सहमति बन गई है अब आप नीचे बैठो और मामला समाप्त करो।
लेकिन उसके बाद कुछ तथाकथित तीसरे मोर्चे के लोग इस पूरे मामले को तोड़ मरोड़कर पेश करने लगे ऐसे दिखाया गया जैसे विधायक मामला दबाना चाहते हों जबकि सच्चाई अलग थी प्रसाशन सम्पूर्ण माँगो पर सहमत हो गया था
मगर कुछ लोगों को सिर्फ मुद्दों को बतंगड़ बनाकर अपनी राजनीति चमकानी है उन्हें समाधान नहीं चाहिए उन्हें सिर्फ विवाद चाहिए।
सच्चाई वही है जो वीडियो में साफ सुनाई दे रही है रविंद्र सिंह भाटी ने समाधान करवाया संयम रखा और फिर भी सम्मान के साथ लोगों से बात की
आज के समय में ऐसा बड़ा दिल और धैर्य हर किसी के बस की बात नहीं।
Write ✍️— रघु बिश्नोई मालानी
@RavindraBhati__@Vikram_sajiyali@prem_baba1622
राजस्थान के तीसरे मोर्चे की कमिया….
सुनिए अशोक गोदारा की ज़ुबानी….
आख़िर क्यों तीसरा मोर्चा 0 पर हैं…
इस वीडियो को सभी देखिए फिर साउथ वाले विजय और राजस्थान वाले नेताजी की तुलना करना…!!
साफ़ सुथरी और सही बात कही है भाई ने ✅👍
80 साल की उम्र में अग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाले स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह जी के विजयोत्सव दिवस पर भारत माता के इस महान सपूत को शत शत नमन।
सच्चे भाजपा समर्थक व भाजपा कार्यकर्ता के साथ साथ श्री #भवानी_निकेतन संस्था में पदस्थ .... सम्पत सिंघ जी धमोरा अपनी कुलदेवी वसुंधरा राजे सिंधिया को याद करते हुए ...
यदि आपको लगता है भवानी निकेतन के दरवाजे आम राजपूत के ठहरने के लिए खोले जा सकते थे तो आपकी मासूमियत पर वारे जाऊं
सिक्योरिटी की जरुरत उनको होती जिनके साथ कोई नही होते हैं....
हमारे भाई पर तो देवीय शक्तियों का साक्षात आशीर्वाद साथ चलता है।
बुजुर्गो का आशीर्वाद साथ चलता है।
माताओं का स्नेह साथ चलता है।
लाखों युवाओं की सहयोग साथ चलता है।
@RavindraBhati__
“जिन हाथों में शक्ति भरी है राजतिलक देने की,
उन्हीं हाथों में ताकत है स'र उतार लेने की” ✊
बलिया के बाबू साहब, युवा राजनीति के प्रेरणा श्रोत, निष्पक्ष राजनिति के प्रतीक श्रध्देय चंद्रशेखर सिंह जी के जयंती पर कोटि-कोटि नमन 💐
#चंद्रशेखर जी
70 साल का बुजुर्ग इस तपती सड़क पर बैठा है
आज का तापमान 46 डिग्री था दोपहर में ये कोई अपने लिए
जमीन अलॉट करवाने नहीं गए बल्कि गायों के लिए ओरण गोचर के लिए गए जयपुर तनोट से जयपुर पैदल पद यात्रा में गए थे नेताओं से सिर्फ ac के कमरों में बैठे के वीडियो देखे
#ओरण#बचाओ
रवींद्र सिंह भाटी ने ओरण यात्रियों के प्रदर्शन स्थल से सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि–
“जब सरकारें बहरी हो जाती हैं, तो उन्हें सुनाने के लिए धमाके की जरूरत पड़ती है। यदि समय रहते सरकार जाग जाती है तो ठीक है, वरना यह तो सिर्फ ट्रेलर है, पूरी फिल्म अभी बाकी है।”
गाय और हिंदुत्व के नाम पर वोट मांगकर भाजपा सरकार में आई... पर जिस ओरण बचाने हेतु वीरों ने बलिदान दिया वो ओरण भाजपा सरकार राजस्व में दर्ज नही कर पा रही हैं...
अगर दर्ज कर ली तो अपने आकाओं की कम्पनियों को जमीन मुफ्त में कैसे बांटेंगे... ?
स्थानीय भाजपा नेता कमीशन कैसे लेंगे फिर.. ?