कांग्रेस और बीजेपी में क्या फर्क है, इन दोनों महिलाओं से समझ जाइये.
पहली तस्वीर में RG KAR कॉलेज की बलात्कार पीड़ित छात्रा की माँ रत्ना देबनाथ हैँ. जिनको बीजेपी ने वादा किया वो वो इंसाफ दिलाएंगे उनको.
चुनाव लड़वाया, इनकी बेटी के नाम पर ममता सरकार को बदनाम किया, पर न्याय मिलना तो दूर की बात, अभी तक केस का ही अता पता नहीं.
दूसरी तस्वीर में आशा देवी हैँ जिनकी बेटी ज्योति के साथ हैवानियत हुई, कांग्रेस की सरकार हिल गयी
निर्भया के नाम से जानी गयी..
राहुल गाँधी ने वादा किया आपके बेटे को पायलट बनाएंगे, पढ़ाया लिखाया, सरकार चली गयी फिर भी पायलट बनाया.
रत्ना विधायक बनकर भी इंसाफ नहीं पा सकी
आशा देवी को बगैर राजनीती में गए भी इंसाफ मिल गया और बेटे का भविष्य भी.
सोचिये, अगर निर्भया बीजेपी के वक़्त हुआ होता तो क्या इनको इंसाफ मिल पाता??
First NEET, now CBSE. Something has gone horribly wrong in our exam system. Now you know why COCKROACHES are coming out in droves!! (And to think that the young student who raised his voice was labelled a Pakistani! Shame😡) https://t.co/UKjUZiVum2
The boy whose NEET was ruined, the father whose gold shop is about to be ruined, and the mother whose kitchen budget is ruined, all three are on Twitter (X) to abuse the Norwegian journalist who questioned Modi who is their God.
THIS IS PEAK WHATABOUTERY 🔥
REPORTER: Why should Norway trust India when fundamental rights are being violated?
MEA: We have Gandhi, ancient civilisation, and a Constitution that guarantees fundamental rights.
REPORTER 🎯: Exactly. I know India has fundamental rights. That is why I asked about violations.
MEA: If rights are violated, people can go to court. 😐
REPORTER: That’s the point. Why are people forced to go to court for basic rights?
MEA: It’s my press conference. I will decide.
REPORTER: When will PM take free questions from the press?
MEA: Next question.
NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी।
22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया।
किसी पिता ने कर्ज़ लिया,
किसी माँ ने गहने बेचे,
लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,
और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार।
यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।
हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं।
अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे।
अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा?
प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
NEET paper leaked.
The rupee is at an all-time low.
Petrol & diesel prices are about to rise.
₹5 lakh crore wiped out from the Indian stock market today.
A massive economic crisis is knocking on our door.
Meanwhile, this is the 3rd roadshow of this man in the last 24 hours:
NEET 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी।
परीक्षा नहीं - NEET अब नीलामी है।
कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले WhatsApp पर बिक रहे थे।
22 लाख से ज़्यादा बच्चे साल भर रात-रात भर आँखें जलाकर पढ़ते रहे और एक रात में उनका भविष्य बाज़ार में सरेआम नीलाम हो गया। यह पहली बार नहीं है। 10 साल में 89 पेपर लीक - 48 बार दोबारा परीक्षा। हर बार वही वादे, और फिर वही ख़ामोशी।
मोदी जी, जब आप अपनी हर नाकामी का बिल जनता पर डालते हैं, तो ग़रीब के बच्चों का भविष्य भी उसी बिल में आता है।
22 लाख बच्चों का भरोसा टूटा है। और मोदी सरकार से बड़ा ख़तरा भारत के युवाओं के सपनों के लिए कोई नहीं।
मैं भारत के युवा के साथ हूँ। यह वक़्त बेहद मुश्किल है - मैं जानता हूँ। लेकिन यह व्यवस्था ऐसे नहीं रहेगी। हम मिलकर इसे बदलेंगे।
India is reaching a point where if you try to talk sense, people will abuse you, threaten you and virtually lynch you in the streets.
And that is one of the greatest achievements of Ruling party.
They didn't just destroy institutions. They destroyed minds.
Jai hind , Mera Bharat Mahaan🙏
प्रिय देशवासियों,
आज प. बंगाल आकर चुनाव की महाधांधली और महाबेईमानी के बारे में जानकर ये लगा कि अब बात केवल चुनाव की प्रक्रिया को बचाने की नहीं है, देश को बचाने की है।
आज देश उन गलत हाथों में चला गया है जो संविधान, लोकतंत्र, आरक्षण, स्वतंत्रता, समता-समानता, न्याय, गरिमा, देश की एकता-अखंडता, सद्भाव-सौहार्द-बंधुत्व, महिलाओं के मान-सम्मान, युवाओं, किसानों, मज़दूरों, शोषित, वंचित, ग़रीब कुल मिलाकर पीड़ित-पीडीए के वर्तमान व भविष्य के हक़ और अधिकारों के घोर विरोधी हैं।
भाजपाई और उनके मुख़बिर संगी-साथी आज़ादी से पहले भी देश के विरोधी थे और आज़ादी के बाद भी हैं।
अब देशवासियों को ये समझना है कि :
- देश की एकता और व्यवस्था को भंग करके कमज़ोर करनेवाले ये लोग किसके एजेंट हैं?
- स्वदेशी की बात करके विदेश से पैसा लेनेवाले ये लोग कौन हैं?
- ये अनरजिस्टर्ड क्यों हैं और अंडरग्राउंड क्यों रहते हैं?
- ये कोविड के नाम पर जनता से जमा किये चंदे का हिसाब क्यों नहीं देते हैं?
- ये भ्रष्टाचार को बढ़ाकर देश को बर्बाद क्यों कर रहे हैं?
- ये देश की तरक़्क़ी के लिए योजना बनानेवाले ‘योजना आयोग’ को समाप्त करके देश के विकास को ख़त्म करने की चाल क्यों चल रहे हैं?
- ये शिक्षा पर क़ब्ज़ा करके देश की मानसिक शक्ति को खोखला क्यों कर रहे हैं?
- ये सरकारी स्कूलों को बंद करके आम जनता के बच्चों को अनपढ़ रखने का षड्यंत्र क्यों कर रहे हैं?
- नोटबंदी से छोटे कारोबार के ख़ात्मे की साज़िश क्यों करी?
- नोटबंदी घोटाले में बैंकिंग व्यवस्था को नोट बदलने के नाम पर भ्रष्ट क्यों किया?
- जीएसटी को जानबूझकर उलझाऊ और भ्रष्ट बनाकर ये देश की अर्थव्यवस्था को चौपट क्यों कर रहे है?
- ये अपने लोगों को पैसा जमाकर करके बाहर क्यों भेज देते हैं?
- विश्वगुरु का दावा करनेवाले विश्व के विभिन्न देशों में भाग गये, देश के लुटेरों को ये लोग वापस क्यों नहीं ला रहे हैं?
- ये साम्प्रदायिकता का ज़हर फैलाकर देश की एकता को क्यों तोड़ना चाहते हैं?
- राजनीतिक दलों को तोड़कर ये लोग देश की राज-व्यवस्था को नेस्तनाबूद करने पर क्यों आमादा है?
अब वो निर्णायक समय आ गया है, जब हम सबको मिलकर इन देश विरोधी नकारात्मक ताक़तों को हमेशा के लिए हराना होगा, देश को बचाना होगा, और देश की नई आज़ादी के लिए तिंरगा उठाना होगा!
आपका
अखिलेश