Now the Modi Paglu Boomer uncles will download insta and make it into another facebook. They will f*ck the algorithm real hard. You are not ready for this bro @RahulGandhi.
“Why don’t the gods speak to us in a language we can understand?
“WHEN…YOU…ESCAPE…THE…CYCLOPS…DONT…SHOOT…HIM…WITH…AN…ARROW”
“So ethereal. So mysterious.”
नाज़-ओ-अंदाज़ से कहते हैं कि जीना होगा,
ज़हर भी देते हैं तो कहते हैं कि पीना होगा।
जब मैं पीता हूँ तो कहते हैं कि मरता भी नहीं,
जब मैं मरता हूँ तो कहते हैं कि जीना होगा
~ सोनम ढींचुक
@Oye_Jahazi Bola toh aapne sach hi hai aur Sachhai चुभ jaati hai sir.
हालांकि bahut ghar plastered hai,finished hai.
& bahut sare Unfinished hone ke bhi bahut sare valid karan hn sir.
Ab badal rha hai situation slowly,
Aap aiye kvi begusarai ghumne hamare taraf,idher jahaziyo ka v group hai.
आप जब बचपन में अलजेबरा बनाते थे तो कहते थे - let the value be x.
जब उस समय आपने मान लिया कि ये x है वैल्यू तो अभी आपको क्या परेशानी है मान लेने में कि 12 राशियां हैं ।
हमने मान लिया है कि 360 आकाश में 30 डिग्री के बारह खंड हैं ।
बेटों में बराबर बांटता है आदमी ।
पर जब आप ज्योतिष में गहरे घुसेंगे तब पता चलेगा कि हर राशि ३० डिग्री की है भी नहीं ।
कुछ दीर्घ राशि हैं, 30 से ज्यादा मान है उनका । कुछ ह्रस्व राशियां हैं, 30 से कम मान है उनका ।
सब हमारा माना हुआ है । हमने आकाश के इस हिस्से को मेष कह दिया, उस हिस्से को तुला । कारण वो दौर था जब तारे साफ दिखाई देते थे पॉल्यूशन बिल्कुल नहीं था । कोई तारों का झुरमुट भेंड की तरह दिखा, कोई तारों का झुरमुट ऐसा जैसे कोई तराजू हाथ में लिए खड़ा है ।
ये दरअसल एक आब्जरवेशन का साइंस है । बरसों के अनुभव लोग संजोते चले गए ।
मैं जब पहले शेयर मार्केट शुरु किया तो दो चार दिन सही होता था, दो चार दिन गलत । आब्जर्व करता गया एक्युरेसी बढ़ती गई । अब रेयरली रांग होता हूं ।
मन शांत करने कहा गया , ध्यानस्थ होने । जितने आप शांत होंगे प्रकृति उतना रिवील करेगी खुद को ।
आदमी जीवन में दो ही कामना करता है या तो इतनी लंबी आयु दे दो कि प्रकृति के इवेंट्स मुझ पर ज़ाहिर होते जाएं । मसलन जब डॉट कॉम बबल फूटा तबाही हुई, आज ए आई में हम फूंक फूंक कर कदम रख रहे । क्यों ? हमारे सामने ऐसा पहले भी हो चुका है । हम तैयार हैं । तो हमारी आयु यदि इतनी लंबी हो जाए कि प्रकृति के सारे इवेंट्स कम से कम तीन बार रिपीट हो जाएं तो हम प्रकृति जीत लेंगे ।
या फिर आदमी विद्या चाहता है , ठीक है उम्र नहीं लंबी कर सकते , तो कम उम्र में सारे रहस्य उद्घाटित करो - विद्या देकर ।
और जब सारे रहस्य समझ लिए तो अमर हो गए ।
आदमी अमर होना चाहता है । या तो दीर्घायु होकर या विद्या से ।
वो ईश्वर होना चाहता है । ईश्वर का बेटा ईश्वर होना चाहता है ।
पुरुष है प्रकृति पर विजय चाहता है ।
प्रकृति पर कंट्रोल नहीं कर पाता अपनी लिमिटेशन के चलते तो बीवी को कंट्रोल करने लगता है ।