ये लड़की एक छात्र है । भाजपा या आरएसएस की कार्यकर्ता नहीं । ऐसे बहुत से नौजवान और छात्र देश के प्रधानमंत्री की देश के प्रति सेवा के समर्पण के भाव को समझते है लेकिन टुकड़े टुकड़े गैंग और धरातल खो चुकी राजनैतिक पार्टियों के मुखिया अपना धरातल दूसरों के आंदोलन में खोजते भाग रहे है ।
Here comes trouble !!🔥
The Delhi High Court grants an NGO permission to file a case of recovery of compensation due to damage of public & private property by the CJP protestors.
(Those who have vandalised public or private property should be made liable to compensate for the losses.)
क्यूं गई थी बिटिया वहां...??
.. वहां जो महिलाये लड़कियां दिख रही वो,महिला के कैटेगरी से बाहर की हैं,वो अपनी इज्जत पचासों खूंटे पर टांग चुकी हैं...
वो तुम्हारी मदत नहीं करेंगी,बल्कि इन भेड़ियों के बीच फेंक देंगी...
रील बनाने के बहुत से जगह हैं, वहां जा कर बनाओ....
नहीं चाहिए ऐसी सरकार ।
हमें चाहिए वह पुरानी वाली कांग्रेसी सरकार, जब 10 10 घंटे बिजली नहीं रहा करती थी और घर के लोग एक जगह इकट्ठा हो जाते थे।
हमें नहीं चाहिए ऐसी सरकार जहां हर किसी के पास मोबाइल है। वह सरकार चाहिए जहां बड़ी सिफारिश के बाद एक टेलीफोन लगता था और मोहल्ले में रुतबा बढ़ जाता था।
हमें वही कांग्रेसी सरकार चाहिए जब चारों तरफ पटाखे बजाते थे। बसों में बम फटते थे। ट्रेनों में ब्लास्ट फटते थे। बाजारों में कुकर बम फटते थे।
नहीं चाहिए EVM से चुनाव कराने वाली सरकार हमें चाहिए। वह बैलट पेपर से चुनाव लड़ने वाली कांग्रेसी सरकार चाहिए। जब वैलेट पेपर लूट लिए जाते थे। बैलट बॉक्स लेकर लोग गायब हो जाते थे। जिसकी लाठी उसकी भैंस के तर्ज पर वोट पड़ा करते थे।
हमें चाहिए वह कांग्रेसी सरकार जब गैस सिलेंडर के लिए हमे दो-दो घंटे लाइन में खड़ा रहा करते थे।
हमें चाहिए वह कांग्रेसी सरकार है जब बिजली का बिल टेलीफोन, बिल पानी का बिल जमा करने के लिए घंटा लाइन में खड़े रहा करते थे। इसके लिए ऑफिस से पढ़ लो मारा करते थे। हमें वह कांग्रेसी सरकार चाहिए जब बैंकों में पैसा जमा करने के लिए और निकालने के लिए हमें आधा दिन लग जाया करते थे। यूपीआई के जरिए घंटे का काम मिनट में हो जाता है।
सच में यार अब जिंदगी में मजा नहीं आ रहा है।
एक बार पप्पू G को प्रधानमंत्री बन ही देते हैं। अगर वह नहीं है तो ठग्गू को बना देते हैं। सबसे अच्छा होता नवीं फेल को पीएम बना दें, इतना पढ़ा लिखा आदमी कहां मिलेगा। उसकी माता को शिक्षा मंत्री। किसी जमानत धारी सजायाफ्ता को कानून मंत्री। नेताओं को एक बार जमानत मिल गया तो पूरी जिंदगी लग जाएगा मुकदमा शुरू होने में। मुकदमा मरने के साथ अपने आप ही खत्म हो जाएगा।
अगर ऊपर के नेता पसंद नहीं आए तो कॉकरोचों में से ही किसी को पकड़ लेते हैं। उसी को देश की बागडोर पकड़ा देते हैं। वैसे भी इस देश को अच्छे इंसानों , अच्छे नेताओं की नहीं, कॉकरोचों की जरूरत है जो धीरे धीरे इसे खा जाएं।
संविधान संशोधन कर हंगामा के लिए मशहूर्तसंसद को ही खत्म कर देते हैं कानून बनाने के लिए संसद की क्या जरूरत है? देश का पैसा ही बचेगा। इंदिरा गांधी की तरह 'जो हम कहें वही कानून है" के तर्ज पर इस देश को चलने देते हैं.
खुश रहो।
जय हिंद।
Demand of "Azad Kashmir" from Cockroach Protest at Jantar Mantar...
How's it connected to NEET? How's it related to students? And more importantly, is it acceptable? .
Clearly this place has become a assembly point of Jiahdis-Naxalis..
This Muslim girl exposed the truth behind the Jantar Mantar protest.
Instead of addressing her points, CJP supporters are abusing her in the comments.🙂
आज सनातन की रक्षा के लिए सभी हिंदुत्ववादी योद्धाओं को संगठित होना पड़ेगा
अगर मेरे साथ जंतर मंतर नहीं पहुंचे तो हमारे बच्चों का भविष्य अंधकारमय होगा ,
@aajtak@PMOIndia@the_hindu