@reliancejio गुरुग्राम ओल्ड/न्यू कोर्ट परिसर, मिनी सेक्ट्रिएट , लेजर वैली महाराणा प्रताप पार्क jio mobile Internet not working पिछले एक महीने में पहले दो स्थानों पर ये प्रॉब्लम थी आज तीसरी जगह भी इंटरनेट नहीं था क्या करे आपके 1000-1000 के रिचार्ज का, पोर्ट करना पड़ेगा लगता है।
महोदय @DGPHaryana@CP_Gurugram@police_haryana@HomeHaryana
थाना पालम विहार (गुरुग्राम) पुलिस की शिथिलता व "खानापूर्ति की नीति" के कारण जालसाज किराएदार अंजू अग्रवाल व मनीष अग्रवाल का दुस्साहस इस कदर बढ़ चुका है कि वे मुझ निर्दोष मकान मालिक का पुराना बकाया किराया हड़पने और अपने ही गरीब कारीगर मोहम्मद परवेज आलम के लाखों रुपये डकारने के लिए कानून का मज़ाक उड़ा रहे हैं।
महोदय, मेरे पिछले ट्वीट पर स��ज्ञान लेते हुए @gurugrampolice ने आधिकारिक आदेश दिया था: "Your grievance has been sent to the concerned police official for necessary legal action." इस आदेश के बाद मामला SI सुरेश जी को सौंपा गया। लेकिन पालम विहार पुलिस ने गंभीर कानूनी कार्रवाई करने के बजाय केवल वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने के लिए एक सतही रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद (Close) करना चाहा है। पुलिस ने केवल यह देखकर मामला रफा-दफा कर दिया कि "ताला खुल चुका है और दुकान का अधिकार मकान मालिक के पास आ गया है", ��बकि अपराधियों द्वारा रचे गए इस संगठित सिंडिकेट और वित्तीय धोखाधड़ी को पूरी तरह नजरअंदाज (Ignore) कर दिया गया है।
दोषियों की इस घिनौनी जालसाजी और आपराधिक मंशा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. गरीब कारीगर मोहम्मद परवेज आलम के साथ ₹7.94 लाख की बड़ी धोखाधड़ी: इन आरोपियों ने अपने पास पिछले 5 साल से काम कर रहे सीधे-साधे कारीगर परवेज आलम के भरोसे का फायदा उठाकर उससे समय-समय पर कुल ₹7,94,000/- की बहुत बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी की है। आरोपियों ने उसके नाम का दुरुपयोग कर जालसाजी से एक Activa स्कूटर (HR26FD4150) भी खरीदा। वाहन का कब्जा और इस्तेमाल खुद आरोपी कर रहे हैं और बिना इंश्योरेंस व बिना प्रदूषण के लापरवाही से गाड़ी चलाकर प्रार्थी के नाम पर ₹35,000/- के 5 ट्रैफिक ���ालान करवा दिए हैं, जिसका मानसिक और कानूनी बोझ परवेज आलम झेल रहा है। जब भी परवेज अपने पैसे और स्कूटर मांगता है, तो उसे दुकान में सरेआम डराया-धमकाया जाता है।
2. मकान मालिक का पुराना बाकी किराया हड़पने की साजिश: प्रार्थी (मकान मालिक) का किराया दबाने के लिए आरोपियों ने कल (17/09/2026) दबाव में आकर 1 महीने का किराया और बिजली बिल ऑनलाइन चुकाया। व्हाट्सएप प�� उन्होंने चालाकी से इसे "सितंबर महीने का रेंट" लिखवाने का प्रयास किया ताकि प्रार्थी का पिछला भारी बकाया (जुलाई व अगस्त का रेंट 20,000/-, पिछले साल का ₹16,000/- रेंट और पूरे 1 साल से लंबित बिजली बिल 19,500/-) भुलाया जा सके।
3. ₹50 लाख की रंगदारी (Extortion): प्रार्थी का यह पुराना बाकी किराया न देना पड़े, इसलिए इन लोगों ने पहले अपने वकील अनिल गुप्ता के माध्यम से मुझे मनीष अग्रवाल के "ब्रेन हेमरेज" का झूठा डर दिखाकर ₹30 लाख के खर्च का हवाला देते हुए ₹50 लाख के हर्जाने की अवैध मांग (Extortion) की।
4. वैधानिक नियमों का उल्लंघन व फर्जीवाड़ा: आरोपियों ने आज तक रेंट एग्रीमेंट साइन नहीं किया और न ही अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) कराया। पुलिस वेरिफिकेशन से भागना और पुलिस को दिए लिखित जवाब में अपने घर का पता फर्जी/गलत लिखना यह साफ दर्शाता है कि वे अपनी पहचान छिपा रहे हैं, जो गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर के आदेशों का सीधा उल्लंघन है।
5. महिला होने का नाजायज फायदा व कानूनों का घिनौना दुरुपयोग: आरोपी अंजू अग्रवाल महिला सुरक्षा के लिए बने सख्त कानूनों का ढाल और हथियार की तरह बहुत बड़ा गलत फायदा उठा रही हैं। उन्हें पता है कि कानून महिलाओं के लिए नरम है, इसी का फायदा उठाकर वे मुझ निर्दोष दुकान मालिक पर और अपने ही पीड़ित कारीगर परवेज आलम पर दबाव बनाने के लिए 'शिकायत पर शिकायत' और 'झूठे आरोप पर आरोप' लगा रही हैं। अपनी इस वित्तीय जालसाजी को छुपाने के लिए इन्होंने 14 सितंबर को पहले बेटी से ताला तोड़ने की झूठी लिखित शिकायत दिलाई (जो शाम को बेटी शिखा द्वारा खुद चाबी लाकर ताला खोलने की दुकान के सीसीटीवी में झूठी साबित हो चुकी है) और अब अपने दूसरे वकील विनोद कुमार भारद्वाज के जरिए पुलिस को लिखित जवाब देकर मुझ पर महिला शील भंग (IPC/BNS धारा 354) का घिनौना व 100% झूठा आ��राधिक आरोप मढ़ दिया है, जबकि उस समय (08 सितंबर दोपहर 2:40 बजे) मैं अपने मित्र श्री जितेंद्र यादव के घर शोक सभा में था, जिसके 5 सम्मानित चश्मदीद गवाह मौजूद हैं।
महोदय, स्थानीय पुलिस द्वारा केवल "ताला खुल गया" कहकर अपराधियों की रंगदारी, गरीब मजदूर का पैसा और स्कूटर हड़पने, किराया दबाने के लिए रची गई फर्जी शिकायतों और महिला कानूनों के घिनौने दुरुपयोग जैसे गंभीर अपराधों को नजरअंदाज करना कानून का हनन है... कृपया शिकायत से संबंधित अगला ट्वीट भी पढ़ें
@TrafficGGM@OfficialGMDA धनकोट नहर पर प्रत्येक दिन हालात ट्रैफिक जाम जैसे रहते है भले ही वहां वाहनों का संचालन वन वे किया गया है फिर भी जाम मे कोई राहत नहीं है ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए और रोड का नहर के ऊपर पुल सहित चौडीकरण किया जाए।
1st Sh. Mehtab Singh ( Coach ) Memorial Kurash Open Tournament held on August 9, 2026, in Sarai Alawardi village Community Centre, GGM.
Players participated enthusiastically in this competition and won medals.
The Village Sarai Alawardi Committee provided excellent hospitality.
हरियाणा का नागरिक होने के नाते में भी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी से प्रार्थना करता हूं कि विपक्षी पार्टी @INCIndia के बड़े नेता श्री @DeependerSHooda जी के इस विषय को जरूर माना जाए ताकि #CWG_2030 खेलो की मेजबानी की तैयारी करते समय हरियाणा प्रदेश का चहुमुखी विकास हो सके ।
भाजपा सरकार को 'राज्यधर्म' की बजाय 'राजधर्म' निभाना चाहिए!
हमारी मांग है कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अवसर हरियाणा को मिलना चाहिए। हमारा लक्ष्य सिर्फ 2030 खेलों की मेजबानी करना नहीं, बल्कि पदक तालिका में नंबर-1 पर आना होना चाहिए। यह लक्ष्य हरियाणा जैसे खेल प्रधान राज्यों में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर बनाकर ही हासिल किया जा सकता है।
@police_haryana Good Job Sir👍
Best of luck to all officers.
Remaining ever-dedicated to safeguarding the interests of citizens and steering society towards progress during your tenure will also lead to your own advancement.
Jai Hind.
@M9350934710@drm_dli@RailMinIndia 3 महीनों पहले इस LHS -24 की दीवार के जोड़ो मे कैमिकल भरा गया था ताकि बारिश मे बहार का पानी ज्वाइंट से अंदर ना रिशे, उसको भी जांचा नहीं गया क्योंकि अब बारिश मे ज्वांइट से पानी अंदर गिर रहा था
बिल तो उस काम का भी पास हो गया होगा।
दिल्ली से रेवाड़ी 82 km मे दर्जनों सबवे का कमीशन 🤫
@drm_dli सर कितना कमिशन मिला होगा अफसरों को ❓ ठेकेदार द्वारा इस अतिक्रमण वाली दीवार को बिना स्टिकर बैनर हटाये और पिल��ों को छोड़कर वाइट वाश कर दिया गया है करीब 30 दिन बीत चुके है इस काम को हुए , बिल तो पास हो ही गया होगा ❓
क्या अफसरों की कोई जिम्मेदारी नहीं है @RailMinIndia