@Raghuraj_Bhadri कैप्टन स्मित मछार की वीरता और साहस निश्चित रूप से देश के लिए गर्व का विषय है। ऐसे जांबाज़ सैनिकों के योगदान को सम्मान और पहचान मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। 🇮🇳🙏
कैप्टेन स्मित मछार की बहादुरी की प्रशंसा पूरा विश्व कर रहा है, हम सभी भारतीयों के लिये ये बहुत गर्व और प्रसन्नता की बात है।
कितना अच्छा होगा यदि इन्हें ससम्मान भारतीय सेना में पायलट के पद पर नियुक्त किया जाये, कृपया केन्द्रीय नेतृत्व विचार करना चाहे।
प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आने का ऐलान करने वालीं दिव्या मित्तल की कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के साथ तस्वीर सामने आई है. इस तस्वीर को जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के वरिष्ठ नेता डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने सोशल मीडिया पर साझा किया है. तस्वीर सामने आने के बाद दिव्या मित्तल के अगले राजनीतिक कदम को लेकर सियासी गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है. हालांकि, दिव्या मित्तल ने पहले ही स्पष्ट किया है कि वह किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जाएंगी.
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छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर दिल्ली में एक भी सड़क नहीं फिर ज़ालिम सुल्तान औरंगज़ेब के नाम क्यो?
शाहजहाँ, जहाँगीर, अकबर आक्रांताओ के नाम सड़कें है
इन ज़ालिम आक्रांताओं के नाम हटाकर अपने राष्ट्रनायकों और विरासत को सम्मान मिलना चाहिए
जय हो राजा भैया आपको नमन 🔥👏
रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया ने योगी सरकार और चुनावी माहौल पर खुलकर बात की।
उन्होंने कहा कि आम जनता चढ़ावा चोरी में योगी को दोषी नहीं मानती।’ वहीं गठबंधन के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि ‘सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं होगा… कई सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी।’
किसका होगा ‘विजय तिलक’?
मेरे साथ देखिए NEWS LEADER-Matrize Survey।
@Raghuraj_Bhadri
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[Raja Bhaiya, Raghuraj Pratap Singh, NEWS LEADER Matrize Survey, UP Election, UP Opinion Poll]
सुल्तानपुर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कुछ वर्चस्वादियों ने जिस तरह जन्माष्टमी के आयोजन में बाधा-अड़चन डालकर पूजा-अर्चना का खंडन किया है वो सिर्फ़ किसी समुदाय की आस्था पर प्रहार ही नहीं पाप भी है और अपराध भी।
इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच हो और दोषी प्रभुत्ववादियों को ऐसी सज़ा मिले कि फिर कभी किसी का घमंड सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का दुस्साहस न कर सके।
इन जैसी घटनाओं के पीछे उच्चता की दुर्भावना काम करती हैं और ऐसा करने के पीछे ‘सत्ता सजातीय होने का अहंकार’ मूल कारण होता है।
सब जानते हैं कि धर्म-कर्म में बाधा उत्पन्न करनेवालों को क्या कहते हैं।
घोर निंदनीय!