Why Elections ?
If the party symbol
Sends you to Parliament
How can you walk over
Join another party with another symbol
You did not get elected on that symbol !
No principle of constitutional law can permit this !
Immoral
Illegal
Unconstitutional
Over to Court !
I visited the southernmost tip of India.
I stood at Indira Point. I walked under trees that have stood for centuries. I dove into coral reefs among the most vibrant on earth.
And I sat with the people who live there. Tribal communities, whose land is being taken away by violating the Forest Rights Act. Settlers, many of them former soldiers, placed on these islands by the Indian government, who aren’t getting fair compensation.
The Modi government and BJP tells you Great Nicobar Project is about defence. It is not.
Expand INS Baaz - we will back the government fully. The Navy has been asking for expansion for five years - it has been ignored.
They tell you it is about a transhipment port. It is not. India is already building one in Kerala, which is on the mainland.
What it actually is: 1.5 crore trees felled. Coral reefs erased from official maps. Soldiers and tribals displaced - so one businessman can build hotels and casinos on India’s most irreplaceable ecological land.
Every young Indian I have spoken to understands this. You know that no amount of profit is worth destroying what can never be recovered.
I stand for ecologically balanced development. These islands can be the most extraordinary sustainable destination the world has ever seen. That is the India worth fighting for.
#GreenOverGreed
#NicobarMatters
#WorldEnvironmentDay
12 वर्षों की गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और compromised विदेश नीति ने आज देश को ऐसे हालात में ला खड़ा कर दिया है जहाँ लाखों गरीब परिवारों और महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले धुएं की तरफ धकेल दिया गया है।
उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दिया गया। उसपर पिछले 3 महीनों में घरेलू LPG सिलेंडर के दाम ₹89 बढ़ा दिया गया - मतलब, पहले दाम बढ़ाओ, फिर सब्सिडी घटाओ, गरीबों का चूल्हा बुझाओ।
प्रवासी मजदूरों की जीवनरेखा, 5 किलो का सिलेंडर भी ₹323 महंगा कर दिया - वो कमाएगा क्या, खाएगा क्या, और बचाएगा क्या?
अरबपति मित्रों को लाखों करोड़ों की कर्ज़माफ़ी दिलाना और गरीबों को अपनी नाकामियों का बिल थमाना - ये लूट का मोदी मॉडल है।
मोदी जी, क्या आपकी नाकामियों का बोझ सिर्फ गरीब उठाएंगे? क्या आपकी बनाई इस चरमराती अर्थव्यवस्था की कीमत मजदूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग ही चुकाएंगे?
The government has taken down our iconic website - https://t.co/ELmb4ZlEed.
10 Lakh cockroaches had signed up on our website has members.
6 Lakh cockroaches had signed a petition to demand the resignation of Dharmendra Pradhan.
Why is the government so scared of cockroaches? But this dictatorial behaviour is opening the eyes of India's youth. Our only crime is we were demanding a better future for ourselves.
But you can't get rid of us that easily. We’re working on a new home right now. Cockroaches never die. 🪳
देश के युवाओं के सामने एक गंभीर बात रखना चाहता हूँ।
एक काम कीजिए - खुद Google कीजिए: “NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था, और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है?”
देखा? समझ आया?
BJP इसी तरह आप जैसे लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम देती है - उनकी रक्षा करती है, ऊपर से उन्हें तरक्की देती है।
साफ़ है - मोदी जी और भाजपा आपके भविष्य की चोरी में ख़ुद साझेदार हैं।
जिस बाज़ार में आपकी मेहनत, आपके सपने नीलाम हो रहे हैं, उसका एक ही उसूल है - जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।
Breaking news 🚨
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर बड़ा दावा किया है।
ट्रम्प कह रहे हैं कि जब मैंने देखा की भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हो रहा है तो मैंने दोनों देश के नेताओं को फ़ोन किया।
फ़ोन करने के बाद कहा कि अगर तुम दोनों लड़ोगे तो मैं तुम दोनों पर 200% टैरिफ़ लगा दूँगा।
जब दोनों देश के नेताओं ने पैसे की बात देखते ही कहा कि- हम नहीं लड़ना चाहते हैं।
डॉनल्ड ट्रम्प के इस दावे में कितनी सच्चाई हो सकती है ?
या AI इंजिनिअर तरुणांचं करावं तेवढं कौतुक कमी आहे.. अजितदादा गेल्यावर जगाला जसे गिधाडांची वृत्ती दिसली तसं सामाजिक भान जपणारी तरुणाईही दिसली..
या तरुणांनी एक आदर्श घालून दिला.
खूप खूप कौतुक..!
#AjitdadaPawar
स्व.दादांच्या दुर्दैवी अपघाताचा आज विसावा दिवस असून अद्यापही DGCA कडून प्राथमिक चौकशी अहवाल आलेला नाही, तसेच सर्व नियमांचे उल्लंघन करत विमाने चालवणाऱ्या VSR कंपनीविरोधात देखील काहीही कारवाई अद्यापर्यंत झालेली नाही, परिणामी शंका अधिक बळावत चालल्या आहेत. त्यामुळे DGCA ने लवकरात लवकर प्राथमिक चौकशी अहवाल द्यावा तसेच VSR वर योग्य ती कारवाई करावी !
@DGCAIndia
#AjitdadaPawar
18% टैरिफ बनाम 0% - आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं। और, किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं।
बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है - शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें।
भारत के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया - “अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी।”
आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई?
और, ये कैसी नीति है? क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है - या फिर “आगे कुआं, पीछे खाई” की हालत में फंसाने वाला जाल?
अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा।
और, अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है।
भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोज़गारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना।
एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स - दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती।
लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र “सरेंडर” मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है।
#FarmersFirst 🇮🇳
अजितदादांच्या विमान अपघाताबाबत अनेक शंका निर्माण झाल्या असून तथ्यांसह या शंका पत्रकार परिषदेच्या माध्यमातून जनतेपुढे मांडल्या. याच विषयावर गृहमंत्री अमित शाह साहेब, नागरी उड्डाणमंत्री राम मोहन नायडू जी तसेच DGCA ची भेट घेण्याचा प्रयत्न केला, परंतु भेट होऊ शकली नाही. त्यामुळं प्रेझेंटेशनसह आमच्या सर्व शंका गृहमंत्री, नागरी उड्डाणमंत्री आणि DGCA यांना ई-मेल पाठवून या अपघाताबाबत सखोल आणि निष्पक्ष चौकशी करून वस्तुस्थिती जनतेसमोर आणण्याची विनंती केली. याबाबत सकारात्मक प्रतिसाद मिळेल आणि माझ्यासह संपूर्ण महाराष्ट्राला पडलेल्या अनेक प्रश्नांची वस्तुनिष्ठ उकल होईल, असा विश्वास आहे.
पत्रकार परिषद घेतल्यानंतर तपासाला काही प्रमाणात वेग आला असला तरी अद्यापही अपेक्षित वेगाने तपास मात्र होताना दिसत नाही. माननीय गृहमंत्री, नागरी उड्डाणमंत्री अधिवेशनामध्ये व्यस्त असल्यामुळे वेळ देता आला नसेल परंतु DGCA ने वेळ का दिला नाही, हे मात्र समजले नाही. यंत्रणांनी वेळ दिला नसला तरी सर्व माहिती यंत्रणाकडे पाठवली आहे, सत्तेत नसलो तरी आम्ही आमच्या पद्धतीने पाठपुरावा करतच आहोत, राज्य सरकार आणि सत्तेतील सर्वचजण देखील यासाठी पाठपुरावा करतील, ही अपेक्षा..!
@AmitShah@RamMNK@DGCAIndia
#ajitdadapawar
निकृष्ट काम करणाऱ्या ठेकेदाराला ब्लॅक लीस्ट केलं जातं.. चुकीचं काम करणाऱ्या अधिकाऱ्याला बडतर्फ केलं जातं, मग जीवघेणी सेवा देणाऱ्या विमान कंपनीवर कारवाई का नको? हाच न्याय VSR कंपनीलाही लावून आतापर्यंत गुन्हा दाखल करून कंपनीला टाळंही लावायला पाहिजे होतं. पण तसं होताना का दिसत नाही, हे न समजणार कोडं आहे.. की कंपनीचा मालक आणि पार्टनर यांचं एवढं वजन आहे का, ज्यामुळं सरकारही त्यांच्यावर कारवाईला घाबरतं?
देशातील अनेक महत्त्वाच्या व्यक्ती, सेलिब्रिटी, सर्वपक्षीय राजकीय नेते या VSR कंपनीची सेवा घेत असतील तर त्यांचा आणि पायलटसह अन्य कर्मचाऱ्यांचाही जीव तेवढाच महत्त्वाचा नाही का? त्यामुळं माझी सरकारला विनंती आहे की, तातडीने या कंपनीवर कारवाई करून तिच्या देशातील सेवेला बंदी घालावी.
@narendramodi@AmitShah
FIR हो,
मुकदमा दर्ज हो या
Privilege प्रस्ताव लाएं - मैं किसानों के लिए लड़ूंगा।
जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है।
अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे।
BJP के मंत्री प्रहलाद जोशी और अश्विनी वैष्णव मीडिया के सामने कह रहे थे: “राहुल गांधी आरोप लगाने से पहले authenticate करते”
राहुल जी आए और कहा
“आइए एक साथ बात करते हैं”
ऐसा सरपट दौड़े दोनों वहाँ से!
मा. अजितदादांच्या विमान अपघाताबाबत माझ्यासह महाराष्ट्राला पडलेले अनेक प्रश्न सविस्तर प्रेझेंटेशनसह पत्रकार परिषदेत उपस्थित केले. हे केवळ हवेतले प्रश्न नाहीत या प्रत्येक प्रश्नाला, प्रत्येक मुद्द्याला आधार आहे आणि तो या प्रेझेंटेशनमध्ये दिला आहे. प्रसार माध्यमांचे प्रतिनिधी हे संपूर्ण प्रेझेंटेशन पुढील लिंकवर जाऊन पाहू शकता किंवा डाऊनलोड करु शकता.
या अपघातात मी माझा काका आणि महाराष्ट्राने एक नेता गमावला आहे. त्यामुळं आमच्या सर्व शंकांचं निरसन झालं पाहिजे, तोपर्यंत आम्ही याबाबत पाठपुरावा करत राहू.. सरकार आणि राज्य व केंद्रीय तपास यंत्रणाही यासंदर्भात सकारात्मक प्रतिसाद देतील, ही अपेक्षा!
#AjitdadaPawar
https://t.co/9deBHShRW1