जाति देश के लोगों के कोशिकाओं में घुसा हुआ है।
निकलने में करोड़ों साल लग जाएंगे।
सविता कोचस , बक्सर में ब्यूटी पार्लर चलाती हैं उनके यहां दलित समाज के कुछ बच्चियां आयी, देखिये महिला ने किस तरह बच्चियों को दादा , परदादा के नाम पर बेइज्ज़ती किया।
भारतीय राजनीति में सबसे ज्यादा झूठे आरोप लगाकर पांच महिला नेताओं को बदनाम किया गया है.
इंदिरा गांधी
सोनिया गांधी
बहन मायावती
जयललिता
राबड़ी देवी
किसी पर भ्रष्टाचार का आरोप, तानाशाही का आरोप, किसी पर जातिसूचक टिप्पणी कर के. किसी पर अनपढ़ होने का आरोप लगाया.
सोनिया गांधी पर सबसे ज्यादा तीखा प्रहार भारतीय राजनीति में किया गया. पहले उनके विदेशी मूल का होने का आरोप लगाया गया. राजीव गांधी और सोनिया गांधी के पवित्र रिश्तों पर टिप्पणी कर के बदनाम करने की कोशिश की गई.
आज भी सोशक मीडिया पर मनुवादी आए दिन फेक न्यूज़ फैलाते हैं. अब आईटी सेल के झूठे नैरेटिव बहुत जल्द ध्वस्त होंगे.
सोनिया गांधी अपनी किताब "Bolonging : A Journey of Love" 10 नवंबर को रिलीज हो रही है. 500 से ज्यादा पन्नों की इस किताब में सोनिया गांधी ने अपने बचपन, शिक्षा और कैम्ब्रिज के उस ग्रीक रेस्टोरेंट का जिक्र किया है जहां वो पहली बार राजीव गांधी से मिली थीं.
इजरायली सेना की अय्याशी और तफरीह का सबसे बड़ा सेंटर भारत बना हुआ है, जहाँ हर साल हजारों इजरायली सैनिक फिलिस्तीनियों को मारने और जेनोसाइड करने के बाद आकर अय्याशी करते हैं। हिमाचल प्रदेश और देश के दूसरे सूबों में कुछ ऐसी जगहें हैं, जहाँ भारतीयों को भी एंट्री नहीं मिलती। वहाँ साफ लिखा रहता है कि यह जगह सिर्फ इजरायलियों के लिए है।
इस पूरे मामले की सच्चाई बता रहे हैं सृष्टि खन्ना और प्रशांत पुंडीर। मामले की पूरी सच्चाई जानने और इसे समझने के लिए मिल्लत पॉडकास्ट पर उनका एपिसोड देखें।
यूपी में जल जीवन मिशन के नाम पर अलग ही खेल चल रहा है। कई ऐसी खबरें आई हैं जहां पानी की टंकी अपने उद्घाटन से पहले या उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही भरभरा कर गिरी हैं। अब इस टंकी को देखिए! यह टंकी बिजनौर में बन रही है। लेकिन निर्माण पूरा होने से पहले ही टंकी के पिलर में दरारें दिख रही हैं। सोचिए! भ्रष्टाचार का खेल खुलेआम कैसे चल रहा है।
इस टंकी को बनाने वाले चीफ इंजीनियर डी.के. सिंह हैं। यह टंकी उनकी ही निगरानी में बन रही है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि शिकायत के बावजूद संबंधित कंपनी और जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अब इन पर कार्रावाई कौन करे? क्या @PMOIndia इनकी जांच कराएगा?
भारतीय राजनीति में सवर्ण नेतृत्व का दबदबा बनाए रखने की सोच आज भी दिखाई देती है.
बहुजन समाज का कोई नेता अपनी स्वतंत्र राजनीति करता है तो उन्हें तुरंत B टीम घोषित कर दिया जाता है.
दूसरा तरीका है दलित समाज को दलित नेता, आदिवासी समाज के नेता को आदिवासी नेता और OBC नेता को उसकी जाति का नेता बताकर राजनीतिक कद छोटा किया जाता है. ब्राह्मण समाज के नेताओं को ब्राह्मण नेता नही कहा जाता ?
BJP हो या कांग्रेस, बहुजन नेता आखिर कब तक इनके पीछे चलेंगे. क्या दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज को अपना स्वतंत्र नेतृत्व खड़ा करने का अधिकार नही है ?
डॉ प्रकाश अम्बेडकर ने कांग्रेस और बीजेपी की इसी सोच पर सवाल उठाया है. VBA हो या BSP, किसी के पीछे गुलाम बनकर चलना किसी की मजबूरी नही है.
डॉ प्रकाश अंबेडकर ने आरोप लगाया बड़े दल चाहते हैं, OBC SC और आदिवासी नेता उनके पीछे चले और स्वतंत्र नेतृत्व न करें. उन्होंने 28 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी, वामपंथी दल, छात्र संगठनों और आदिवासी संगठनों को चुनाव आयोग के खिलाफ होने वाली रैली में आमंत्रित किया है.
सुनने में आ रहा है कि चाइना की फ़ौज अरुणाचल प्रदेश के रास्ते भारत में घुसने की तैयारी कर रही है,
मैं भारत सरकार से आग्रह करूंगा कि देश सेवा के लिए RSS के जवानों को अरुणाचल प्रदेश के बॉर्डर पर भेज देना चाहिए।
मैं 1001% गारंटी के साथ कह रहा हूं कि RSS के जवाब चीनी जवानों का तेल और पानी दोनों निकाल देंगे।
पत्रकार: बाजपाई कहते है कि आप माफिया हो..
अब्बास अंसारी: आप लोग एक काम करो सूचना का अधिकार एक एप्लीकेशन आता है उसको डालो और पूछो..
बृजेश सिंह के ऊपर कितने मुकदमे है..
सुशील सिंह के ऊपर कितने मुकदमे है..
विनीत सिंह के ऊपर कितने मुकदमे है..
त्रिभुवन सिंह के ऊपर कितने मुकदमे है..
अभय सिंह के ऊपर कितने मुकदमे है..
धनंजय सिंह के ऊपर कितने मुकदमे है..
राजा भइया के ऊपर कितने मुकदमे है..
बृज भूषण शरण सिंह के ऊपर कितने मुकदमे है..
और भाजपा के जितने मंत्री विधायक है उनके और उनके रिश्तेदारों के मुकदमों की सूची निकालो फिर हमसे पूछो माफिया कौन है..?
माफिया धर्म जाति देखकर नहीं होता है माफिया मुकदमों के फेरिस्त से होता है मगर ये सरकार जाति धर्म देखकर सौतेला व्यवहार कर रही है जो हमारा संविधान इसका इजाजत नहीं देता है..
चुनाव आयोग के software ने ‘रामहित यादव’ को अंग्रेज़ी में ‘Ram Hit Yadav’ कर दिया
उसी software ने translation में उस ‘Ram Hit Yadav’ को ‘राम ने यादव को मारा’ बना दिया🤦♀️
जिस software से यह निर्णय हो रहा है कि कौन वोट करेगा, कौन नहीं - उसे चुनाव आयोग ने कैसे लंपटों से बनवाया है!
एक जैसे ही मामले, लेकिन कार्रवाई अलग क्यों?
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसके एक धार्मिक जुलुस के दौरान भीड़ में से एक लड़का मुंह में पेट्रोल भर के इस्लामिक झंडे को आग लगाने की कोशिश करता है।
ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश में मोहर्रम के जुलूस के दौरान सामने आई थी। जब आग की लपटों से ऊपर टंगा हुआ हिंदू राष्ट्र लिखा झंडा झुलस जाता है और फिर क्या पुलिस तत्काल करवाई करते हुए गिरफ्तारी के साथ उन मुस्लिम लड़कों की लंगड़ाते हुए वीडियो भी जारी करती है।
अब बताइए पहली वीडियो के लिए कोई विरोध क्यों नहीं है?
जाति कभी नहीं जाएगी,
दलित मांझी समाज की ये तीन बच्चियाँ किसी ब्यूटी पार्लर में गईं हैं,
ब्यूटी पार्लर वाली मोटी सेठानी इन बच्चियों का वीडियो बना रही है बिना इजाजत,
बच्चियां शरमाते हुए मुंह छिपाने की कोशिश कर रही हैं,
फिर भी ये जातिवादी सेठानी बेशर्मी से वीडियो बनाना जारी रखती है,
और वीडियो बनाते हुए अपनी नीच जातिवादी कॉमेंट्री करते हुए कहती है कि
ये लोग मांझी समाज की लड़की हैं,
इनके बाप दादा छोटा मोटा काम करते थे, ये लोग मेरे ब्यूटी पार्लर आई हैं, इनको बाल स्ट्रेट करवाना है, और साड़ी पहनना भी नहीं आता है,
सेठानी खुद की तारीफ़ करते हुए कहती है कि वो इतनी रहमदिल है कि, छोटी जात का होते हुए भी वो इनका काम करेगी,
कितनी ही दुष्ट औरत है पार्लर वाली,
यह विक्रांत तोमर है। विक्रांत ने कई महिला पुलिस महिला पुलिसकर्मियों से लाखों रुपये की ठगी की है। यह महिला कांस्टेबलों से शादी करने का झांसा देता था। इसने करीब 20 महिला कांस्टेबलों को प्रेम जाल में फंसाया हुआ था। ये सभी पीड़ित महिला कांस्टेबल एक ही बैच की बताई जा रही हैं। चलिए बताएं ये कौनसा ‘जिहाद’ है?
इतना बड़ा सैनिक विद्रोह वेल्लोर में हुआ, बहुत से अंग्रेज़ अफसरों को मारकर वहाँ अंग्रेजों का झंडा उतारकर टीपू सुल्तान का झंडा फहराया गया, लेकिन उनका इतिहास में कहीं नाम नहीं है। क्यूँकि वो छोटी जाति के किसान और मुस्लिम सैनिक थे ?
मंगल पांडे जिन्होंने ख़ुद रिकॉर्ड में स्वीकार किया कोर्ट मार्शल के समय रोते हुए, मैं आजकल भाँग और अफ़ीम का नशा ले रहा था, मुझसे गलती से गोली चल गई, इससे कोई मारा भी नहीं गया और माफ़ी माँगी। उनको पहला क्रांतिकारी, पहला गोली चलाने वाला पता नहीं क्या क्या बना दिया, क्योंकि उनके नाम के आगे पांडे लगा था 🤷♂️🙂
एक फटे ढोल की सच्चाई मैंने सबके सामने रखी थी, अब ये सच सबके सामने आने लगा है, कैसे जाति देखकर किसी को भी क्रांतिकारी बना दिया गया।
@grok ये भी बताओ मंगल पांडे से पहले वेल्लोर के अंदर ब्रिटिश सेना के भारतीय सैनिकों ने विद्रोह कर दिया था और बहुत से अंग्रेज अधिकारियों को मारकर वहाँ टीपू सुल्तान का झंडा फहराया दिया था।