अगर मेरा चलता तो यह फिल्म हर स्कूल, हर कॉलेज में दिखाता। हर युवा को हर बुजुर्ग को यह फिल्म दिखाता। अगर मैं विपक्ष का नेता होता ऐसी क्लिप मेरी सोशल मीडिया की हर दीवार पर होती...
आज़ादी की लड़ाई और Idea of India में जिनका भरोसा है, उनके लिए यह फिल्म मज़बूती देने वाली है। जिन्हें लगता है कि आज़ादी यों ही मिल गई, उनकी आँख खोलने वाली फिल्म है। जो देशभक्ति के नाम पर सांप्रदायिकता के शिकार हो गए हैं, उन्हें सोचने पर मज़बूर करने वाली फिल्म है यह।
1942 की इस शानदार कहानी को कम से कम सेकुलर पार्टियों को अपने कार्यकर्ताओं को ज़रूर देखने को कहना चाहिए।
@sanjay_rana9 It's against Islam you are right, jiskey paas Paisa woh jaayee Hajj Krney.. jiskey paas Paisa nahi hai uskey liye compulsory nahi.. yeh maulwi galat baat bol rahey hain.
@Rumi_Speaks_ Tum jaisi jahil logon ki wajah se mulk mein nafrat phail rahi hai..
Bharat mein jis k under hunar hai un sab ki qadar hoti hai, Hind Desh k nivaasi sabhi Jan ek hain rang roop vesh bhasha chahey anek hai.. Nafrat phailana band karo..