@HemantSorenJMM, @JharkhandCMO, @JMMKalpanaSoren, @prdjharkhand
यदि इस सप्ताह में हमारी 4 सूत्री मांगों पर सरकार विचार नहीं करती है तो बाध्य होकर पुरे राज्य के सभी आउटसोर्सिंग कंप्यूटर ऑपरेटर 12 अगस्त से अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाकर पूरी तरह से काम बंद
क्या झारखंड के संविदा/आउटसोर्स कर्मचारी को दुर्गा पूजा मनाने का कोई हक नहीं है? यदि है तो इस आदेश में संविदा/आउटसोर्स कर्मचारियों का जिक्र क्यों नहीं किया गया? आशा करता हूं सरकार संशोधित आदेश निकालकर आउटसोर्स एवं संविदा कर्मचारियों को भी खुशी से दुर्गा पूजा मनाने का हक देगी।
*राँची में आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटरों का कैंडल मार्च, सरकार से 12 सूत्री मांगों को लागू करने की गुहार.....।
बुधवार को झारखंड राज्य आउटसोर्सिंग कम्प्यूटर ऑपरेटर संघ के बैनर तले राँची जिले के सभी आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटरों ने अपने हक और अधिकारों को लेकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया।
संघ का कहना है कि वर्षों से अल्प वेतन में सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारी राज्य सरकार की रीढ़ हैं, लेकिन हमे अब तक न तो स्थायीत्व मिला है और न ही सामाजिक सुरक्षा। कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जिसमें प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
1. समान कार्य के बदले समान वेतन।
2. 60 वर्ष तक सेवा की गारंटी।
3. वार्षिक वेतन वृद्धि और पितृत्व अवकाश
4. सभी विभागों में यथास्थिति बनाए रखते हुए कार्यस्थल की सुरक्षा।
5. दुर्घटना बीमा और मृत्यु पर मुआवजा आदि है।
जिसमें प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
1. समान कार्य के बदले समान वेतन।
2. 60 वर्ष तक सेवा की गारंटी।
3. वार्षिक वेतन वृद्धि और पितृत्व अवकाश
4. सभी विभागों में यथास्थिति बनाए रखते हुए कार्यस्थल की सुरक्षा।
5. दुर्घटना बीमा और मृत्यु पर मुआवजा आदि है।
राँची समाहरणालय ब्लॉक-ए से लेकर ज़ाकिर हुसैन पार्क (राज भवन के समीप) तक कर्मियों ने काला पट्टी बांधकर और हाथों में मोमबत्तियाँ लेकर शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला।कर्मियों ने सरकार से Outsourcing Manual-2025 में 12 सूत्रीय मांगो शामिल करने की मांग की। जिसमें प्रमुख मांग है: