माननीय मंत्री
श्री कैलाश गहलोत जी
के दिशा निर्देशानुसार अपने
वार्ड-41S ( गोपाल नगर )
में "मुख्यमंत्री स्ट्रीट लाइट योजना" के तहत डार्क स्पॉट्स पर BSES की मदद से स्ट्रीट
लाइटें लगवाई।
आपका भाई, आपका बेटा
मंजीत दलाल
वार्ड - 41S (गोपाल नगर)
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
पेपर लीक के खिलाफ चल रहे Sonam Wangchuk जी के शांतिपूर्ण अनशन को खत्म करने के लिए सरकार ने बातचीत का रास्ता नहीं चुना, बल्कि जबरदस्ती और गुंडागर्दी का सहारा लिया।
यह साफ दिखाता है कि सरकार छात्रों की आवाज़ से डर गई है।
रिया के पिता, राजेश जी बेटी को खोकर इस तरह टूटे कि उन्हें देखने वाले हर शख़्स की आँखें भर आईं।
यह सिर्फ़ एक परिवार का दर्द नहीं। पेपर लीक ने ऐसे कई परिवारों से उनका बच्चा छीन लिया।
हर नाम के पीछे एक माँ है, एक पिता है - जिनके लिए अब कोई कल नहीं।
इस System को नए सिरे से बनाना होगा - जहाँ बच्चों को तनाव नहीं, सुरक्षा मिले। और माँ-बाप को, उनके त्याग का फल मिले - आँसू नहीं।
आज सोनम वांगचुक, अभिजीत दीपके और ये सारे युवा आपके बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं।
अब घर बैठने से काम नहीं चलेगा। अब सबको एक होकर सड़कों पर उतरना होगा। तभी इस देश में कुछ बदलेगा।
उठो, चलो जंतर मंतर।
20 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को आज सुबह दिल्ली पुलिस जबरन उठाकर अस्पताल ले गई.
इस डरपोक और बेशर्म सरकार ने एक बार फिर से अपनी कायरता साबित कर दी.
श्री सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है। आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। सारी दुनिया और देशभर में श्री सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी। जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए।
ये हमारी पुरज़ोर माँग है कि श्री सोनम वांगचुक जी की चिकित्सा ‘न्यायिक निगरानी’ में हो क्योंकि श्री सोनम वांगचुक जी का जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है।
हमारे देश की जनता व समस्त विश्व इस समय भाजपा सरकार को संदेह और सवाल भरी संदिग्ध नज़र से देख रहा है। दमनकारी राजनीति करनेवाली भाजपा सरकार की इस अवांछनीय कार्रवाई ने इंटरनेशनल लेवल पर हमारे देश की मानवीय और डेमोक्रेटिक इमेज को बेहद धूमिल और खंडित करने का काम किया है।
भाजपा ने न कभी गांधी जी में विश्वास किया, न कभी उनके गांधीवादी तौर-तरीक़ों में।
भाजपा की नकारात्मक विचारधारा ही ‘विवाद’ की है; संवाद की नहीं।
भाजपा निराशा का पर्याय बन चुकी है।
भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है!
भाजपा की सोच दरारवादी है, इसीलिए जहाँ भी एकता, सौहार्द और एकजुटता होती है, भाजपा डरकर प्रतिक्रियावादी बनकर आंदोलनों को तितर-बितर कर देती है लेकिन भाजपा भूल गयी है कि आज की नई पीढ़ी ‘डिजिटल यूनिटी’ के माध्यम से वैचारिक क्रांति लाने में सक्षम है. ऐसा हुआ है, हो रहा है और होगा भी…
@Wangchuk66
गोदी मीडिया आपको ये ख़बर नहीं दिखाएगा लेकिन ये ख़बर बेहद जरूरी है.
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में बुंदेलखंड के लोग पानी में खड़े होकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूँ नहीं रेंग रही है.
लो अब वृक्षारोपण का ही एनकाउंटर कर दिया!
शुक्र तो ये मनाइये कि 1 पेड़ तो लगा, भले वो मंच पर लगा दिया है बाक़ी 34,99,99,999 तो काग़ज़ी फ़ाइल में लगेंगे।
ये वृक्षारोपण नहीं, भ्रष्टारोपण है जिसके बहाने चुनावी-फ़ंड की समानांतर व्यवस्था की जा रही है। इसके पीछे भी डबल इंजन की टकराहट ही मुख्य कारण है।
‘भाषण न सुनने के मूड’ वाले सार्वजनिक बयान के बाद जो 1-2% छवि बची भी थी, उस पर भी ऐसे दिखावटी कृत्यों से इन्होंने ख़ुद ही बुलडोज़र चला दिया है।
यह मुर्दों का देश है साधो।।
सोनम वांगचुक की हालत और ज्यादा गंभीर। अब तो खङे होने में भी मुश्किल हो रही है ।
पेपर लीक जैसे गंभीर मसले पर वांगचुक प्रोटेस्ट कर रहे हैं पर क्या मजाल जो सरकार पर असर पङे।
ऑस्ट्रेलिया के ये पत्रकार महोदय बता रहे हैं कि वो मोदी जी के बस इतने ही करीब जा सकते हैं क्योंकि…
मोदी जी ‘Unscripted News Conference’ से बचते हैं और उन्हें ‘ Stage Managed Appearance’ ही पसंद हैं !
‘अँधभक्तों’ को बधाई हो
‘विश्वगुरु’ का डंका पूरे जोर-शोर से बज रहा है 🤣
ऐसे सम्मानित व्यक्तित्व को इस स्थिति में देखकर मन व्यथित हो जाता है।🥺
लोकतंत्र की पहचान संवाद और जवाबदेही से होती है, उपेक्षा से नहीं।😳
इस्तीफा मिलने तक यही डटे रहेंगे।🤯
जब-जब BJP कोई घोटाला करती है बेचारा “System” दोषी हो जाता है।
दिल्ली में 650 करोड़ का स्वास्थ्य घोटाला हुआ ED, CBI सब शांत हैं।
@aajtak पर अंजना जी ने ख़बर दिखाई इसमें न तो बेचारी रेखा जी दोषी है न पंकज सिंह न BJP न डबल इंजन इसमें तो सिर्फ system दोषी है।
@anjanaomkashyap जी थर्ड डिग्री प्रोग्राम कब करेंगी?
https://t.co/DUvbBgtr8y