फ़िज़ायें महकी हुई हैं जो
गुलशने दिल की
मेरी ग़ज़ल वो कहीं गुनगुना
रहे होंगे
जहां में आज भी चर्चे हैं
उनके जलवों के
वो अपने दौर के जान-ए-
अदा' रहे होंगे
अगर कोई आपको रोकता है टोकता है
आपसे थोड़ा वक़्त मांगता है
तो यकीन जानें,
आप बहुत नसीब वाले हैं
क्यूंकि किस्मत वालो को ही फिक्र करने वाले मिलते है...!!!!