Feminism has reached dehaat before education.
This girl is saying she’ll get her uterus removed when she grows up because feminists taught her that becoming a mother is oppression.
This is not empowerment. It’s self-erasure dressed up as freedom.
असम की बाढ़ ने बहुत कुछ छीन लिया, लेकिन कुछ मुस्कानें फिर लौट आईं।
PW के अलख पांडे सर ने बाढ़ प्रभावित बच्चों के साथ समय बिताया, उन्हें कपड़े दिलाए, होटल में खाना खिलाया और सबसे बढ़कर उन्हें यह एहसास कराया कि मुश्किल समय में भी कोई उनका अपना है।
यही इंसानियत है—जहाँ कैमरे से पहले संवेदनाएँ और दिखावे से पहले मदद पहुँचती है। 👏
मैं हैरान हूँ यह देखकर कि एक 15 साल की बच्ची के पीछे हजारों गुंडे पड गए हैं, क्योंकि उस बच्ची ने वही कहा, जो वह गुंडों से रोज़ाना सुनती आ रही थी। अब ये गुंडे हर तरह से उस बच्ची को प्रताड़ित कर रहे हैं और समाज तमाशा देख रहा है! आज ये उस बच्ची के साथ हो रहा है, लेकिन कल आपके बच्चे के साथ भी हो सकता है!