मैं जब भी माँगूँगी, तुमसे तुम्हारा वक़्त माँगूँगी
कब, कहाँ, कैसे हो इसका ज़िक्र माँगूँगी
वक़्त-बेवक़्त कॉल करने का हक़ माँगूँगी
बिन बात के मेरे लड़ने पर तुम्हारा सब्र माँगूँगी, अलसायी-सोयी सी तुम्हारी तस्वीर माँगूँगी,
मैं जब भी माँगूँगी तुम्हें-तुमसे थोड़ा और माँगूँगी..❤️💫