आज खामोशी सिर्फ ज़िम्मेदारियों की वजह से हे,
लेकिन कल समय भी होगा, अपने भी होंगे और सपने भी होंगे।
.
👉ऐसे ही रोज़ नये विचारों के लिए पेज़ को Follow ज़रूर करें !
अपनी वफ़ादारी को अब मैं अपनी जेब में रखने लगा हूँ,
क्योंकि जेब से निकालते ही मैं खर्च करने लग जाता हूं।
.
👉ऐसे ही रोज़ नये विचारों के लिए पेज़ को Follow ज़रूर करें !
मुझे खुद को इस काबिल बनाना है की
सामने वाले को मेरी खामोशी में तर्क और बातों में असर लगें।
.
👉ऐसे ही रोज़ नये विचारों के लिए पेज़ को Follow ज़रूर करें !
मुझे दूसरों की नहीं स्वयं के विचारों कि जरुरत है,
क्योंकि मुझे किरदार नहीं अपना Ampire बनाना हैं।
.
👉ऐसे ही रोज़ नये विचारों के लिए पेज़ को Follow ज़रूर करें !
जो रिश्ते गलतफहमियों से बिगड़ चुके है,
अब उनका बिगड़े रहना ही ठीक है, क्योंकि ज्यादा हमदर्दी इंसान को हमेशा कष्टों कि ओर ढकेलती हैं।
.
👉ऐसे ही रोज़ नये विचारों के लिए पेज़ को Follow ज़रूर करें !
मैं स्वयं के विचारों में शांत स्वभाव की कोशिश करता हूं,
क्योंकि भ्रम तोड़ने के लिए शोर मचाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
.
👉ऐसे ही रोज़ नये विचारों के लिए पेज़ को Follow ज़रूर करें !
ज़िंदगी अपनी है, अपने आप सम्भलना है,
इसलिए किसी के ज्ञान से नहीं, अपने हिसाब से जीना हैं।
.
👉ऐसे ही रोज़ नये विचारों के लिए पेज़ को Follow ज़रूर करें !