विश्व आदिवासी दिवस की बधाई एवं शुभकामन���एं। आदिवासी प्राचीन परंपराओं, ऐतिहासिक संस्कृति और स्वाभिमान के प्रतीक और संरक्षक है। हम आज भी अपने अस्तित्व, पहचान, भाषा, संस्कृति और संसाधनों पर हक के लिए संघर्ष कर रहे है। आइये, आदिवासी हितों की रक्षा का संकल्प लें। #विश्व_आदिवासी_दिवस
ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका की बमबारी बेहद निंदनीय है। शांति के नाम पर जंग की आग में घी डालना दुनिया को विनाश की ओर ले जा रहा है। ट्रंप जैसे नेता शांति के नहीं, बल्कि मानवता के लिए सबसे बड़ा ख़तरा हैं। #WorldWar3
धर्म की आड़ में सदियों से जो हिंसा, शोषण और अन्याय हुआ है, उस पर सवाल उठाना अब ज़रूरी हो गया है। आखिर क्यों एक सर्वशक्तिमान ईश्वर को अपनी रक्षा के लिए तलवार, दंगे और अंधभक्तों की ज़रूरत पड़ती है? अगर धर्म शांति और करुणा का प्रतीक है, तो फिर इतिहास उसके नाम पर हुए नरसंहारों से क्यों भरा पड़ा है? क्यों हर वह आवाज़ जो तर्क, समानता और स्वतंत्रता की बात करती है उसे अधर्मी, नास्तिक या दुष्ट कहकर चुप कराने की कोशिश की जाती है? क्या सच में कोई भी ऐसा धर्म न्यायसंगत हो सकता है जो स्त्रियों को दोयम दर्जे का, दलितों को अपवित्र और तर्कशील मन को पापी मानता हो? इन सभी सवालों के जवाब हमें धार्मिक अंधभक्ति से नहीं, बल्कि खुले दिमाग और आलोचनात्मक सोच से तलाशने होंगे क्योंकि वही सोच इंसान को इंसान बनाती है, भक्त नहीं।
अगर देश के सभी मंदिरों में जमा सम्पूर्ण धन को ईमानदारी और निष्पक्षता से गरीबों में बांट दिया जाए, तो भारत में गरीबी एक ही दिन में समाप्त हो सकती है। यह वक्त है जब आस्था को परोपकार से जोड़ा जाए और धर्म को समाज के पुनर्निर्माण का माध्यम बनाया जाए
अहमदाबाद हवाई अड्डे पर एयर इंडिया के विमान दुर्घटना की घटना अत्यंत दुखद है। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। प्रशासन व आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तत्परता से राहत व बचाव कार्य में जुटें और घायलों की हर संभव सहायता करें। इस कठिन घड़ी में हम सब पीड़ित परिवारों के साथ हैं। #planecrash
डोल का बाड़, जयपुर के एयरपोर्ट के पास स्थित एक समृद्ध शहरी जंगल है, जो लगभग 2500 पेड़ों, 80 से अधिक पक्षी प्रजातियों और नीलगाय के परिवार का घर है। यह इलाका अब पीएम यूनिटी मॉल परियोजना के कारण खतरे में है, जहाँ सरकार इस पूरे जंगल को नष्ट कर कंक्रीट का मॉ��� बनाना चाहती है। अगर ये पेड़ काटे गए, तो जयपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 50 से 100 पॉइंट तक गिर सकता है, और औसत तापमान 1–2 डिग्री तक बढ़ सकता है। यह न सिर्फ पर्यावरणीय तबाही होगी, बल्कि उन सैकड़ों जिंदगियों का विस्थापन भी, जो इस जंगल में बसती हैं। सरकार से सवाल है क्या विकास के नाम पर साँसें भी छीन लेना ज़रूरी है?
वर्ष 1974 की बात है। गर्मी अपने चरम पर थी, और राजस्थान के पोखरण के सुनसान रेगिस्तान में सब कुछ सामान्य दिखता था। लेकिन उस शांत धरती के नीचे, भारत की किस्मत बदलने वाली थी। देश भर के वैज्ञानिक महीनों से चुपचाप एक मिशन पर काम कर रहे थे। इस मिशन का नाम था – Smiling Buddha। इस ऐतिहासिक मिशन की सूत्रधार थीं भारत की प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी। उस समय दुनिया में कुछ ही देशों के पास परमाणु शक्ति थी, और भारत को लगातार वैश्विक दबाव का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन इंदिरा गांधी ने डर को नहीं चुना उन्होंने आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का मार्ग चुना। 18 मई की सुबह, रेगिस्तान की रेत के नीचे हलचल हुई। कुछ ही क्षणों में धरती कांप उठी। आसमान में धूल का विशाल गुबार उठा, और भारत ने सफलतापूर्वक अपना पहला परमाणु परीक्षण कर इतिहास रच दिया। पूरे देश में गर्व और गौरव की लहर दौड़ गई। यह परीक्षण केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं था यह भारत की आवाज़ थी, जो दुनिया से कह रही थी: "हम शांति चाहते हैं, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार हैं।" उस दिन, पोखरण की रेत पर केवल विस्फोट नहीं हुआ था बल्कि भारत के आत्मबल, वैज्ञानिक प्रतिभा और एक महिला नेता की अद्भुत दूरदर्शिता ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। इंदिरा गांधी का साहस उस रेगिस्तान में गूंजती उस गरज की तरह था शांत, परंतु अडिग। आज भी, 18 मई हमें याद दिलाता है कि जब नेतृत्व में हौसला और देशभक्ति हो, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता।
@garrywalia_ भारत माॅं के लाल सिर्फ भारत माता के चरणों में नतमस्तक है। भारत के सैनिकों को राजनीति से दूर रखो।
'देश की सेना और सैनिक प्रधानमंत्री के चरणों में नतमस्तक हैं'
~जगदीश देवड़ा, डिप्ट�� सीएम मध्यप्रदेश
पाकिस्तान एक ओर खुद को आतंकवाद का पीड़ित बताता है, ��ूसरी ओर उसकी सेना आतंकियों के जनाजे में शामिल होकर उन्हें सम्मान देती है। यह एक अंतरराष्ट्रीय अपराध के बराबर है और ऐसे देश को विश्व बिरादरी में जगह मिलना बंद होनी चाहिए।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की नई SI भर्ती 2025 को लेकर बड़ी खुशखबरी।
गृह विभाग ने वित्त विभाग को भेज रखा था 383 पदों का प्रस्ताव, वित्त विभाग ने दी सहमति।
अब पुलिस मुख्यालय पहुंची फाइल, 10 मई तक RPSC को अर्थना भेजी जानी ह���।
◾RPSC मई अंत या जून में निकालेंगी विज्ञप्ति।
परशुराम जयंती की शोभायात्रा के दौरान बाबासाहब डॉ.अंबेडकर के पोस्ट��ों को फरसे से फाड़ने की घटना निंदनीय है। यह कृत्य न केवल संविधान निर्माता का अपमान है, बल्कि समाज में जातीय नफरत फैलाने का प्रयास भी है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। @DGP_MP