राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विजन को धरातल पर उतारते हुए राजस्थान में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9वीं एवं 11वीं की परीक्षा प्रणाली और प्रमोशन नीति में युगांतरक��री बदलाव लागू किए जा रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों के समग्र विकास और कौशल संवर्धन के लिए कक्षा 9वीं में 3 भाषाएं और व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य की गई है।
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व्यावसायिक शिक्षा में 12वर्षों से व्याप्त कंपनियों के दीमक को रोकने के लिए आज राजस्थान हाई कोर्ट ने नई बिड पर रोक लगाई
पिछले 5 से 14माह से शिक्षकों को वेतन नहीं
21 से ज्यादा कंपनियां
कोई स्थाई पॉलिसी नहीं
शिक्षा मंत्री व विभाग शिक्षकों को अपना कर्मचारी तक नहीं मान रही @sharatjpr
व्यावसायिक शिक्षकों की नई भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की रोक, e-BID और वर्क ऑर्डर पर भी लगा स्टे
जयपुर। राजस्थान में व्यावसायिक प्रशिक्षकों (VTs) की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद में व्यावसायिक शिक्षकों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पवन ��र्ग एवं अन्य बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने 17 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी करते हुए VTPs के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित नई प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
माननीय न्यायमूर्ति अनूप कुमार सिंघी की अदालत में पेश मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि पहले से योग्य एवं कार्यरत व्यावसायिक शिक्षकों को दरकिना��� कर VTPs के माध्यम से नए व्यावसायिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति करना मनमाना है। याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय के पूर्व आदेश S.B. Civil Writ Petition No.12054/2025, गोविंद राम यादव एवं अन्य बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य का भी हवाला दिया, जिसमें व्यावसायिक शिक्षकों को सीधे संविदा ��धार पर नियुक्त करने तथा VTPs के माध्यम से नियुक्ति नहीं करने संबंधी निर्देशों का उल्लेख किया गया।
याचिका में 19 जून 2026 को जारी e-BID (NIB:06/2026-27) तथा 1 जुलाई 2026 के Corrigendum को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान यह भी न्यायालय के संज्ञान में लाया गया कि उक्त प्रक्रिया के आधार पर 14 अगस्त 2026 को Work Order जारी किया जा चुका है।
e-BID और Work Order की कार्यवाही पर रोक
मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही अंतरिम आदेश में 19.06.2026 के e-BID, 01.07.2026 के Corrigendum तथा 14.08.2026 के Work Order के प्रभाव एवं संचालन पर रोक लगाई गई है।
न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि e-BID के तहत VTPs के माध्यम से व्यावसायिक शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित आगे की कार्यवाही फिलहाल स्थगित रहेगी।
हजारों व्यावसायिक शिक्षकों में उम्मीद
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षकों में नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से कार्यरत व्यावसायिक शिक्षक नई ��र्ती प्रक्रिया के बजाय योग्य एवं अनुभवी VTs को रोजगार में प्राथमिकता देने, सीधे संविदा आधार पर नियुक्ति तथा रोजगार सुरक्षा की मांग उठा रहे हैं।
व्यावसायिक शिक्षकों का कहना है कि न्यायालय के इस अंतरिम आदेश से वर्तमान विवाद में महत्वपूर्ण कानूनी पहलू सामने आया है। अब मामले की आगामी सुनवाई में सरकार एवं संबंधित विभाग को अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा।
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार VTPs के ��ाध्यम से व्यावसायिक शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित नई प्रक्रिया पर रोक प्रभावी है।
जागो राजस्थान सरकार
#हरियाणा_मॉडल_लागू_करो
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@skbishnoi164@aajtak मुझे अफ़सोस रहेगा कि मैं इस मुद्दे को देरी से उठाया लेकिन पीएमओ ने सरकार से व्यवसायिक शिक्षा पर पूरी रिपोर्ट मँगा ली है और भविष्य में बड़े बदलाव के संकेत है। देरी होगी लेकिन बदलाव हो��ा।
व्यावसायिक शिक्षा में लगे शिक्षकों ने अपनी मांगे नही मानने व शिक्षा संकुल में जबरन धरना स्थल से उठाना,भूख हडताल पर बैठे शिक्षकों को घसीट करके ले जाने के कारण आगामी निकाय व पंचायती राज चुनाव का किया बहिष्कार-एक ही मांग स्थाई जॉब पॉलिस��� लागू करो शिक्षकों का सम्मान बढाए @Kunal_Alwar
व्यावसायिक शिक्षा- 12 वर्षों से 21 से ज्यादा कंपनियों के शोषण के खिलाफ लड़ाई लेकिन राजस्थान में लोकतंत्र की हत्या किस प्रकार से हो रही है देखिए,ज़बर्दस्ती शिक्षकों को भूख हड़ताल से उठाया जा रहा हैं @GovindDotasra@TikaRamJullyINC@ashokgehlot51