मिलके खयालो में ही
अपने बलम से
नींद गवाली अपनी
मैंने कसम से
ये समा
समा है खुमार का
किसी के इंतजार का
दिल ना चुराले कहीं मेरा
मौसम बहार का
में तो हु सपनो के राजा की रानी
सच हो न जाए ये झूठी कहानी
यह समा
समा हैं इकरार का
किसीके इंतजार का
दिल न चुरा..
मौसम बहार का
शुभ रात्रि 🥃❣️