कैसे बताएं, कैसे जताएं
सुबह तक तुझमें जीना चाहें
भीगे लबों की, गीली हसीं को
पीने का मौसम है पीना चाहें
एक बात कहूं क्या इजाज़त है
तेरे इश्क़ की मुझको आदत है
#Swagger
बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं
तुझे ऐ ज़िन्दगी, हम दूर से पहचान लेते हैं।
मेरी नजरें भी ऐसे काफ़िरों की जान ओ ईमाँ हैं
निगाहे मिलते ही जो जान और ईमान लेते हैं।
जिसे कहती दुनिया कामयाबी वाय नादानी
उसे किन क़ीमतों पर कामयाब इंसान लेते हैं।
#Swagger#शुभ_प्रभात
खोया और कितना पाया है?
हिसाब तो लगा पाता कितना
काश जिदंगी सचमुच किताब होती,
वक्त से आँखें चुराकर पीछे चला जाता..
टूटे सपनों को फिर से अरमानों से सजाता
कुछ पल के लिये मैं भी मुस्कुराता,
काश, जिदंगी सचमुच किताब होती।
#Swagger
काश,जिंदगी सचमुच किताब होती
पढ़ सकता मैं कि आगे क्या होगा?
क्या पाऊँगा मैं और क्या दिल खोयेगा?
कब थोड़ी खुशी मिलेगी, कब दिल रोयेगा?
काश जिदंगी सचमुच किताब होती,
फाड़ सकता मैं उन लम्हों को
जिन्होने मुझे रुलाया है..
जोड़ता कुछ पन्ने जिनकी यादों ने मुझे हँसाया है...
#Swagger
खुला आसमान, चांद, तारे चाहत है तेरी,
पर बन्द दीवारों को सजाने पर तेरा जोर है,
सपने देखता है खुली फिजाओं के,
पर बड़े शहरों में बसने की कोशिश पुरजोर है..
#Swagger
पूछा जो मैंने एक दिन खुदा से,
अंदर मेरे ये कैसा शोर है,
हंसा मुझ पर फिर बोला,
चाहतें तेरी कुछ और थी,
पर तेरा रास्ता कुछ और है,
रूह को संभालना था तुझे,
पर सूरत सँवारने पर तेरा जोर है,
#Swagger#शुभ_प्रभात
छोटी सी है ज़िन्दगी
हर बात में खुश रहो...
जो चेहरा पास न हो,
उसकी आवाज़ में खुश रहो...
कोई रूठा हो आपसे,
उसके अंदाज़ में खुश रहो...
जो लौट के नहीं आने वाले,
उनकी याद में खुश रहो...
कल किसने देखा है...
अपने आज में खुश रहो...
#Swagger#शुभप्रभात