आदरणीय आपके प्रेरणादायक संदेश से हम सभी में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
सभी ��ुवा मित्र व वालंटियर आपको विश्वास दिलाते हैं कि अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति को राजस्थान सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ेंगे और राज्य के हर परिवार का रजिस्ट्रेशन महंगाई राहत शिविर में करवाएंगे।
कोविड मैनेजमेंट से लेकर चिरंजीवी योजना तक राजस्थान को देश के सामने हेल्थ का मॉ���ल स्टेट बनाने में सरकारी के साथ निजी अस्पतालों एवं डॉक्टर्स की भूमिका भी है। राइट टू हेल्थ के संबंध में निजी अस्पतालों की सभी शंकाओं का निराकरण किया जाएगा।
कोविड मैनेजमेंट से लेकर चिरंजीवी योजना तक राजस्थान को देश के सामने हेल्थ का मॉ���ल स्टेट बनाने में सरकारी के साथ निजी अस्पतालों एवं डॉक्टर्स की भूमिका भी है। राइट टू हेल्थ के संबंध में निजी अस्पतालों की सभी शंकाओं का निराकरण किया जाएगा।
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ओपीएस के फैसले पर राज्य सरकार अड़िग है। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा राजस���थान हैल्थ गवर्नमेंट स्कीम (आरजीएचएस) लागू की गई है। आरजीएचएस के माध्यम से ��ेवारत तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पूरी तरह कैशलेस उपचार एवं दवाईयों की सुविधा दी जा रही है।
ओपीएस के फैसले पर राज्य सरकार अड़िग है। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा राजस���थान हैल्थ गवर्नमेंट स्कीम (आरजीएचएस) लागू की गई है। आरजीएचएस के माध्यम से ��ेवारत तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पूरी तरह कैशलेस उपचार एवं दवाईयों की सुविधा दी जा रही है।
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ओपीएस, जिसे लेकर बहस चल रही है, मैं फिर कहना चाहूंगा कि हमारी सरकार ने सोच-समझकर, गुणा-भाग करके मानवीय दृष्टिकोण से ओपीएस लागू की है, 35 साल तक सर्विस करता है कोई व्यक्ति, उसको कॉन्फिडेंस रहना चाहिए कि सरकार जो पहले ध्यान रखती थी बुढ़ापे में वो ही ध्यान रखेगी ओप��एस के माध्यम से..
ओपीएस, जिसे लेकर बहस चल रही है, मैं फिर कहना चाहूंगा कि हमारी सरकार ने सोच-समझकर, गुणा-भाग करके मानवीय दृष्टिकोण से ओपीएस लागू की है, 35 साल तक सर्विस करता है कोई व्यक्ति, उसको कॉन्फिडेंस रहना चाहिए कि सरकार जो पहले ध्यान रखती थी बुढ़ापे में वो ही ध्यान रखेगी ओप��एस के माध्यम से..
ओपीएस, जिसे लेकर बहस चल रही है, मैं फिर कहना चाहूंगा कि हमारी सरकार ने सोच-समझकर, गुणा-भाग करके मानवीय दृष्टिकोण से ओपीएस लागू की है, 35 साल तक सर्विस करता है कोई व्यक्ति, उसको कॉन्फिडेंस रहना चाहिए कि सरकार जो पहले ध्यान रखती थी बुढ़ापे में वो ही ध्यान रखेगी ओप��एस के माध्यम से..
ओपीएस, जिसे लेकर बहस चल रही है, मैं फिर कहना चाहूंगा कि हमारी सरकार ने सोच-समझकर, गुणा-भाग करके मानवीय दृष्टिकोण से ओपीएस लागू की है, 35 साल तक सर्विस करता है कोई व्यक्ति, उसको कॉन्फिडेंस रहना चाहिए कि सरकार जो पहले ध्यान रखती थी बुढ़ापे में वो ही ध्यान रखेगी ओप��एस के माध्यम से..
ओपीएस, जिसे लेकर बहस चल रही है, मैं फिर कहना चाहूंगा कि हमारी सरकार ने सोच-समझकर, गुणा-भाग करके मानवीय दृष्टिकोण से ओपीएस लागू की है, 35 साल तक सर्विस करता है कोई व्यक्ति, उसको कॉन्फिडेंस रहना चाहिए कि सरकार जो पहले ध्यान रखती थी बुढ़ापे में वो ही ध्यान रखेगी ओप��एस के माध्यम से..