भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर प्रधानमंत्री और उनके मंत्री भ्रम फैला रहे हैं। सरकार देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रही है। भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती पर करोड़ों लोगों की जीविका टिकी है। इन क्षेत्रों पर मार पड़ेगी तो बड़ी संख्या में लोगों पर आर्थिक संकट आएगा। नरेंद्र मोदी सरकार ने ऐसा समझौता किया है जो भारतीय किसानों और व्यापारियों को गहरी चोट पहुंचाएगा।
~ राहुल गांधी जी, नेता प्रतिपक्ष
18% टैरिफ बनाम 0% - आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं। और, किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं।
बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है - शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें।
भारत के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया - “अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी।”
आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई?
और, ये कैसी नीति है? क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है - या फिर “आगे कुआं, पीछे खाई” की हालत में फंसाने वाला जाल?
अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा।
और, अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है।
भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोज़गारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना।
एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स - दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती।
लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र “सरेंडर” मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है।
#FarmersFirst 🇮🇳
खान सर ने बहुत पहले ये बता दिया था कि UGC कानून लागू नहीं होने दिया जाएगा।
क्योंकि हर सिस्टम में ऊपर से लेकर नीचे तक इन्हीं के लोग बैठे हुए हैं।
अब देखना यह है कि OBC कैटिगरी के लोग इस कानून के लिए कहां तक लड़ाई लड़ते हैं?
बिहार पटना के सोनू राज साइकिल से लगभग 2 हजार किलोमीटर चलकर लद्दाख समर्थन में पहुंचा था। दौरान सोनू राज को सोनम वांगचुक ने गियर वाली नई साइकिल व चंदा करके कुछ पैसे दिए थे ताकि सोनू पुनः अपने घर पहुंच जाय।
एक देश भक्त को देश द्रोही बना दिया गया, मात्र एक वीडियो क्लिप के आधार पर, जबकि वह बयान किसी कॉमेडियन का था जिसे सोनम वांगचुक ने किसी बात के उदाहरण हेतु दोहराया था।
कैसे होगा चुनाव सुधार? वैसे ही जो हम बार बार कह रहे हैं
1. चुनाव से कम से कम एक महीने पहले मशीन-रीडेबल वोटर लिस्ट सार्वजनिक हो
2. CCTV फुटेज मिटाने वाला काला कानून तुरंत वापस लिया जाए
3. विपक्ष को EVM तक पहुंच मिले और उसका आर्किटेक्चर सार्वजनिक किया जाए
4. चुनाव आयुक्तों को सज़ा से बचाने वाला कानून बदला जाए ताकि उनकी मनमानी पर लगाम लगाई जाए
सरकार ये सुधार नहीं चाहती - मगर हम हर हाल में ये बदलाव ला कर रहेंगे।
Influencers are now coming up with rap songs and exposing how those in power have ruined our beautiful country😞
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One of my friend has put this as his caller tune. 🔥🔥
Things are changing 🔥
सुप्रीम कोर्ट के CJI गवई पर जूता फेंकना केवल अपमान नहीं, बल्कि सोनम वांगचुक की लद्दाख की लड़ाई और हिमालय की पर्यावरण सुरक्षा से ध्यान भटकाने की सुनियोजित रणनीति थी।