CBSE अध्यक्ष और सचिव का तबादला कर मोदी सरकार लोगों की आंखों में धूल झोंक रही है।
ये सारी कवायद इसलिए की जा रही है ताकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाया जा सके।
जवाबदेही और ज़िम्मेदारी शिक्षा मंत्री की है - बर्खास्तगी उनकी होनी चाहिए।
: AICC-सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन @SupriyaShrinate जी
मैं आदिवासी प्रोफेशनल्स कॉन्क्लेव 2026 में आप सभी का स्वागत करता हूं।
हमारे आदिवासी साथी पूरे देश में नाम कमा रहे हैं, हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।
आदिवासी प्रोफेशनल्स कॉन्क्लेव सभी प्रोफेशनल्स को अपनी आवाज को देश व समाज के लिए बुलंद करने का मौका देता है।
हमारी जल-जंगल-जमीन की लड़ाई ज्ञान और टेक्नोलॉजी से और भी धारदार होगी। हम चाहते हैं कि हमारा समाज आगे आए और लीड करे।
हमारा कॉन्क्लेव कल सुबह 9 बजे से शुरु होगा, सभी के साथ चर्चा होगी, हम सबके नेता राहुल गांधी जी भी उपस्थित होंगे।
आप सभी अपना योगदान दें।
: आदिवासी कांग्रेस के चेयरमैन @VikrantBhuria जी
The transfer of CBSE Chairman and Secretary is a mere eye-wash.
Modi ji should immediately sack Dharmendra Pradhan. Nothing less than that would provide a sense of justice to 18.5 lakh CBSE students.
“Big Breaking” is not this whitewashing, the Real News is Pradhan’s continuation despite all this!
पाँच में से सिर्फ़ दो अख़बारों ने राहुल गांधी का “राष्ट्रीय सरेंडर संघ” ट्वीट छापा—वो भी दबाकर:
जनसत्ता (पेज 8), अमर उजाला (पेज 17)
भास्कर, हिंदुस्तान, जागरण—ग़ायब
सच छुपाने की ये कोशिश ही बताती है कि चोट कहाँ लगी है।