24 घंटे होने को आए हैं, देवपालिक का कुछ पता नहीं चल पाया है। वो कहाँ है, किस हाल में है, कुछ नहीं मालूम। ये बहुत डरावना है।
IIMC में देव हमारे साथ पढ़ा है। दोस्त बता रहे हैं कि वो कल दोपहर 3 बजे से लापता है। वो मुरी स्टेशन से पहले पैंट्री में खाना ऑर्डर करने गया था और उसके बाद से उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
उसके बाद की पूरी कहानी गुंजन के इस thread में है।
मंत्री-संतरियों का समान भी खो जाए तो मिल जाता है, आम लोग कौनसे सिस्टम का भरोसा रखें बता दो 🙏
@HemantSorenJMM
UP TGT भर्ती में पीडीए समाज के साथ सरेआम नाइंसाफ़ी की जा रही है, जिसमें EWS की सीटें 10% आरक्षण की सीमा से डेढ़ गुनी से भी ज़्यादा हैं और बाक़ी OBC, SC, ST की संख्या निश्चित संख्या से बहुत कम है। इस Logical Discrepancy को पकड़ने के लिए किसी AI की नहीं सिर्फ़ ईमानदार नीयत की ज़रूरत है। युवाओं के धैर्य का बाँध जिस दिन टूट गया उस दिन भाजपाई सत्ता के भ्रष्ट क़िले ढह जाएंगे।
इतनी बेईमानी देखकर तो भाजपाइयों के सिर भी झुक गये हैं।
ओडिशा में आदिवासियों की सेवा करने वाले डॉक्टर रैंडल सिक्वेरा और दलित कार्यकर्ता लक्ष्मण नायक की गिरफ्तारी बेहद चिंताजनक है।
जो डॉक्टर वर्षों से आदिवासी बच्चों का इलाज कर रहा था, आज वही आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के लिए आवाज उठाने के कारण जेल में है।
आखिर सरकार आदिवासियों की जमीन और जंगल बचाने वालों को अपराधी क्यों बना रही है? क्या खनन कंपनियों के हित आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों से बड़े हो गए हैं?
हम डॉ. रैंडल सिक्वेरा और लक्ष्मण नायक की तत्काल रिहाई, निष्पक्ष जांच और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा की मांग करते हैं।
आदिवासियों के अधिकारों के लिए आवाज उठाना अपराध नहीं है।
मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष @kharge ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि यदि कई जगहों पर फेस-ऑफ़ जारी है, तो देश को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई? पार्टी की तरफ़ से प्रेस कांफ्रेंस कर @Pawankhera ने ये भी पूछा है कि क्या भारतीय सैनिकों जहां तक पहले गश्त करते थे वहां तक उनकी पूरी तरह पहुंच है कि नहीं? और चीन के साथ लगातार हो रही बातचीत से ज़मीन पर क्या नतीजे निकले हैं?
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दिल्ली में बैठे तथाकथित मेन स्ट्रीम मीडिया को शर्म आनी चाहिए कि नॉर्थ ईस्ट का रिजनल मीडिया जिस पुरज़ोर तरीक़े से चीनी घुसपैठ की आवाज़ उठा रहा है, गोदी चैनल उसी पुरज़ोर तरीक़े से लीपापोती में जुटे हैं!
“…चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने ऊपरी सुबनसिरी जिले के ताक्सिंग सर्कल में माजा कंपनी ऑपरेटिंग बेस के पास, लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के भारत के अंदाज़े से 6-7 किलोमीटर अंदर ऊंचाई पर टेंट लगाए हैं।” सूत्रों के हवाले से कही गई बात को लेकर @the_hindu की पत्रकार@vijaita की रिपोर्ट
China and India in a standoff at multiple locations along Arunachal border since July, India hosted Xi Jinping from Sep 11-13 for the BRICS summit.
“In the past few-days, a situation arose where face-off happened at several locations in Arunachal and it still continues,” ITBP D-G Shatrujeet Kapur said on Thursday.
This is the first official confirmation of the scale of the continuing tensions on the north-eastern border since July this year.
Government sources told The Hindu that since late July, India and China have been engaged in a stand-off at Asaphila near Taksing in Arunachal Pradesh. The Chinese People’s Liberation Army (PLA) is said to have pitched tents at an elevation, within 6-7 kilometres of India’s perception of the Line of Actual Control (LAC) near Maja company operating base in Taksing circle of Upper Subansiri district, sources said. I ✍️
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In any other democracy, forget Hardeep Epstein Puri, even the PM and his entire Cabinet would have resigned over such an international disgrace.
But then, we have the BJP.
मीडिया पूछ रही है, RSS की असली जंग किससे है? भाई RSS की असली जंग हमेशा देश से रही है! भगत, सुखदेव, राजगुरु, अशफ़ाक़ के कुर्बानी को इनके गुरु आदर्श बनाने से मना करते है! (p. 283)
गांधी जी की हत्या इनके विषाक्त माहौल से हुई (Patel), वैसे इन संघियों ने अपनों को भी नहीं छोड़ा!
जनसंघ, ABVP के संस्थापक बलराज मधोक की किताब में दिन दयाल उपाध्याय के हत्यारों को बेनकाब किया है।
कितने सबूत दिखाऊँ?
आज का source - Bunch of thoughts (M.S Golwalkar), Zindagi ka safar -3 (Balraj Madhok)
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1000 करोड़ के गुप्त फंड का पर्दाफाश!
नागपुर और यरूशलम के बीच अंतरराष्ट्रीय गठजोड़
नागपुर के विजयदशमी उत्सव और यरूशलम में हुई बैठकों के बीच एक बड़ा कूटनीतिक खेल सामने आ रहा है।
शुरुआत में ये तीन बड़े सबूत सामने आए हैं...
1. 18 अक्टूबर को यरूशलम में RSS पर किताब लिखने वाले इजराइली शोधकर्ता ने ऑन-रिकॉर्ड कहा कि RSS में उनके कई दोस्तों से उनकी मुलाकात इजराइली डिप्लोमैटिक टीम के इवेंट्स के दौरान हुई थी।
2. इसके ठीक दो दिन बाद 20 अक्टूबर को नागपुर के विजयदशमी उत्सव में भारत में इजराइल के कंसुल जनरल ने आकर कहा कि भारत और इजराइल की चुनौतियां और वैल्यूज एक जैसी हैं।
3. इसी वक्त 'बेलिंगकैट' की रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि अमेरिका की दो संस्थाओं "एकल USA" और "सेवा USA" को पिछले 5 सालों में लगभग 1000 करोड़ रुपये मिले हैं।
• यह सारा पैसा "डोनर-एडवाइज्ड फंड्स"के जरिए आता है, जिससे असली पैसा देने वाले कॉर्पोरेट घरानों और अमीरों का नाम हमेशा के लिए छिप जाता है।
• कागजों में इसे स्कूल और शिक्षा के नाम पर भेजा जाता है, लेकिन एक तरफ विदेशी फंडिंग का यह नेटवर्क है और दूसरी तरफ जमीन पर 'फॉर्म-7' के जरिए वोटर लिस्ट से मुस्लिमों के नाम काटने के खेल की खबरें हैं।
• सरकार खुद मानती है कि गुप्त विदेशी फंडिंग से चुनाव प्रभावित होते हैं, फिर भी संघ से जुड़ी संस्थाओं के लिए ये रास्ते खुले हैं जबकि सवाल पूछने वाले 22,000 NGO बंद कर दिए गए।
एक तरफ़ गुप्त अमरीकी फंड का नेटवर्क, मंच पर विदेशी कूटनीति और जमीन पर नागरिकों का वोट काटने का हथियार, यह सब मिलकर एक बड़े 'पावर कैप्चर सिंडिकेट' की तरफ इशारा करते हैं।
देश को अब खोखले भाषणों की नहीं, बल्कि इस दोहरे खेल की पूरी सच्चाई और जवाबदेही की जरूरत है।
गैर पंजीकृत RSS के फंडिग और देशभक्ति का कोई अता- पता नहीं है!
मुंजे, हेडगेवार, सावरकर, के. एस. सुदर्शन से लेकर जानवरों के डॉक्टर मोहन भागवत तक के देशविरोधी कृत्यों और बयानों की पूरी श्रृंखला को सबूतों के साथ रखने की कोशिश की हूँ। सुन सकते है:
RSS मुर्दाबाद
संविधान जिंदाबाद