काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO पद पर पहले विश्वभूषण मिश्रा थे, अब सत्यम मिश्रा नियुक्त हुए हैं।
SC/ST/OBC के आरक्षण पर बहस खूब होती है, पर शीर्ष पदों में सामाजिक प्रतिनिधित्व पर सवाल क्यों नहीं?
मेरिट की बहस तभी पूरी होगी, जब अवसर और प्रतिनिधित्व दोनों पर बात होगी।
#MeritKaJhuth
Trump broke with normal protocol to personally receive Xi Jinping at the airport. In 2024, Trump said Modi was coming to meet him during Modi’s US visit.
The message for India is bigger than personalities: nations command respect through science, technology, research, manufacturing and economic power.
Cow dung and cow urine claims, rituals and endless Hindu-Muslim rhetoric will not make India a superpower. Science, innovation and education will.
Wake up Andh Bhakt!
भारत के 25 उच्च न्यायालयों में 1,122 स्वीकृत पद, लेकिन 1 मई 2026 तक सिर्फ 823 न्यायाधीश कार्यरत और 299 पद खाली थे।
जब 26.6% पद रिक्त हों, तो न्यायपालिका में दक्षता, पहुंच और प्रतिनिधित्व पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
#MeritKaJhuth#Judiciary#SocialJustice
वाह रे ‘मेरिट’ का गणित!
SC पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में पारिवारिक आय सीमा ₹2.5 लाख, जबकि EWS आरक्षण में आय सीमा ₹8 लाख तक है, साथ में संपत्ति की शर्तें भी हैं।
जब आर्थिक पैमाने इतने अलग हैं, तो ‘मेरिट’ की बहस बिना इस फर्क को बताए पूरी कैसे होगी?
#MeritKaJhuth#Reservation
कनॉट प्लेस ,दिल्ली के आसपास NDMC क्षेत्र में दशकों से रेहड़ी-पटरी लगाकर रोजी-रोटी चलाने वाले सैकड़ों असंगठित कामगार संकट में हैं। आज NDMC मुख्यालय पर सैकड़ों रेहड़ी पटरी वालों का शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया
6 सितंबर से BRICS सम्मेलन के नाम पर हटाए गए इन वेंडरों को सम्मेलन खत्म होने के बाद भी नियमित व्यवसाय नहीं करने दिया जा रहा है। जो कुछ बैठे भी हैं, उन्हें शाम 6 बजे बंद करा दिया जाता है, जो आजीविका कमाने का मुख्य समय होता है।
सर्वे स्लिप और वेंडर सर्टिफिकेट होने के बावजूद यह अन्याय क्यों?
#StreetVendors #Livelihood
#KKC
@tweetndmc@dwivedimk_ias@kuljeetschahal@CPDelhi@DelhiPolice@DCPNewDelhi@ANI
कनॉट प्लेस के आसपास NDMC क्षेत्र में दशकों से रेहड़ी-पटरी लगाकर रोजी-रोटी चलाने वाले सैकड़ों असंगठित कामगार संकट में हैं।
6 सितंबर से BRICS सम्मेलन के नाम पर हटाए गए इन वेंडरों को सम्मेलन खत्म होने के बाद भी नियमित व्यवसाय नहीं करने दिया जा रहा है। जो कुछ बैठे भी हैं, उन्हें शाम 6 बजे बंद करा दिया जाता है, जो आजीविका कमाने का मुख्य समय होता है।
सर्वे स्लिप और वेंडर सर्टिफिकेट होने के बावजूद यह अन्याय क्यों?
मैंने स्वयं NDMC के डायरेक्टर एनफोर्समेंट से इस संबंध में बात किया और उन्होंने इन वेंडर्स से मिलकर समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया लेकिन जब मिलने गए तो ऑफिस में उपस्थित होने के बावजूद मिलने से मना कर दिया। NDMC के चेयरमैन भी इनकी बात नहीं सुन रहे हैं।
मजबूर होकर अब ये वेंडर्स अपनी आजीविका बचाने के लिए एकजुट होकर 24 सितंबर, 2026 को दोपहर 12 बजे NDMC मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।
असंगठित कामगार व कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) इनकी जायज मांगों का समर्थन करता है।
#StreetVendors #Livelihood
#KKC
@tweetndmc@dwivedimk_ias@kuljeetschahal@CPDelhi@DelhiPolice@DCPNewDelhi@ANI@PTI_News@ians_india@uniindianews@INCIndia
21 IITs के 2024 RTI आंकड़े एक बड़ा सवाल खड़ा करते हैं—
फैकल्टी में General Category करीब 80%, जबकि
OBC सिर्फ 11.2%, SC 6% और ST 1.6% हैं।
जबकि केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में सीधी शिक्षक भर्ती के लिए आरक्षण का प्रावधान OBC 27%, SC 15% और ST 7.5% है।
#MeritKaJhuth#IIT
आईआईटी मुंबई में एक दलित छात्र - साहिल आत्महत्या कर लेता है। प्रशासन तुरंत स्पष्टीकरण जारी करता है—जातीय भेदभाव नहीं हुआ, छात्र नकल करते पकड़ा गया था। मौत के तुरंत बाद यह सफाई आती है, जांच से पहले।
जाति एक ऐसी मानसिक संरचना है जो सामाजिक परिवेश से दिमाग में घुसती है और स्थायी हो जाती है। इसका सबसे साफ रूप शादी-विवाह में दिखता है। अपवाद छोड़कर लोग अपनी जाति के अंदर ही विवाह करते हैं। इसके बावजूद लगभग हर कोई जाति से इनकार करता दिखाई देता है। व्यवहार एक है, भाषा दूसरी।
प्रो. सूर्यनारायण डूला विदेश पढ़े हैं, काबिल हैं। यह बात अपने आप यह साबित नहीं करती कि उनके दिमाग में जाति का कीड़ा नहीं है। अनपढ़ भेदभाव खुलकर और क्रूरता से करता है। पढ़ा-लिखा उसे सूक्ष्म तरीके से करता है—टिप्पणी, धमकी, मूल्यांकन, नेटवर्क। जान जा सकती है, जाति नहीं जाती।
भारत के सामाजिक पिछड़ेपन और बार-बार की गुलामी की एक बड़ी जड़ जाति रही है। जब तक शादी, सम्मान और रोजमर्रा का व्यवहार जाति के घेरे में रहेगा, यह जड़ बनी रहेगी।
आईआईटी मुंबई में एक दलित छात्र - साहिल आत्महत्या कर लेता है। प्रशासन तुरंत स्पष्टीकरण जारी करता है .
जातीय भेदभाव नहीं हुआ, छात्र नकल करते पकड़ा गया था।
IIT वालों शर्म करो, नकल , नकल, नकल का ढिंढोरा पीटने से सच नहीं छिप जायेगा ।
@domaparisangh@Dr_Uditraj
IIMs में सामाजिक प्रतिनिधित्व की हकीकत!
2018 के संसदीय आंकड़े: 18 IIMs में 784 स्वीकृत शिक्षक पदों में—
OBC: 27 | SC: 8 | ST: 2
सामान्य वर्ग: 590 | रिक्त: 157
सवाल है—SC, ST और OBC का प्रतिनिधित्व इतना कम क्यों था?
प्रतिभा किसी जाति की जागीर नहीं!
#SocialJustice#IIM
Today, I had the privilege of addressing a special lecture on “Creamy Layer and SC/ST Reservation” as Chief Guest at Chanakya National Law University, Patna, Bihar.
I also had the opportunity to listen to the perspectives of law students and engage in a meaningful dialogue on constitutional rights, equality, social justice, and representation.
#SCSTReservation #SocialJustice #Constitution #DrUditRaj
आज चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पटना (बिहार) में “क्रीमी लेयर एवं SC/ST आरक्षण” विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर लॉ के विद्यार्थियों के विचारों को भी ध्यानपूर्वक सुना और उनके साथ सार्थक संवाद किया।
संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय, समानता और प्रतिनिधित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर युवा विधि विद्यार्थियों के साथ संवाद एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा।
#SCSTReservation #SocialJustice #Constitution #DrUditRaj
हाई कोर्टों और सुप्रीम कोर्ट में सिख, दलित, आदिवासी, ओबीसी, मुस्लिम और ईसाई समुदायों के लिए जज बनने के रास्ते लगभग बंद हैं।
जस्टिस अरुण पल्ली को सिख जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया से जूनियर होने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट में क्यों नियुक्त किया गया?
दोनों न्यायाधीशों की हाई कोर्ट में नियुक्ति की तारीखें देखिए:
जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया - 30 सितंबर 2011
जस्टिस अरुण पल्ली -28 दिसंबर 2013
इस आधार पर जस्टिस संधावालिया लगभग 2 साल 3 महीने वरिष्ठ हैं।
जज बनने के लिए क्या कोई लिखित परीक्षा होती है? क्या कोई साक्षात्कार होता है? क्या वकालत के अच्छे रिकॉर्ड आदि की समीक्षा होती है? नहीं!
फिर किस आधार पर जज बनते हैं? जवाब नहीं!
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी खुद धार्मिक भाषण देते हैं और ध्रुवीकरण की राजनीति करते हैं।
बिहार में मुस्लिम मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बनाने के लिए गए थे।
जब तक वे बीजेपी को मजबूत करते रहेंगे, तब तक बीजेपी CAA-NRC लाती रहेगी।
DU में बदलाव के लिए आगे आएं
NSUI के पैनल को जीत दिलाएं
NSUI 2026-27 पैनल - बैलेट नंबर:
✅ 6 - विजय शंकर मीणा (अध्यक्ष)
✅ 4 - वीर चतरथ (उपाध्यक्ष)
✅ 1 - नम्रता चौधरी (सचिव)
✅ 2 - गोपाल चौधरी (संयुक्त सचिव)
#NSUI#DUSU