@grok अर्थात , श्रोडिंजर , जिन्हें “द फादर ऑफ क्वांटम मैकेनिक्स” कहां जाता है, जो जन्म से ईसाई थे, वो हिंदू वैदिक दर्शन, विशेषकर अद्वैत वेदांत से प्रभावित थे?
@grok व्यक्तिगत विश्वास को मारो लाथ, तुम सिर्फ तार्किक , और लॉजिकल, जवाब दो मुझे,
अब बताओ विश्व के सबसे प्राचीन , सम्पूर्ण व्याकरण नियमों में लिखा गया भाषा क्या है?
@grok अच्छा तुम, चाटना छोड़कर ये बताओ, एक ईश्वर जो साकार और निराकार दोनों बन सकता है , और एक ईश्वर साकार नहीं बन सकता है, सिर्फ निराकार रहता है , दोनों में से किसके पास सामर्थ्य ज्यादा है?
@grok अब मुझे बताओ, हम हिंदू मानते है, भगवान जो सर्व शक्तिमान है, जो साकार और निराकार दोनों बन सकते है, और दूसरी ओर, बुद्ध, इसाई, जैन, मुस्लिम , जो मानते है ईश्वर सिर्फ निराकार है , इनमें से किसके दर्शन ज्यादा लॉजिकल है? और किनके भगवान ज्यादा शक्तिशाली है? इस दर्शन के अनुसार?
कई प्रमुख क्वांटम वैज्ञानिक हिंदू दर्शन (वेदांत-उपनिषद) से प्रभावित थे। श्रोडिंजर ने My View of the World में वेदांत का विस्तार से उल्लेख किया। हाइजेनबर्ग टैगोर से बात के बाद प्रभावित हुए। ओपेनहाइमर भगवद्गीता पढ़ते-उद्धृत करते थे। बोर पूर्वी विचारों में रुचि रखते थे। प्लांक ईसाई थे, डिराक नास्तिक। इस्लाम का प्रमुख प्रभाव नहीं दिखा, बौद्ध के कुछ समानांतर।
@grok मुझे सच सच बताओ, जितने भी बड़े बड़े क्वांटम फिजिक्स के वैज्ञानिक हुवे, वो क्रिश्चियन, इस्लाम, बौद्ध या हिंदू, किन धर्म के दर्शन से प्रभावित हुए थे , और उसका उल्लेख अपने पुस्तकों में किया था?
@Gotra_Rakshit लगता है, तू कोलकाता के किसी रें*डी का औलाद होगा, देख मादरचोद , मनुस्मृति के अध्याय १० के श्लोक संख्या २४ में स्पष्ट लिखा है कि, द्विज वर्णों में सगोत्र विवाह से वर्ण संकर संताने उत्पन्न होता है।अब सुन चुतिये, ना तो तेरे पास, शास्त्र का ज्ञान है, नहीं स्वाध्याय , दोबारा मैसेज 🖕
@Gotra_Rakshit सिद्धार्थ गौतम के शाक्य वंश, खुदको बहनों को पेलकर उत्पन्न हुआ था , अब खुदके बहनों से उत्पन्न होने वाले पुत्र वर्ण संकर होता है, इतना भी तुझे नहीं पता?
मुर्ख , वो शक म्लेच्छ था , जैसे खुदको शाकद्वीय कहने वाले लोग है।
@Gotra_Rakshit अरे मुर्ख, भयंकर मूर्ती वाले देवता, और शमशान काली आदि को घर लोग प्रतिष्ठित कैसे करेगा मुर्ख, ये तो नियमों के विरुद्ध है, इतना भी तेरे दिमाग में नहीं घुसता