त्याग देने योग्य केवल वस्तुएँ नहीं होतीं, कभी-कभी कुछ लोग और सम्बन्ध भी होते हैं। जो व्यक्ति अपने अहंकार में आपके स्वाभिमान और चरित्र पर प्रश्न उठाए, वह आपके जीवन में स्थान का पात्र नहीं हो सकता। क्योंकि सम्मान के बिना कोई भी सम्बन्ध टिक सकता है, पर आत्मा को सुकून नहीं दे सकता।