जब छात्रों की जान बचाने की जरूरत थी, तब सरकार और प्रशासन कहां थे? घटना के करीब दो घंटे बाद दिल्ली पुलिस-प्रशासन की राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। आखिर इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है?
जैसे ही हमें सूचना मिली NSUI की पूरी टीम मौके पर पहुंची ,वहां छात्र मलबे में दबे मिले, हमारे NSUI का साथी भी मलबे में फंसा मिला और मौके पर न फायर ब्रिगेड, न पुलिस, न मेडिकल सुविधा, न JCB!
हम वहां पहुंचकर अपने हाथों से छात्रों को मलबे से निकालने में जुट गये। हमने 3 बच्चो को निकाला,कई छात्रों की जान जा चुकी है और स्थिति बेहद दुखद है।
बच्चों को मलबे से निकालते वक्त हमें एक बच्चे के हाथ से उसकी किताब मिली। यह दृश्य बेहद भावुक और झकझोर देने वाला था ।
जिस बच्चे के हाथ में किताब होनी चाहिए थी, वही हाथ मलबे में दबा मिला। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही और व्यवस्था की विफलता का दर्दनाक प्रमाण है।
भाजपा के इस नेता स्वतंत्र भारद्वाज की बातें सुनिए।
खुद दावा कर रहा है कि छात्र आंदोलन के दौरान उसने एक प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं और 60 टांके लगे।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
स्वतंत्र भारद्वाज खुद कपिल मिश्रा, चिराग पासवान और मोदी को अपना बड़ा भाई बताते हुए उनके समर्थन का दावा करता है।
सवाल सीधा है क्या सत्ता से नजदीकी कानून से ऊपर है?
केवल सोनम वांगचुक अनशन नही कर रहे हैं, JNU की स्कॉलर Neha भी अनशन कर रही है. आरक्षण, जाति जनगणना, पिछड़ा दलित और आदिवासियों के मुद्दे पर Neha एक मुखर आवाज हैं.
“केवल भारतीय नाविकों पर हमला हो रहा है”
ईरान में भारतीय नाविक मदद की गुहार लगा रहे हैं
उनका कहना है कि अमेरिका जानबूझकर उन जहाजों पर हमला कर रहा है जिन पर भारतीय मौजूद हैं
नरेंद्र मोदी के compromised होने की कीमत पूरा देश चुका रहा है
पानी नहीं तो खेती नहीं... और खेती नहीं तो गांव नहीं!
करौली जिले के खंडीप में पाँचना बांध के कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत अब जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। धरने के दसवें दिन भी हजारों किसान, युवा, पंच-पटेल और ग्रामीणों ने किसानों के हक की आवाज बुलंद की।
दर्जनों गांवों से लोग लगातार आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनकी एक ही मांग है-सरकार और प्रशासन हाईकोर्ट के आदेशों की पालना सुनिश्चित करते हुए नहरों में पानी छोड़े। उनका कहना है कि यह सिर्फ पानी की लड़ाई नहीं, बल्कि खेती, रोजगार और पूरे क्षेत्र के भविष्य की लड़ाई है।
किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक पाँचना बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि खेत सूख रहे हैं, फसलें संकट में हैं और सरकार को अब किसानों की आवाज सुननी ही होगी।
"नहरों में पानी छोड़ो, किसानों को जीने दो" के नारों के साथ खंडीप की धरती पर संघर्ष जारी है और जनसमर्थन हर दिन नई ताकत बनकर उभर रहा है।
आदिवासियों के जल, जंगल, ज़मीन पर डाका डाल रही है सरकार,
मध्य प्रदेश में अपने जंगल और ज़मीन बचाने के लिये लोग दिन रात प्रदर्शन कर रहे हैं,
लेकिन भाजपा सरकार ने न कभी सुना है, ना सुनेगी |
90% MLA, MLA कोटे की कमिशन लेते है😳
इन अफसरो और IAS के घर जाकर देखो 50-50 करोड रूपये की कोठिया बना रखी है इन्होने😲 तनख्वाह से बन गई क्या
JDA के कमीश्नर की 2-3 करोड की रोज की इनकम है😵 ये रुपये गिनकर नही लेते, तौल के हिसाब से लेते है 1 क्विंटल मे 2.5 करोड रुपये चढते है😳😲🤨
- राजेन्द्रसिंह गुढा
माउंट आबू स्थित अर्बुदा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर, साधु-संतों का आशीर्वाद लेकर अरावली आंदोलन का संकल्पबद्ध आग़ाज़ किया।
यह आंदोलन जल, जंगल, ज़मीन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है।
माँ अरावली की रक्षा के लिए यह संघर्ष अब रुकेगा नहीं, झुकेगा नहीं।
इसके लिए हम सब मिलकर संघर्ष कर माँ अरावली की रक्षा करेंगे।
#अरावली_आंदोलन #हम_सब_अरावली_बचाएंगे
#SaveAravali #अरावली_बचाओ
#निर्मल_संग_अरावली_बचाएंगे
#NirmalChoudhary
ज्योति याराजी बहन ने Gold जीता है और स्टेडियम खाली है जश्न मनाने वाला नहीं है, चारो तरफ देखकर रोने लगी यही क्रिकेट होता स्टेडियम भरा हुआ रहता है
भारत की सबसे तेज महिला बाधा दौड़ धावक ज्योति याराजी और राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक स्टीपलचेज़ धावक अविनाश साबले ने गुरुवार को दक्षिण कोरिया के गुमी में आयोजित 26वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में
अपने-अपने स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीते। सीज़न के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ जीत हासिल करते हुए, साबले 36 वर्षों में एशियाई चैंपियनशिप में स्टीपलचेज़ में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बन गए। इसके तुरंत बाद, ज्योति ने अंतिम क्षणों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता।
ज्योति याराजी बहन पूरा भारत को आप पर गर्व है
Jyoti Yarraji Gold 🥇 Winner
मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp व राज्य के उप -मुख्यमंत्री तथा परिवहन विभाग का जिम्मा संभाल रहे श्री @DrPremBairwa जी,जरा परिवहन विभाग के इस अधिकारी के लहजे और भाषा पर संज्ञान लीजिए,यह वीडियो वायरल होने पर परिवहन विभाग के इस गैर -जिम्मेदार अधिकारी की सच्चाई सामने आ गई,मगर हर रोज सड़को पर RTO के तांडव, परिवहन विभाग के अफसरों और कार्मिकों तथा उनके द्वारा रखे गए किराए के गुंडों द्वारा गरीब ट्रक ड्राइवरों के साथ बदसलूकी करना आम बात हो गई है |
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वायरल परिवहन विभाग का अधिकारी जयपुर जिले में कार्यरत है और इनके व्यवहार से यह स्पष्ट है कि इन्हें सरकार और नियमों का कोई खौफ नहीं है |
मुझे प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस ट्रक ड्राइवर के साथ इस अधिकारी ने बदसलूकी की,उस ट्रक के कागजात पूरे थे और उसमें लोड भी नियमानुसार ही था ऐसे में जब रिश्वत के रूप में परिवहन विभाग के अधिकारी को कुछ मिलता नहीं दिखा तो इसने फर्जीवाड़े से गाड़ी को जब्त कर लिया |
सरकार इस मामले में तत्काल प्रभाव से इस अधिकारी व इसके साथ ड्यूटी पर मौजूद कार्मिकों को निलंबित करें |
@RajCMO
एक तरफ इंडिगो की मनमानी से देश के नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा वहीं दूसरी तरफ गोवा के जिस नाइटक्लब में आग लगने के कारण दो दर्जन से अधिक नागरिक काल - कवलित हुए ,इस क्लब के दोनों मालिक इंडिगो की फ्लाइट से थाईलैंड भाग गए ,इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता |
मैंने कल रात्रि में लोक सभा में इस बात को प्रमुखता से उठाया |
#ParliamentWinterSession2025
अमायरा के परिवार को सरकार की तरफ़ से नीरजा मोदी स्कूल पर कार्रवाई का आश्वासन मिला है।
लेकिन अमायरा के पिता विजय मीणा जी का स्पष्ट कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।
हमारी ओर से फिलहाल 2 दिसंबर को प्रस्तावित धरना स्थगित किया गया है।
मैं पूरी मजबूती के साथ परिवार के साथ खड़ा हूँ—अगर अमायरा को जल्द न्याय नहीं मिला, तो जिस दिन अमायरा का परिवार संकेत देगा, उसी दिन नीरजा मोदी स्कूल को बंद कर दिया जाएगा।
हम सरकार को कुछ समय और दे रहे हैं,
लेकिन अगर नीरजा मोदी स्कूल पर जल्द और सख़्त कार्रवाई नहीं हुई,
तो यह लड़ाई सड़क पर उतरकर लड़ी जाएगी।
@BhajanlalBjp@RajCMO@madandilawar
भारत का संविधान सिर्फ एक किताब नहीं, यह देश के हर नागरिक से किया गया एक पवित्र वादा है।
वादा कि चाहे कोई किसी भी धर्म या जाति का हो, किसी भी क्षेत्र से आता हो, कोई भी भाषा बोलता हो, गरीब हो या अमीर, उसे समानता, सम्मान और न्याय मिलेगा।
संविधान गरीबों और वंचितों का सुरक्षा कवच है, उनकी शक्ति है और हर एक नागरिक की आवाज़ है।
जब तक संविधान सुरक्षित है, हर भारतीय के अधिकार सुरक्षित हैं।
आइए, हम प्रण लें कि हम संविधान पर किसी भी तरह का आक्रमण नहीं होने देंगे।
इसकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है और इसपर होने वाले हर प्रहार के सामने सबसे पहले खड़ा रहूंगा।
आप सभी को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
जय हिंद, जय संविधान।
चुनावी परिणाम भले ही विपरीत जा रहे चाहे हो लेकिन नरेश मीणा के संघर्ष को सलाम बनता है।
इतना भी गुमान ना कर अपनी जीत पे ऐ बेखबर, शहर में तेरी जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं
इस हार को हम स्वीकार करते है.! साथ में ये भी कटुसत्य है कि ये हार मेरे जैसे उन ज़िम्मेदार साथियों की वजह से हुई है; जो नरेश भाई की तरह मेहनत नहीं कर सकें.! ये हार नरेश भाई की नहीं बल्कि हम सबकी है.! अंत में नरेश भाई के लिए यही कहूँगा कि आप वो लड़ाका और योद्धा हो; जिसने हाड़ौती की जनता को जगाने का काम किया है और 53750 लोगों का दिल जीत लिया.! अभी लड़ाई ख़त्म नहीं हुई है; असली रण अब शुरू होगा.! इंक़लाब ज़िंदाबाद.!