अशफ़ाक खान को ईस्लाम की खूबसूरती बयान करके के जुर्म में लाइन हाज़िर कर दिया गया है आप ट्राफिक पुलिस में तैनात थे आप के लाखों फालोवर है आपकी गलती सिर्फ़ इतनी है कि आप दीन की बात बयान कर दिए वो भी सिर्फ़ एकबार जबकि वर्दी पहन कर हवन पूजा , गदा लेकर और धार्मिक पताका लेकर घूमते हज़ारो पुलिस के अधिकारी दिख जायेगे लेकिन कभी किसी पर करवाई नही हुई लेकिन आपका मुसलमान होना आपका असली गुनाह है दोस्तो आज आपके भाई अशफाक को स्पॉट की जरूरत है क्योंकि उसको सिर्फ मुसलमान होना ओर मजहब इस्लाम की खूबसूरती बयान करने पर आरोपी करार दिया गया क्या तुम मुर्दा हो जो अपने भाई के लिए आवाज नहीं उठा सकते लिख नहीं सकते बोल नहीं सकते तो आप बोलने ओर लिखने वाले की ताकत बनो दिखा की हम अपने अशफाक भाई के साथ खेड़े हैं !!!
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एडवोकेट असमा शैख की महिला संगठनों से अपील,
" एक मुख्यमंत्री द्वारा एक महिला का हिजाब सरेआम खींचना महिला का अपमान नहीं बल्कि पूरी इंसानियत का अपमान है , इसके लिए हिन्दू - मुस्लिम सभी धर्मों के लोगो के संगठनों को एकजुट होकर आवाज उठाना चाहिए क्यूंकि यह धर्म से जुड़ा मुद्दा नहीं बल्कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है "...
अनुज चौधरी वर्दी में धार्मिक यात्रा में भाग लेता है,हाथ में गदा उठाता है और उसका प्रमोशन हो जाता है
आफ़ाक खान बेटियों की सुरक्षा को लेकर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम" (ﷺ) की बात बताते हैं और उनको लाइन हाजिर कर दिया जाता है
पुलिस वाले ही महिलाओ की प्राइवेसी का उलंघन करें तो कानून की रक्षा कौन करेगा ?
@Uppolice , @kaushambipolice इन पुलिस वालो पर अभी तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं हुई ?
इसका चेहरा क्यों छुपाया है? इसका जुलूस निकालकर वीडियो क्यों नहीं बनाया? इसकी टांग में गोली मारकर इसे लगड़ाकर चलते हुए वीडियो शूट क्यों नहीं बनाया? इसका कान पकड़कर माफी मांगकर चलते हुए वीडियो क्यों नही बनवाया? इससे क्यों नहीं कहलवाया किसी से जबरन अपना नारा लगवाना पाप है, पुलिस हमारी बाप है? इसके घर को बुलडोज़र से ध्वस्त क्यों नही किया? क्या इसलिए कि यह ‘रोहित’ है? अगर यह रेहान होता तब?
जिला कौशांबी के मेले में सप्लाई इंस्पेक्टर अजीत यादव, दो कांस्टेबलों के साथ झूला झूलते हुए मौजूद थे। पीछे बैठी कुछ मुस्लिम महिलाओं ने वीडियो न बनाने का अनुरोध किया इसके बावजूद उन्होंने न सिर्फ़ वीडियो बनाई, बल्कि उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट भी कर दिया।
जब वर्दी में मौजूद अधिकारी ही महिलाओं की प्राइवेसी और गरिमा की अनदेखी करें, तो जनता को क्या संदेश जाता है?
हम @dgpup@kaushambipolice से अनुरोध करते हैं कि इस घटना की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।