जब कभी लगने लगे, सब खाली-खाली है, तब समझ लेना, तेरी बगिया का तू ही फूल, और तू ही माली है!
मौसम बदलेगे,कभी बहार तो,कभी पतझङ मिलेगे !
ना डरना, ना घबराना तुम, जिदगी की नई कोपलें बढ़ाना तुम !
ना टुटना, ना रूठना, ना करना कोई बहाना तुम, मै हूं तो सब है, बस खुद को ये याद दिलाना तुम।
यदि कोई शिक्षित व्यक्ति अपने समाज को अंधविश्वास और अज्ञानता के दलदल से बाहर नहीं निकाल सकता, तो उसके शिक्षित होने का कोई मतलब नहीं है!
बी. आर. अम्बेडकर
बाबा! तुमसे इतनी - सी दरखास्त है
मुझे लाड देना, दुलार देना
पर इस ज़माने के बनाए नियमों में
मुझे ना धकेलना
मेरी कीमत मत लगाने देना
मैंने अमीरी, महल,
शौहरत नहीं चाही कभी
एक ऐसा घर ढूंढ लाना
जहाँ सलामत रहे आपकी बिटिया का वजूद सदा
जहाँ महफूज रहे आपकी दुलारी वहाँ।
#दुलारीबिटिया