तोता नारी सभा में गया और मनुस्मृति के नवें अध्याय पर बोला उसकी बातें नारी को गुलाम बनाती है! सबने कहा छि! तोता छिपा गया वह अध्याय नारी रक्षा का दायित्व तय करता है! वह तीसरे अध्याय पर भी नहीं बोला जहाँ नारी संमान की बातें हैं! अपनी आसमानी किताब के शूरा 4:34 और 33:33 पर भी चुप रहा!
@ajeetbharti 1886 सर्वे, गुरुकुल और पाठशाला में पढ़ने वाले बच्चों में से 70% गैर ब्राह्मण समाज से, जिसमें डोम, दोसद, चंडाल जैसे अति पिछड़े समुदाय शामिल थे,तो जो कहते हैं सवर्णों को शिक्षा, संपत्ति संसाधन में 1000 वर्षों से आरक्षण मिल रहा है, खुद के आरक्षण को सही ठहराने के लिए विशुद्ध झूठ है।
विद्यालय की रसोई में जलता चूल्हा केवल भोजन नहीं पकाता, वह लाखों बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को ऊर्जा देता है।
इस पुनीत दायित्व को अपने श्रम और ममत्व से निभाने वाली हमारी रसोइया माताएं-बहनें 'पीएम पोषण' की वास्तविक आधारशक्ति हैं।
आज इन कर्मयोगी रसोइयों के सम्मान के साथ प्रदेश की 3.54 लाख मिड-डे मील रसोइयों के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण का शुभारंभ होगा।
सम्मान से स्वास्थ्य-सुरक्षा तक की यह पहल हमारी रसोइया माताओं-बहनों के श्रम के प्रति 'डबल इंजन सरकार' की कृतज्ञता और उनके सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन के प्रति प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है।
मनुस्मृति। जब मुद्दाविहीन हो जाओ तो मनुस्मृति को गाली दे दो। जब स्वयं को आधुनिक व बुद्धिजीवी दिखाना हो तो मनुस्मृति को गाली दे दो। जब वोक दिखना हो तो मनुस्मृति को गाली दे दो।
मनुस्मृति कहती है कि कन्या का अविवाहित रह जाना बेहतर है, लेकिन उसका विवाह किसी गुणहीन पुरुष से नहीं किया जाना चाहिए। नारी-सशक्तिकरण के लिए इससे बेहतर समझ रखते हैं आप? मनुस्मृति कहती है कि शारीरिक परिपक्वता के बाद निर्धारित अवधि तक प्रतीक्षा करने के बाद ही लड़की का विवाह हो, उस समय के हिसाब से 17 वर्ष तक। बाल-विवाह के विरुद्ध इससे बेहतर कोई प्रमाण है आपके पास?
मनुस्मृति कहती है - विन्देत सदृशं पतिम्। कन्या अपने योग्य पति का स्वयं वरण करे। यदि अभिभावक विवाह नहीं कराते और कन्या स्वयं पति चुन ले, तो न कन्या किसी पाप या अपराध की भागी होती है, और न वह पुरुष जिसे वह चुनती है। स्वेच्छा और कंसेंट को इससे बेहतर परिभाषित कर सकते हैं आप?
पुत्रेण दुहिता समा। पुत्री पुत्र के समान है। स्त्री-पुरुष समानता के लिए मनुस्मृति से बेहतर कुछ ला सकते हैं आप? क़ुरान या बाइबिल लेकर आइए, देख लीजिए। स्वयं डॉ आंबेडकर ने बुढ़ापे में मनुस्मृति का लोहा माना है, उत्तराधिकार वाले विषय को लेकर। मनुस्मृति माता की निजी संपत्ति को अलग से मान्यता देती है और उसे अविवाहित पुत्री का भाग बताती है। परिवार में महिलाओं को सशक्त रखने के लिए इससे बेहतर कोई व्यवस्था अबतक लेकर आए आप?
बल, दबाव या जबरन नियंत्रण से स्त्रियों को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता। विश्वसनीय पुरुष भी उन्हें क़ैद नहीं रख सकते। आत्मानमात्मना यास्तु रक्षेयुस्ताः सुरक्षिताः। मतलब, जो स्त्री अपने विवेक से अपनी रक्षा करती हैं, वही सुरक्षित है। बाहरी निगरानी से ऊपर विवेक को रखा गया है। स्त्रियों को विवेकी माना गया है। इससे अधिक सम्मान देते हैं आप? आपने तो अपनी बहन तक को चुनावी राजनीति में खुद के 2 दशक बाद उतारा।
धन के देखभाल एवं प्रबंधन के लिए मनुस्मृति ने स्त्रियों पर विश्वास जताया है। राजा को मनुस्मृति आदेश देती है कि ऐसी स्त्रियों की रक्षा करे जिनके पति बाहर हैं, जिनका परिवार प्रभावशाली नहीं है, जो बीमार हैं या जिनके पति या पुत्र नहीं हैं। अगर कोई संबंधी भी किसी स्त्री की संपत्ति हड़पता है तो उसे चोर मानकर दंड देने को कहा है। इससे अधिक परवाह है आपको स्त्रियों की?
पति को आदेश है कि बाहर जाने से पहले पत्नी की आजीविका की व्यवस्था करके जाए। अब ये मत कहिएगा कि पत्नी ख़ुद नहीं कर सकती क्या। जीवेच्छिल्पैरगर्हितैः। आगे ये भी लिखा है कि पति न करे तो स्त्री ख़ुद सम्मानजनक कार्यों के जरिए कमाए। आत्मनिर्भरता के लिए इससे बेहतर नियम बना लेंगे आप?
तस्मात्साधारणो धर्मः श्रुतौ पत्न्या सहोदितः। धार्मिक कार्य पति-पत्नी साथ मिलकर करें। पत्नी के बिना कोई अनुष्ठान पूरा नहीं होता है। हमारे यहाँ पत्नी को बेगम नहीं, अर्धांगिनी कहा गया है। यहीं से निकला है 'आधी आबादी'। पूरे पचास प्रतिशत - उतना ही, जितना पुरुष का हिस्सा। पचास-पचास। इससे अधिक सटीक तरीके से बराबरी का सन्देश दे सकते हैं आप? अन्योन्यस्य। एक-दूसरे के प्रति। वैवाहिक जीवन में भी दोनों की ज़िम्मेदारियाँ हैं। मनुस्मृति कहती है कि न स्त्री और न ही पुरुष वैवाहिक मर्यादा का उल्लंघन करे। इसमें क्या जोड़ देंगे आप क्रांतिकारी कहलाने के लिए? कुछ बाक़ी है क्या? मनुस्मृति कहती है कि नियम दोनों पर हैं।
मनुस्मृति ने स्त्री को महाभागाः (सौभाग्यशालिनी और सौभाग्य लाने वाली) कहा। मनुस्मृति ने स्त्री को पूजार्हाः (सम्मान की अधिकारी) कहा। मनुस्मृति ने स्त्री को गृहदीप्तयः (घर को प्रकाशित और प्रसन्न रखने वाली) कहा। परिवार के सुख का आधार कहा। गृहस्थ-जीवन का प्रत्यक्ष आधार कहा।
अब जिसने परिवार नामक संस्था को ख़त्म करने का लक्ष्य ले रखा हो, उसे ये सब बुरा लगेगा ही। वो पूछेगा कि स्त्री परिवार के सुख के लिए तिनका भी क्यों हिलाए। वो ये नहीं पूछेगा कि मनुस्मृति ने पुरुष को भी स्त्री के भरण-पोषण की ज़िम्मेदारी उठाने को क्यों कहा है।
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते… रटा-रटाया है, इसीलिए इसे नहीं गिनाया। सबको पता है। इसी प्रसङ्ग में ये भी लिखा है कि जिस घर में स्त्री दुःखी रहती है वह परिवार शीघ्र नष्ट होता है। यानी, परिवार की स्थिति का पैमाना यह तय कर दिया गया है कि उसमें महिलाओं को प्रसन्न रखा जा रहा है या नहीं।
लेकिन नहीं, गाली तो केवल मनुस्मृति को ही पड़ेगी। क़ुरान और बाइबिल का नाम नहीं लिया जाएगा। राहुल गाँधी आज 'स्त्रीवादी' बने हैं, काश मनुस्मृति पढ़ लिया होता कम से कम। पढ़ा तो हमने भी नहीं है, इसीलिए जो कहा जाता है मान लेते हैं। सफाई देने लगते हैं कि ये उस समय की व्यवस्था थी।
मनुस्मृति से अधिक फेमिनिज्म और कहीं नहीं है। फ़िलहाल इस इकोसिस्टम के लिए तो फेमिनिज्म सिर्फ़ अश्लीलता और अंग-प्रदर्शन ही है।
रक्षाबंधन के पहले प्रदेश के रसोइयों हेतु चार उपहार...
1- मानदेय में वृद्धि
2- दुर्घटना होने पर परिवार को ₹2 लाख की सहायता
3- प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस उपचार
4- साड़ी के लिए धनराशि बढ़ाकर ₹1,000
कृति सेनन अंतर्वस्त्र पहनकर राखी बाँध रही हैं। वीडियो आभूषण ब्रांड GIVA का है। विरोध के जवाब में कहा जाएगा कि कपड़े छोटे नहीं हैं, आलोचना करने वालों की सोच छोटी है।
तो ऐसा है, अगर कोई पुरुष नग्न होकर राखी बँधवाता तो इसका भी विरोध ही होता। ठीक है, कुत्ते को भी राखी बाँध दिया। बहुत बड़े सुधारवादी बन गए। सनातन में सभी जीव-जंतुओं के साथ सहज सह-अस्तित्व को बढ़ावा दिया गया है। लेकिन, ये इस सुधारवाद का दायरा थोड़ा और बढ़ाओ। ज़रा पता करो कि किसी कुत्ते को लेकर मक्का-मदीना ले जा सकते हो या नहीं।
जब भी कोई अपराध होता है तो पुलिस जाँच में सबसे अधिक माथापच्ची उसके प्रयोजन को खोजने में लगाया जाता है। Motive, मतलब इरादा क्या था अपराधी का। इस विज्ञापन के इरादे नेक नहीं लगते, ऐसा प्रतीत होता है जैसे सनातन धर्म की रीतियों को अपमानित करने के लिए ही इसे बनाया गया है। ठीक वैसे ही, जैसे 'मान्यवर' के आलिया भट्ट वाले विज्ञापन में कन्यादान का मजाक बनाया गया था।
मुझे कुत्ते से कोई समस्या नहीं है। चलो ये भी मान लिया कि एक कुत्ते को स्वर्ग ले जाने के लिए युधिष्ठिर अड़ गए थे। लेकिन, रक्षाबंधन स्पेन का टोमैटो फेस्टिवल नहीं है। ये एक धार्मिक त्योहार है। राखी बाँधना या बँधवाना अनुष्ठान का हिस्सा है। अनुष्ठान के कुछ नियम-क़ानून होते हैं। उसमें नग्नता अथवा अश्लीलता घुसाना सुधार नहीं कहलाएगा। तुम पूजा की थाली हटा दोगे, हिन्दू त्योहार को सेक्युलर बनाने के लिए। कुत्ता घुसा दोगे। महिलाओं के कपड़े उतरवा दोगे। फिर ज्ञान दोगे। आरती की थाली का कहीं कोई अता-पता नहीं है। तिलक का कहीं कोई अता-पता नहीं है। सेक्युलरिज़्म ऐसा नहीं चलता है।
कल को ये दारू पीते लोगों को रक्षाबंधन मनाते हुए दिखाएँगे। फिर कहेंगे कि हमने चीजों को आज के हिसाब से ढाला है। अभी कुत्ते पर प्रेम उमड़ रहा है, बकरीद आते ही पशुप्रेम के सारे दिखावे हवा हो जाएँगे। क्रिसमस पर दुनियाभर में 10 करोड़ टर्की पक्षी मारे जाते हैं, तब भी ये प्रेम गायब रहता है।
You are challenging the UDISE data, ( Read this you will learn something ) So do this survey yourself. You do not solve a very large persistent issue by anarchy.
Unruly states? Do it first in Punjab and other opposition ruled states if you like. Sure they will cooperate with you.
You are missing out on an opportunity to have lakhs of volunteers and build a movement.
If you are not serious and think that Your way is the only way- agitation is the only way- Go ahead. Citizens will show you the way and you will learn @ArvindKejriwal learnt that anarchy and lies do not sell for long.
राहुल गांधी ने कहा है कि मनुस्मृति ने महिलाओं को गुलाम बनाया है।
हाँ राहुल गांधी! आपके साथ खड़ी इस बेचारी महिला के ऊपर मनुस्मृति ने ही कपड़ों का लबादा ओढ़ाया हुआ है। 😁
बगल में खड़ी हिजाब वाली को पहले आजादी दिला दीजिए शहजादे। या इनपर बोलने की औकात नहीं, हालत खराब हो जाती है।
बाकी देश की लड़कियाँ को देखकर पता चल जाएगा, कोई रोक-टोक नहीं।
99% of Hindu households don't have the Manusmriti.
99% of Hindus have never read it.
Yet Rahul Gandhi and his gang continuously talk about the Manusmriti.
You know why?
That book is just an excuse to target Hinduism and abuse Brahmins...
कल गौतम अडानी को कर्नाटक के कांग्रेसी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने घर पर बुलाया और घर के गेट तक गौतम अडानी को छोड़ने आए
और कर्नाटक पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारियों ने गौतम अडानी को सैल्यूट किया
और यही राहुल गांधी बार-बार कहता है कि आपका मुख्यमंत्री अडानी और अंबानी के लिए काम करता है आपसे नहीं मिलता लेकिन अडानी और अंबानी से मिलता है
यह “सस्ता केजरीवाल” फिर एक्सपोज़ हो गया। 😂
सवाल: CJP सिर्फ BJP शासित राज्यों को ही क्यों निशाना बनाता है?
जवाब मिला: “मैं राजस्थान में पैदा हुआ, डिपके महाराष्ट्र में, सौरव दिल्ली में पैदा हुआ। इसमें हमारी क्या गलती कि वहाँ BJP है?”
तो फिर आफरीन का क्या? वह कर्नाटक की है और CJP का हर जगह चेहरा थी। लेकिन जैसे ही कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार आई, वह अचानक गायब हो गई। 🤔