@Brand_Prajapat गोली मार दे कांडक्टर को, ज़ब शांति मिल जायेगी तुझे, फोटो में कंडक्टर में अपनी शीट पर बैठा है फर्जी शिकायत करने से क्या मिल जाता है तुम को,, 600₹ की दिहाड़ी पर है वो फिर भी उसको तेरे जैसे दो टके के बंदो की सुननी पड़ती है
@Phogat_Vinesh जिस तरह आप खेल में अंतिम समय तक जीत के लिए खेलते है उसी तरह इस न्याय के युद्ध में भी अंतिम समय तक लड़ना होगा 🙏🙏आप जैसी बहादुर बहनो पर विश्वास है की आप जीतोगे / बेटियां जीतेगी 🥰🥰
@DimtsLtd@KakranKa8264 सर @DimtsLtd ट्रिग कम्पनी को गए हुए 6 महीने से ऊपर हो गए लेकिन अभी तक पैसे नहीं दिए है वापिस सिक्योरिटी के,, आप ट्रिग में से पैसे निकलवा कर पैराग्रीन में दिलवा दीजिये। हम कांडक्टर 16000 तनख्वाह पाते है उसमे से बार बार 25000 राशि कहाँ से लाये इन कम्पनियो को देने के लिए 🙏🙏🙏
@JaikyYadav16 डच ज़ब थाइलेंड ओर इंडोनेसिया से बंगाल की तरफ आये तो अपने साथ डिस्कनरी की औलादो को साथ में लेकर आये,, आज वही थालेंडी ओर इंडोनेसिया नस्ल के लोग इंडिया पर हुकूमत कर रहे है व यहां के समाज को बर्बाद करने पर तुले हुए है
@JaikyYadav16 ऐसी निक्क्मी औलाद को गोली मार देनी चाहिए, चाहे वो लड़का हो ये लड़की हो,, बाप का घर कोई खैरात खाना नहीं है की बाप 20 साल तक सभी dimaand पूरी करता रहे, अपना पेट काट काट कर बच्चों को पढ़ाय लिखाये,, वे 6 महीने पहले मिले किसी इंसान के लिए अपने माँ बाप को छोड़े तो सीधा गोली मार दे
Dear @DimtsLtd हम सवाहको की सिक्योरिटी Trig pvt ltd में DD ड्राफ्ट के रूप में जमा हुई है अब कम्पनी चेंज होने के कारण पैराग्रीन कम्पनी दोबारा से डिमांड ड्राफ्ट जो की 25000 की राशि है की मांग कर रही है। कृपया करके ट्रिग से पूरी सिक्योरिटी वापिस करवा दी जाए। 🙏🙏
@Sonalimumbai1@SakshiMalik मंदिरो की नाजायज औलाद नहीं समझ सकती की मेडल कितनी मेहनत से आता है, तुम सिर्फ आशाराम जैसो की गुफाओ मै जाना पसंद करने वाली थाइलेंडी नस्ल है, मूत पिने वाले दुग्ध पिने वालों का विरोध ही करेंगे 🙏
@SakshiMalik मूत पिने वाले दुग्ध पिने वालों का कभी साथ नहीं देंगे। इन से नैतिकता की उम्मीद मत करना।
आप लोगो को इस हालत मै देख कर परेशान हूँ, आप भी बिलकुल सयम से काम लेना । सरकारी ओर सरकारी गुंडे चाहते है वायलेंट फैलाना, लेकिन आपको किसान आंदोलन की तरह बिलकुल शांति से काम लेना। जरूर जीतेंगे।
दरिया अब तेरी ख़ैर नहीं,
बूँदो ने बग़ावत कर ली है
नादां ना समझ रे बुज़दिल,
लहरों ने बग़ावत कर ली है,
हम परवाने हैं मौत समाँ,
मरने का किसको ख़ौफ़ यहाँ
रे तलवार तुझे झुकना होगा,
गर्दन ने बग़ावत कर ली है॥