सरकारी स्कूल पर अंगुली उठाने वाले लोग कभी सोचे हैं कि सरकारी स्कूल में जाने वाले बच्चों के अभिभावक कभी बच्चे को स्कूल छोड़ने गए हो, कभी चिंता की हो कि उनका बच्चा स्कूल जा भी रहा है या नही ? कभी समय का ध्यान रहा हो कि बच्चा स्कूल लेट हो गया है? कभी चिंता करते है कि बच्चे के पास कलम, कॉपी, किताब है भी या नही ? कभी चिंता करते है कि स्कूल का मिला गृह कार्य किया है या नही ? कभी चिंता करते है कि आज बच्चा कुछ सीखा है या नही ? कभी स्कूल में सिखाए गए कार्य को दोहरवाए हैं?
एक ही राज्य में अलग अलग ज़िलों में अलग अलग समय से विद्यालय संचालन किया जा रहा है । जैसे मधुबनी में सुबह 6 से दोपहर के 01:30 बजे तक शिक्षक विद्यालय में रहते हैं तो वही गया में 8 से 12 बजे तक ।
शिक्षा विभाग पूरे राज्य में विद्यालय संचालन के लिए एकीकृत समय सारणी जारी करे ।
@BiharEducation_@sunilkbv
स्कूल की टाइमिंग बदलने को लेकर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि चुनाव के बाद सब पर फैसला होगा। शिक्षक और छात्रों के सुविधा का ध्यान रखकर ही कोई भी फैसला लिया जाएगा।
#ReviseSchoolTime
इस गर्मी में विद्यालय में बच्चे बेहोश हो रहे है लेकिन हठधर्मिता है कि नौनिहालो की जिंदगी से खेल रहा है बिहार का शिक्षा विभाग । बंद कमरे में AC गाड़ी में AC में बैठने वाले ACS के के पाठक महोदय कब तक नौनिहालो की जिंदगी से खेलिएगा। नीमारंग जमुई की घटना।
#ReviseSchoolTime
बिहार सरकार शिक्षकों से आख़िर किस बात की दुश्मनी निभा रही है। एक सनकी अधिकारी के सामने भाजपा-जदयू सरकार घुटना टेक कर न केवल बिहार के शिक्षकों का अपमान कर रही है बल्कि शिक्षकों और बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन से भी खिलवाड़ कर रही है।
बिहार के स्कूलों की टाइमिंग तत्काल बदलना चाहिए! शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग का इस क़दर अमानवीय हो जाना कहीं से उचित नहीं है।
#ReviseSchoolTime
सुबह 6 बजे के विद्यालय से न बच्चों को नास्ता मिल पा रहा न शिक्षको को..
भूखे पेट घर से आने वाले बच्चे 8-9 बजे ही भूख से परेशान हो जाते है । इतनी भीषण गर्मी में भूखे बच्चे क्या मन लगाकर पढ़ेंगे ?
#Reviseschooltime@Bihartet19 @TeacherBihar12
मुजफ्फरपुर में परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के महासचिव ने भी केके पाठक के फैसले पर नाराजगी जताई है।
कहा, सरकार सिर्फ तानाशाही फैसले ले रही है...स्कूल की छुट्टी के वक्त कड़ी धूप होती है...ऐसे में शिक्षकों के बीमार पड़ने की काफी संभावना है...
#KKPathak#BiharEducationDept
बिहार सरकार की तुगलकी फरमान से शिक्षक समुदाय आहत है। आदरणीय
मुख्यमंत्री धृतराष्ट्र की तरह चुप बैठे हैं।
सुबह छह बजे स्कूल की टाईमिंग मजाक
नहीं तो क्या है.....
@RJDforIndia@RJD_BiharState
ये बिहार के शिक्षा विभाग ने हम शिक्षकों को छुट्टी / जाँच / समय को लेकर ऐसे उलझा रखा कि जीवन में अन्य मुद्दों पर चाह कर भी ज्यादा समय नहीं दे पा रहे। ऐसे मेंटल प्रेशर में बच्चों को क्या खाक पढ़ाएंगे शिक्षक। 🙄
पढ़ने पढ़ाने के लिए मेंटल peace बहुत जरूरी होता है।
25 तारीख़ को जब परीक्षा आयोजित नहीं होगी तो अभी तक 25 मार्च को विद्यालय बंद करने की सूचना शिक्षा विभाग द्वारा क्यों नहीं जारी की गई है ?
शिक्षा विभाग इस संशय को दूर करते हुए 25 मार्च को विद्यालय बंद रहने संबंधित पत्र जारी करे ।
@BiharEducation_@sunilkbv