सोचिये इन गालीबाज के पसंद के शिक्षा मंत्री कैसे होंगे। दिल्ली पुलिस को नमन है शाहीनबाग नहीं बन सकता समझे तुमलोग!🇮🇳
NEET के नाम पर हिंसा करके गए Students की सच्चाई देख लो
आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिस प्रकार का कृत्य किया है, वह न केवल अशोभनीय है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी विपरीत और अत्यंत निंदनीय है। नेता प्रतिपक्ष जिस गरिमा का पद है, उस पद को भी राहुल गांधी गंभीरता से नहीं लेते हैं, ये उनके व्यवहार में साफ दिखाई दिया।
लोकतंत्र में विरोध करना प्रत्येक विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध और अराजकता में स्पष्ट अंतर होता है। जब विरोध अपनी मर्यादा की सीमाओं को लांघ देता है, तब वह अराजकता का रूप ले लेता है। हम लगातार कहते आए हैं कि राहुल गांधी आज रचनात्मक विपक्ष की बजाय अराजकता के प्रतीक बन कर रह गए हैं।
संसदीय लोकतंत्र में कुछ पद ऐसे होते हैं, जो किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के होते हैं। प्रधानमंत्री केवल किसी राजनीतिक दल के नेता नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि हैं। वे देश की जनता की आस्था, विश्वास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के सर्वोच्च प्रतीकों में से एक हैं।
ऐसे में प्रधानमंत्री आवास की ओर जिस प्रकार से माहौल को तनावपूर्ण और अव्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया, वह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं के प्रति असम्मान का परिचायक है।
आज की घटना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत के राजनीतिक इतिहास का एक काला दिन है। हमने भी वर्षों तक विपक्ष में रहकर अपनी भूमिका निभाई है, लेकिन कभी लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन नहीं किया।
जिन मुद्दों को लेकर हमारे छात्र विषय रख रहे हैं, सरकार उस पर चर्चा करना चाहती है। राहुल गांधी ने स्वयं जो शर्तें रखीं, सरकार ने उन्हें भी स्वीकार किया। लेकिन जब संवाद और समाधान का अवसर आया, तो वे अपनी ही शर्तों और अपने ही रुख से पीछे हट गए। यह उनके राजनीतिक आचरण में अस्थिरता और अपरिपक्वता को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी
दिल्ली दंगों में ठीक इसी तरह से कत्ल हुआ था कांस्टेबल रतनलाल का,
तब मुस्लिम भीड़ ने अकेले जवान को घेर के बेरहमी से मार डाला था,
कॉकरोच भी RAF के सैनिक को उतार देना चाहते थे मौत के घाट,
देखिए क्यों मजबूर हुए सुरक्षा बल लाठियां भांजने के लिए..
#CJP@CJP_for_India@crpfindia@DelhiPolice
With due respect @DelhiPolice please identify this terrorist and bring him to me I have to show up my boxing skills at national level 🥊💪🏻 #CJP#CJPProtest#DelhiPolice
CJP protesters were chasing and attacking RAF personnel in Delhi's Connaught Place.
Will Abhijeet Dipke still call this a peaceful protest?
What kind of students are these if all they seem to want is violence?
ये किसके गुंडे है जो एक महिला पत्रकार के साथ खुलेआम अभद्रता कर रहे है, यह @dimpleyadav के गुंडे है ? या @SanjayAzadSln के गुंडे है..?
महिला पत्रकार के साथ खुलेआम छेड़छाड़ ऑन कैमरा हो रही है तो समझ सकते हो कि किस लोकतंत्र के बचाव की बात हो रही है और इसे कौन सा लोकतंत्र या जनतंत्र समर्थन करता है...?
आंदोलन तब तक ही जनांदोलन रहता है, जब तक वह सहमति - असहमति और स्वतंत्र पत्रकारिता का सम्मान करता है।
ये किसके गुंडे है जो एक महिला पत्रकार के साथ खुलेआम अभद्रता कर रहे है, यह @dimpleyadav के गुंडे है ? या @SanjayAzadSln के गुंडे है..?
महिला पत्रकार के साथ खुलेआम छेड़छाड़ ऑन कैमरा हो रही है तो समझ सकते हो कि किस लोकतंत्र के बचाव की बात हो रही है और इसे कौन सा लोकतंत्र या जनतंत्र समर्थन करता है...?
आंदोलन तब तक ही जनांदोलन रहता है, जब तक वह सहमति - असहमति और स्वतंत्र पत्रकारिता का सम्मान करता है।