UGC विरोध कम होता जा रहा है
जो मोदी सरकार चाहती थी वही होने लगा है मै आप
लोगो से बोला था एक दो ट्वीट रोज करे..
एक तो UGC काले कानून की सुनवाई का डेट सरक
रहा ऊपर से सवर्ण विरोध कम करने लगे
अगर ऐसे रहा तो जो मोदीजी SC/ST एक्ट के साथ
किये थे वही UGC के साथ करेंगे..
अगर एक बार लागू हो गया तो फिर कोई कुछ नहीं कर
पाएगा सवर्ण बच्चों का भविष्य बर्बाद होगा
विरोध जारी रखिये इसे कमजोर मत पड़ने दीजिये 🙏
कमेन्ट बॉक्स मे इस हैसटैग को अवश्य लिखें सब
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
In the zero hour today raised the issue of judicial over reach in the case of banning Professor Michel Danino and two academics from any role receiving public funds for including a chapter on judicial corruption in NCERT Class 8 textbooks
साध्वी ऋतंभरा दीदी का राम मंदिर आंदोलन में बहुत बड़ा योगदान है। पर वो देश की जमीनी सच्चाई से कटी प्रतीत होती हैं। राम मंदिर से राम राज्य की ओर बढ़ना था जिसमें सबके साथ न्याय होता। ना कि ऐसा घोर अन्याय।
आज यूजीसी एक्ट के खिलाफ सदन में खुलेआम विरोध करने वाली तेजस्विनी सांसद @priyankac19 श्रीमती प्रियंका चतुर्वेदी को को धन्यवाद दिया ।
वैसे मैं नेताओं का फोटो डालता नहीं चाहे वो प्रधानमंत्री ही क्यों ना हो लेकिन प्रियंका ने संकट के काल में अपने पद की चिंता ना करते हुवे यूजीसी एक्ट के ख़िलाफ़ हमारे साथ खड़ी रही ।
सवर्ण समाज आपका आभारी रहेगा प्रियंका बहुत बहुत धन्यवाद ।
I have a question-
When govt sends caste-census people to Sadhvi Ji's Ashram, what will she fill in the "caste" column of the caste-census form??
Will there be an option, to write "Only hindu, No caste" in those forms??
Government has given our Forces and Police Guns to use
Here the Police Team used it perfectly to scramble the crowd and shoot a person who was trying to attack Meghalaya Police
Kudos to the Police Team!
Nuh Jihadis need such treatment
यही है भारत का असली लोकतंत्र –
बिहार में एक छात्र अभिषेक ने सिर्फ इतना किया कि सरकारी स्कूल की बदहाल हालत पर सवाल उठा दिया। बच्चों को स्कूल में ताला लगाकर बंद रखने, माता-पिता को अंदर आने से रोकने और शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही के खिलाफ उसने आवाज उठाई। लेकिन सिस्टम को सच पसंद नहीं आया, और नतीजा यह हुआ कि सवाल पूछने वाले छात्र को ही जेल में डाल दिया गया।
हमारे देश में अक्सर यही होता है –
गरीब और आम लोगों की आवाज दबा दी जाती है। जो पढ़ाई, अधिकार और सम्मान की बात करे, उसे ही आरोपी बना दिया जाता है। क्या यही लोकतंत्र है, जहाँ शिक्षा मांगने वाला अपराधी बन जाता है और व्यवस्था की खामियाँ उजागर करने वाले को सजा मिलती है?
यह सिर्फ एक छात्र की कहानी नहीं है, यह उस व्यवस्था का आईना है जहाँ सच बोलना सबसे बड़ा जुर्म बना दिया जाता है। लेकिन याद रखिए, सवाल पूछना अपराध नहीं है और शिक्षा मांगना किसी भी बच्चे का अधिकार है।
आज पूरा देश देख रहा है –
अन्याय ज्यादा देर तक नहीं टिकता। अभिषेक को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था की उन खामियों पर कार्रवाई होनी चाहिए जिनके खिलाफ उसने आवाज उठाई। यही सच्चे लोकतंत्र की पहचान होगी।
युगांडा एक ऐसा देश है 👇
जहां जज से सवाल नहीं कर सकते, क्योंकि जज खुद भगवान बन बैठे हैं।
जहां प्रधानमंत्री से सवाल नहीं कर सकते, क्योंकि वो सम्राट की तरह शासन करते हैं।
जहां IAS अधिकारियों से सवाल नहीं कर सकते, क्योंकि वे खुद को प्रशासनिक राजा समझते हैं।
जहां नेता से सवाल करो तो “देश विरोधी” करार दे दिए जाते हो।
जहां सिस्टम से जवाब मांगो तो केस, नोटिस और धमकियाँ मिलती हैं।
जहां आम नागरिक सिर्फ टैक्स देने के लिए है, लेकिन सवाल पूछने के लिए नहीं।
जहां लोकतंत्र किताबों में लिखा है , जमीन पर नहीं दिखता।
फतेहपुर मे SC ST act के दबाव में आत्महत्या करने वाले तीन लोगो के परिवार के बारे मे पुलिस अधिकारी बता रहे हैं कि बहुत गरीब कायस्थ परिवार था, गांव के बाहर एक कमरे के मकान में रहता था..😡
मोदी जी की सारी योजनाएं एससी एसटी के लिए हैँ.. चाहे वे करोड़पति हो या अरबपति.. क्योंकि मोदी जी मानते हैं कि सामान्य जाति का व्यक्ति करोड़पति से कम तो क्या होगा