मेरा नाम मनीष झा है.
अपने समाज और देश की आवाज़ बुलंद करने के लिए X पर आ गया हूं.
न पक्ष, न विपक्ष... चौतरफा रगड़ाई होने वाली है. यहां मिलेंगे फैक्ट्स, खबरें और ब्रेकिंग अपडेट्स.
पेशे से पत्रकार हूं, इसलिए खबरों की पड़ताल और सच सामने रखने का सिलसिला जारी रहेगा.
आज ही Follow कर लीजिए... वरना एक दिन खुद Impress होकर Follow करेंगे!
इटली में बुर्का और नकाब पर बैन की तैयारी हो रही है. प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने कहा है कि स्कूलों में चेहरा ढकने पर रोक लगाई जाएगी. इसके साथ ही हर क्लास में विदेशी छात्रों की संख्या भी तय करने की तैयारी है.
Meloni का कहना है कि स्कूलों में बच्चों का सही तरीके से घुलना-मिलना और Italian भाषा सीखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि किसी युवा महिला को चेहरा ढककर रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता.
https://t.co/zCAPAUdE0G in Energy Systems Engineering from IIT Bombay
Ph.D in Power Systems from IIT Delhi
इनका अपराध बस इतना था कि ये एक छात्र को cheating करने से रोक रहे थे और देश को competent engineers देने की कोशिश कर रहे थे.
लेकिन अब सोचिए, ऐसे माहौल में अगर कोई छात्र सच में cheating करे, किसी के साथ बदतमीजी करे या कोई और गलती करे, तो क्या शिक्षक उसे रोकने से डरेंगे? कहीं बाद में SC-ST Act लगाने का आरोप न लग जाए?
किसी के साथ गलत हुआ है तो न्याय होना चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष को सिर्फ आरोपों के आधार पर फंसा देना भी न्याय नहीं है.
हद हो गई. अगर शिक्षक छात्रों को उनकी गलती पर रोकने से भी डरने लगें, तो फिर छात्र और शिक्षक के बीच रिश्ता और भरोसा कैसे बचेगा?
#iitbombay
#IITBombay
छात्र के माता-पिता द्वारा प्रोफेसर पर SC-ST एक्ट लगा देना कहां का न्याय है?
किसी के साथ गलत हुआ है, इसका मतलब ये नहीं कि किसी निर्दोष को फंसा दो.
अगर शिक्षक और छात्र के बीच हर विवाद में जाति का आरोप लगाकर कानून का इस्तेमाल होने लगेगा, तो फिर छात्र और शिक्षक का रिश्ता और भरोसा कैसे बचेगा?
जांच होनी चाहिए, सच सामने आना चाहिए और जो दोषी हो, उस पर कार्रवाई हो. लेकिन किसी निर्दोष को सिर्फ आरोप के आधार पर दोषी बना देना भी न्याय नहीं है.
IIT Bombay की इस दुखद घटना का दुख हम सभी को है. एक छात्र की जिंदगी का जाना किसी भी कीमत पर भरपाई नहीं हो सकता.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा में ChatGPT के इस्तेमाल को लेकर छात्र से पूछताछ हुई थी. IIT Bombay का कहना है कि उसके खिलाफ कोई disciplinary action शुरू नहीं किया गया था और उसे समझाया गया था कि उसके academic career पर इसका असर नहीं पड़ेगा.
इसके बाद छात्र के माता-पिता ने प्रोफेसर और संस्थान पर जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए, जबकि IIT Bombay ने इन आरोपों से इनकार किया है. मामले की जांच अब Crime Branch कर रही है.
अगर किसी के साथ गलत हुआ है तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पर कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निर्दोष को दोषी मान लेना भी न्याय नहीं है.
छात्र और शिक्षक के रिश्ते में भरोसा बना रहना जरूरी है. सच जो भी हो, सामने आना चाहिए और न्याय तथ्यों के आधार पर होना चाहिए.
DUSU चुनाव में ABVP की जीत से ज्यादा चर्चा NSUI की हार की हो रही है.
2025 में NSUI को 1 सीट मिली थी, लेकिन इस बार पार्टी का खाता भी नहीं खुला। अध्यक्ष पद के उम्मीदवार Vijay Meena को 21,390 वोट मिले, जबकि पिछले साल उपाध्यक्ष पद पर NSUI के Rahul Jhansi को करीब 29,300 वोट मिले थे.
उम्मीदवार चयन, कैंपस के मुद्दों और NSUI के बागी Deepanshu Shokeen और Vishesh Yadav की भूमिका ने पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं.
दादा भारत में 8 बार सांसद रहे, चाचा महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं और अब परिवार की तीसरी पीढ़ी स्वीडन की संसद में पहुंच गई.
कौन हैं नीला विखे पाटिल?
नीला विखे पाटिल स्वीडन में भारतीय मूल की पहली महिला सांसद बनी हैं. सितंबर 2026 में उन्होंने स्टॉकहोम सिटी सीट से ग्रीन पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की और 349 सदस्यीय स्वीडिश संसद रिक्सडाग का हिस्सा बनीं.
नीला का जन्म स्वीडन में हुआ, लेकिन बचपन महाराष्ट्र के अहमदनगर में बीता.
उनके दादा बालासाहेब विखे पाटिल अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री और 8 बार सांसद रह चुके हैं. चाचा राधाकृष्ण विखे पाटिल महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं.
नीला करीब 25 साल से स्वीडन की ग्रीन पार्टी से जुड़ी हैं. वह स्टॉकहोम नगर परिषद की सदस्य और पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन के PMO में राजनीतिक सलाहकार भी रह चुकी हैं.
यानी महाराष्ट्र की राजनीतिक विरासत से निकली एक बेटी अब स्वीडन की संसद में अपनी राजनीतिक पारी शुरू कर रही है.
आज मेरे आवास पर मेरी और जितेन्द्र सिंह जी की UGC Rollback सवर्ण महापंचायत समिति के संस्थापक राज शैखावत (राष्ट्रीय अध्यक्ष,क्षत्रिय करणी सेना) तथा उनके प्रतिनिधि मंडल डॉ. शुभांशु सिंह राजपूत, राष्ट्रीय अध्यक्ष, समृद्ध सनातन संघ, आर. के. सिंह, आई टी सेल अध्यक्ष, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, एडवोकेट डॉ. संगीता सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ), क्षत्रिय करणी सेना तथा एडवोकेट हिमांशु शर्मा, कानूनी सलाहकार, सवर्ण महापंचायत समिति के साथ बातचीत हुई। इस बैठक में उनकी ओर से उठाये गए विषयों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा हुई और सरकार उनके मांगों पर न्यायसंगत विचार करेगी। हम आने वाले तीन सप्ताह में पुनः इनके साथ बैठक करेंगे। राज शैखावत तथा उनके प्रतिनिधि मंडल ने 20 सितम्बर 2026 की महापंचायत को स्थगित करने का निर्णय लिया है।
SIR की छंटनी में अब Arvind Kejriwal का परिवार भी ‘Unmapped’!
Kejriwal, Sunita Kejriwal, बेटे Pulkit और माता-पिता को Delhi Election Commission ने SIR के तहत नोटिस जारी किया है.
मतलब वोटर लिस्ट के पुराने रिकॉर्ड से परिवार के पांचों नामों का मिलान नहीं हो पाया. अब जवाब देकर रिकॉर्ड का सत्यापन कराना होगा.
दिलचस्प बात ये है कि New Delhi विधानसभा क्षेत्र के इस हिस्से में कुल 110 लोगों को इसी कैटेगरी में नोटिस मिला है.
IIT बॉम्बे में 19 साल के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन हुआ. घटना 18 सितंबर की है.
संस्थान के मुताबिक, परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर छात्र के खिलाफ कार्रवाई हुई थी. IIT बॉम्बे के अनुसार, छात्र ने जवाब पाने के लिए परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड किया था.
घटना के बाद 400 से ज्यादा छात्रों ने प्रदर्शन किया और मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दी गईं.
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले छह महीनों में IIT बॉम्बे कैंपस में छात्र की मौत की यह तीसरी ऐसी घटना है. 2005 से 2024 के बीच देश के IITs में 115 छात्रों की आत्महत्या के मामले RTI के जरिए सामने आए थे.
छात्र संगठनों के एक इंटरनल सर्वे में पढ़ाई का दबाव, नौकरी की अनिश्चितता और पारिवारिक समस्याओं जैसे कारणों को लेकर भी चिंताएं सामने आई थीं.
#DUSU चुनाव में ABVP ने अध्यक्ष समेत 3 पदों पर जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार Deepanshu Shokeen ने जीता. NSUI के खाते में कोई पद नहीं आया.
नतीजों के बाद BJP नेताओं ने इसे युवाओं के भरोसे से जोड़कर देखा. लेकिन DUSU चुनाव को सीधे विधानसभा या लोकसभा चुनाव से जोड़ना ठीक नहीं होगा. छात्रसंघ चुनाव का अपना अलग संदर्भ और मुद्दे होते हैं.
फिर भी, एक ऐसे समय में जब छात्रों के मुद्दों को लेकर दिल्ली में बड़ा आंदोलन हो चुका है, DUSU में ABVP की जीत BJP और संघ परिवार के लिए राजनीतिक तौर पर अहम संदेश के रूप में देखी जा रही है.
वहीं NSUI के लिए यह नतीजा संगठन और कैंपस में उसकी मौजूदगी को लेकर आत्ममंथन का विषय जरूर बनता है.
अगले कुछ महीनों में कई राज्यों में चुनाव होने हैं. ऐसे में युवाओं और छात्रों के बीच इस नतीजे की राजनीतिक व्याख्या होना स्वाभाविक है.
#DUSU चुनाव 2026 में दीपांशु शौकीन ने बड़ा उलटफेर किया है.
निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु ने उपाध्यक्ष पद पर 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. DUSU के उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के मुताबिक, वे इस पद पर जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवार हैं.
दीपांशु पिछले 3-4 महीनों से छात्रों के मुद्दों को लेकर प्रचार में जुटे थे. सत्य निकेतन छात्रावास हादसे के बाद उन्होंने चप्पल-जूते छोड़कर नंगे पैर प्रचार किया और पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने की बात कही.
दीपांशु पीरागढ़ी के रहने वाले हैं. उनके पिता बस कंडक्टर और मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं. शहीद भगत सिंह कॉलेज से पढ़ाई करने वाले दीपांशु के पिता चाहते थे कि वह UPSC की तैयारी कर IAS या IPS बनें.
लेकिन दीपांशु ने छात्र राजनीति का रास्ता चुना और इस बार DUSU में इतिहास रच दिया.
दिल्ली के संगम विहार में सिर्फ 10 रुपये के गुटखे को लेकर शुरू हुआ विवाद एक शख्स की मौत तक पहुंच गया.
परिवार का आरोप है कि रक्षाबंधन के दिन नवीन अपने बच्चे के लिए चॉकलेट लेने दुकान पर गए थे. कुछ युवकों ने उनसे गुटखा लाने को कहा. नवीन ने मना किया तो कहासुनी शुरू हो गई.
आरोप है कि युवकों ने पास की कंस्ट्रक्शन साइट से पत्थर उठाकर नवीन पर हमला कर दिया. गंभीर हालत में कई दिनों तक अस्पताल में इलाज चला, लेकिन आखिरकार नवीन की मौत हो गई.
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. बाकी आरोपियों की तलाश जारी है.
10 रुपये से शुरू हुआ विवाद एक परिवार की पूरी जिंदगी बदल गया.