क्लिप कटुआ LKFC को ले कर कल से बहुत हल्ला हो रहा है कि ये फलाँ के साथ वही कर रहा है जो नुपुर के साथ किया।
कुछ लोग अरेस्ट करने की बातें कर रहे हैं। प्रश्न यह है कि अरेस्ट करेगा कौन?
पीड़िताओं ने क्या पास के पुलिस स्टेशन में ‘अटेम्प्ट टू मर्डर’ के चार्ज के साथ FIR किए हैं? क्या नुपुर की हत्या के प्रयास नहीं हुए उस ट्वीट के बाद?
उसको आधार बना कर दोनों पीड़िताओं ने अपने जीवन की रक्षा हेतु कोई केस किया कि इसके ट्वीटों के कारण पहले भी लोगों का जीवन संकट में आया है, वो अपने ही घरों में नजरबंद रहने को विवश हैं।
ट्विटर पर लिख कर समर्थन और निंदा करने से क्या होगा? पुलिस भी तब ही अरेस्ट करेगी जब विक्टिम FIR करे। मैं भी दोनों के साथ हूँ पर, उससे होगा क्या?
कुतर्क किया जा रहा है कि 500 साल पहले रेलवे नहीं था , इसलिए ज़मीन मस्जिद की
इस रास्ते पर मत जाइए मियाँ
क्योंकि इस लॉजिक से 1400 साल पीछे गये तो आपको सारी ज़मीनें छोड़नी पड़ जायेंगी 😁
कैसे किसी आम नागरिक की शिकायत पहुँच जाती है PMO तक
सुनिए @AditiDadhich4 से
मोदी जी की Grieviance Cell द्वारा हर दिन ऐसी सैकड़ो मुश्किलों का समाधान किया जा रहा है
देश में पहली बार , हर नागरिक की सोर्स सीधे PM तक @narendramodi 🙏
देश के सबसे बड़े सेक्स कांड पर बनी फिल्म "Ajmer 92" का ट्रेलर रिलीज।
अजमेर दरगाह के कुछ चिस्ती ख़ादिमो द्वारा 200-250 हिंदू बच्चियों का किया गया था रेप।
कई लड़कियों ने कर ली थी आत्महत्या।
कुछ बलात्कारी मुख्य ख़ादिमो के नाम :
मोहम्मद फारूक चिस्ती (प्रेसिडेंट ऑफ़ अजमेर यूथ कांग्रेस)
मोहम्मद नफ़ीस चिस्ती ( प्रेसिडेंट ऑफ़ अजमेर इण्डियन नेशनल कांग्रेस)
मोहम्मद अनवर चिस्ती ( जॉइंट सेक्रेटरी ऑफ़ अजमेर इण्डियन नेशनल कांग्रेस)
-Action (Video 1) : Almost a month back, Mohasin along with his friends beat Golu
-Reaction (Video 2) : A few days back, Golu along with his friends beat Mohasin
The entire IsIamist ecosystem gave it a communal angle & presented it as #islamophobia..
Share the reality!
जैक रेयान एक सेक्युलर सैनिक था... जिसे जि-हादी मानसिकता का बिल्कुल खयाल नहीं था इसलिए एक अनाथ मुस्लिम लडके को शरण देने का निर्णय लिया...
निर्णय के कुछ ही मिनटों बाद जैक का सेक्युलरिज्म उसके स्थान विशेष में घुस गया। 😪
आखिर क्यों भगवान विष्णु चार माह के लिए जाते हैं पाताल लोक?
देवशयनी एकादशी के साथ भगवान विष्णु चार महीने के लिए पाताल लोक चले जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इन चार महीनों में भगवान विष्णु निद्रा में होते हैं। जिसके कारण कोई भी शुभ कार्य नहीं होता है। भगवान विष्णु कार्तिक मास में पड़ने वाली देवउठनी एकादशी के बाद नींद से जागते हैं। जिसके बाद से शुभ कार्यों का आरंभ होता है। लेकिन भगवान विष्णु चार माह के लिए पाताल लोक क्यों जाते हैं ? जानते है इस कथा के जरिए....
वामन पुराण में बताया गया है कि असुरों के राजा बलि ने अपने बल और पराक्रम से तीनों लोकों पर अधिकार जमा लिया था। राजा बलि के आधिपत्य को देखकर इंद्र देवता घबराकर भगवान विष्णु के पास मदद मांगने पहुंचे। इंद्र के मदद मांगने के बाद भगवान विष्णु वामन अवतार धारण कर राजा बलि से भिक्षा मांगने पहुंचे। वामन भगवान ने बलि से तीन पग भूमि मांगी। पहले और दूसरे पग में भगवान ने धरती और आकाश को नाप लिया।
अब तीसरा पग रखने के लिए कुछ बचा नहीं था, तो राजा बलि ने कहा कि तीसरा पग उनके सिर पर रख दें। भगवान विष्णु ने वामन अवतार में अपने तीन पग रखकर इंद्र देवता की चिंता तो दूर कर दी लेकिन साथ ही वह राजा बलि के दान धर्म से बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने राजा बलि से वरदान मांगने को कहा तो बलि ने उनसे पाताल में उनके साथ बसने का वर मांग लिया। बलि की इच्छापूर्ति के लिए भगवान को उनके साथ पाताल जाना पड़ा।
भगवान विष्णु के पाताल जाने के बाद सभी देवतागण और माता लक्ष्मी चिंता में पड़ गए। अपने पति को वापस लाने के लिए माता लक्ष्मी ने सूझबूझ के साथ पति धर्म निभाया। वह गरीब स्त्री बनकर राजा बलि के पास पहुंची और उन्हें अपना भाई बनाकर राखी बांध दी और बदले में भगवान विष्णु को पाताल लोक से वापस ले जाने का वचन ले लिया। एक तरफ भगवान विष्णु के सामने उनकी पत्नी लक्ष्मी और समस्त देवतागण थे तो दूसरी ओर वह बलि को भी निराश नहीं करना चाहते थे।
उन्होंने राजा बलि को वरदान दिया कि वह आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी से कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तक पाताल लोक में वास करेंगे। पाताल लोक में उनके रहने की इस अवधि को योगनिद्रा माना जाता है। उसके बाद कार्तिक मास में देवउठनी एकादशी के बाद भगवान नींद से जागते हैं और फिर सभी शुभ कार्यों का आरंभ होता है।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🙏 जय श्री हरि विष्णु भगवान।
ॐ हरि नमो नारायण, जय श्री लक्ष्मी नारायण 🙏❣️
अच्छा जी! तो बचा किस से रहे हैं? हज में मुस्लिम ही तो जाते हैं, और तुर्की के पुरुषों को लगता है कि उनकी महिलाओं को हज करने आए मुस्लिम से भी सुरक्षा की आवश्यकता है।
बिलकुल, यह बताता है कि तहर्रुश में विश्वास करने वाले मुस्लिम स्त्रियों का कितना सम्मान करते हैं। बाकी का विश्वास लव जिहाद, मदरसों में हो रहे रेप, बकरियों के रेप आदि से और भी पुख्ता हो जाता है।
किसी भी जगह लड़की के साथ कोई हरकत देखो तो नामर्दों की तरह बैठे मत रहो , कुछ कर नही सकते तो इस बच्चे की तरह सहायता कर दीजिये।
आपकी भी बहन बेटी कहीं पढ़ने या बाहर कोई काम से जाती होगी ऐसे लफंगे कहीं भी टपक जाते है इनका इलाज जरूरी है।
जागरूक भारतीय बनिये 🇮🇳🇮🇳
अमेरिका में रहने वाली एक मुस्लिम लड़की ने वहां एक मंच से बैठे अधिकारियों से सवाल पूछा कि, पूरी दुनिया में हम मुसलमानों की गलत छवि क्यों पेश की जाती है ??
तो वहां की एक महिला अधिकारी ने उसे क्या जवाब दिया?
कितना बढ़िया उत्तर दिया है.. वाकई सच्चाई ..
जरूर देखें और सुनें..