Four years ago, Bharat Jodo Yatra began under Rahul Gandhi - 4080 km from Kanyakumari to Srinagar, uniting India with hope and resolve.❤️🇮🇳
The spirit of justice and the Constitution lives on.
Four years ago, Bharat Jodo Yatra began under Rahul Gandhi - 4080 km from Kanyakumari to Srinagar, uniting India with hope and resolve.
The spirit of justice and the Constitution lives on.
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
DU साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद अफ़सोसनाक है। मलबे में छात्रों के दबे होने की ख़बरें आ रही हैं।
सरकार युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्य चलाएं, हर छात्र और व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालें और इस घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करें।
बिहार के उन छात्रों और युवाओं से मिला, जिन्होंने सिर्फ परीक्षा व्यवस्था में धांधली के खिलाफ आवाज़ उठाने पर भयंकर पुलिस बर्बरता झेली।
पुलिस की लाठियों, AK-47 और पिस्तौल से चली गोली ने कई छात्रों को घायल कर दिया। सेना में जाकर देश की सेवा करने की ख्वाहिश रखने वाले एक युवा का पैर AK-47 से गोली मारकर तोड़ दिया - साथ ही उनकी जिंदगी का सपना भी।
ये युवा सिर्फ निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अपने अधिकार मांग रहे थे। ऐसी मांग पर लाठियां और गोलियां चलाने की क्या जरूरत थी?
और इतनी बड़ी बर्बरता की जिम्मेदारी सिर्फ कुछ छोटे अधिकारियों पर डालकर सरकार बच नहीं सकती। यह कार्रवाई या तो ऊपर के आदेश का नतीजा है या फिर सत्ता की घोर नाकामी।
बिहार सरकार कुछ भी कर ले मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं। इनकी हर संभव मदद करने को तैयार हूं।
BJP याद रखे - युवाओं की आवाज़ दबाने वाली हर सत्ता को एक दिन जनता के सामने जवाब देना पड़ता है। वह दिन अब दूर नहीं है।
#ChhatronKiGoonj
क्या मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अब इतना बड़ा अपराध हो गया है कि पत्रकार को पुलिस बेरहमी से पीटेगी?
आज दिल्ली में 4PM की पत्रकार शाहीन के साथ जो हुआ, वह बेहद गंभीर और डराने वाला है.
शाहीन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने की कोशिश कर रही थीं. शाहीन का आरोप है कि इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और मारते-पीटते थाने ले गई. उनका यह भी आरोप है कि जब पुलिसकर्मियों ने उनका नाम पूछा और नाम में ‘खान’ सुना, तो उनके साथ मारपीट और बढ़ गई.
अगर एक पत्रकार को सिर्फ इसलिए पीटा जाता है क्योंकि वह मुख्यमंत्री से सवाल पूछ रही है, तो यह मामला सिर्फ शाहीन या 4PM का नहीं है. यह देश की पूरी पत्रकारिता और प्रेस की आजादी का सवाल है.
पिछले दिनों 4PM ने दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जुड़े मामलों पर लगातार गंभीर सवाल उठाए और खबरें प्रकाशित की थीं. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या आज की कार्रवाई का उन खबरों और सवालों से कोई संबंध है?
मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अपराध कब से हो गया?
पत्रकार का सवाल सत्ता के लिए इतना खतरनाक कब से हो गया?
और किसी पत्रकार के नाम में ‘खान’ होना क्या उसके साथ मारपीट की वजह बन सकता है?
दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए.
हम मांग करते हैं कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो. घटनास्थल और थाने के CCTV सहित उपलब्ध सभी वीडियो फुटेज तत्काल सुरक्षित किए जाएं. यदि किसी पुलिसकर्मी ने शाहीन के साथ मारपीट या उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर दुर्व्यवहार किया है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
4PM सवाल पूछता रहा है और सवाल पूछता रहेगा.
पुलिस की ताकत से पत्रकार की आवाज दबाई नहीं जा सकती.
#Shaheen #PressFreedom #DelhiPolice #RekhaGupta #4PMNews #JournalismIsNotACrime
नासिक, महाराष्ट्र में आज आदिवासी छात्र-छात्राओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसमें अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे छात्र भी शामिल थे।
उनकी समस्याएं और मांगें ध्यान से सुनीं।
हर छात्र को पढ़ाई के लिए एक सम्मानजनक, सुरक्षित और अनुकूल माहौल मिलना उसका हक़ है। वंचित समुदायों से आने वाले छात्रों को सिस्टम की अनदेखी नहीं, उसके सहयोग और हर संभव मदद की जरूरत है।
शिक्षा कोई विशेषाधिकार नहीं - यह भारत के हर छात्र का अधिकार है।
#ChhatronKiGoonj
ये है भाजपा सरकार द्वारा पोषित अपराधियों का हाल, ख़ुद कैमरे पर बता रहा है कि जिस अपराध में इसे 307 में जेल में होना चाहिये था उसमें ये बाहर घूम रहा है।
@DelhiPolice आप सुन रहे हैं ??
अगर समाजवादी पार्टी से गठबंधन तोड़े दे तो कांग्रेस पार्टी और भी आगे हो जाएगी उत्तर प्रदेश में छोटे दलों को जोड़े और बहुजन समाजवादी पार्टी से गठबंधन करने की कोशिश करे नहीं तो समाजवादी पार्टी कांग्रेस को और भी कमजोर कर देगी मेंरे लीडर श्री @RahulGandhi जी एक बार मेरे विचार को समझे
उत्तर प्रदेश में पुलिस थाने आम जनमानस के लिये कब्रगाह बनते जा रहे हैं, बदायूँ में एक दलित व्यक्ति की पुलिस कस्टडी में मौत यूपी की क़ानून व्यवस्था की असली तस्वीर है।
कोई अंकुश नहीं कोई जवाबदेही नहीं, किसी दोषी को कोई सज़ा नहीं, दलित, पिछड़ा, मुसलमान है तो पुलिस इतनी मनबढ़ है कि किसी के साथ कुछ भी कर सकती है।
@Uppolice कब तक मामले की लीपापोती होगी ?
मुस्तफ़ा(स.अ.) नूर हैं क्या साया नज़र देख सके,
जिस्म तो इस लिये पाया कि बशर देख सके ।।
تمام عالم کو عیدمیلادالنبی (ص) کی پرخلوص مبادکباد.
सभी को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद।
#EidMiladUnNabi#EidMilad
✨ Jashn-e-Eid Milad-un-Nabi ﷺ Mubarak ✨🌙 ❤️
💚 मेरे आका ﷺ की आमद का जश्न है आज,
🌙 हर तरफ़ रहमतों का मौसम है आज।
ईद मिलादुन्नबी ﷺ मुबारक 🌹
🌹 ﷺ صَلَّى اللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ 🌹
नबी-ए-करीम ﷺ की मोहब्बत ही हमारी सबसे बड़ी दौलत है।
💚 जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ मुबारक 💚
🌙✨ जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ ✨🌙
वो आए तो दुनिया में उजाला हो गया,
हर दिल में मोहब्बत का उजाला हो गया। ❤️
जिनके सदके में हमें ईमान मिला,
जिनकी सीरत से जीने का अरमान मिला। 🌹
मेरे प्यारे आका हज़रत मुहम्मद ﷺ की आमद
तमाम उम्मत को दिल की गहराइयों से मुबारक हो। 💚
आज साहिल लोचब के साथ, उनके साथ हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ FIR दर्ज कराने संसद मार्ग के DCP कार्यालय पहुँचा।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया। छर्रों से बुरी तरह घायल साहिल की एक आँख की रौशनी खतरे में है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता कोई कानूनी कार्रवाई नहीं, एक गंभीर अपराध है। इस क्रूरता के लिए न गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों को कोई सफाई दी, न प्रधानमंत्री ने उनसे माफ़ी मांगी।
अब जब साहिल न्याय के लिए FIR दर्ज कराना चाहता है तो वो भी नहीं करने दिया जा रहा। इस तरह संविधान और संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।
@AmitShah जी, न्याय से इतना क्यों घबरा रहे हैं? ये डर दिखा रहा है कि आप अपना अपराध कबूल कर रहे हैं।
FIR होगी। न्यायिक जाँच होगी। और ऊपर से नीचे तक जो भी इस बर्बरता के दोषी हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी।
साहिल और उसके जैसे पीड़ित हर छात्र को न्याय दिलाकर रहेंगे।
साहिल की FIR दर्ज हुई। यह न्याय की तरफ़ पहला क़दम है।
पर सोचिए - एक FIR लिखने की इजाज़त तक गृह मंत्रालय से आनी पड़ी। अब समझ आया कि न्याय पर लगाम किसने लगा रखी है।