UP Lekhpal Bharti में Paper leak के आरोपों की जांच कब कराएगी Yogi सरकार, UPSSSC?
नौजवान ये सवाल पूछ रहा है, Newspinch stands with this demand.
Share till it reach Authorities…
@myogioffice#uttarpradesh#up
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@myogiadityanath आपकी बात सत्य है पर सत्य यह भी कि
आपके शासन में हुई #दरोगाभर्ती_9534 में सैकड़ों गिरफ्तारी,दर्जनों FIR हुई यहां तक कि फर्जी अंगूठा वाला दरोगा भी 40 माह बाद पकड़ा गया,कैदी दरोगा बना
लेकिन आपने SIभर्ती की उच्च स्तरीय जांच तक कराना उचित नहीं समझा,
मैं स्वयं इस भर्ती का अभ्यर्थी था
पुलिस पदोन्नति बोर्ड और इनका परीक्षा एजेंसी चयन हमेशा चर्चा में रहता है🤣
2021 की दरोगा भर्ती में भी बोर्ड सहित परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी चर्चा में रही थी
क्योंकि कैदी दरोगा बना था
फर्जी अंगूठा वाले दरोगा बने थे
जिसकी उच्च स्तरीय जांच के लिए SIT तक गठित नहीं हुई।
@khurpenchh loot machi h jispe jitna loota ja sake loot lo bas aap bhe bas ak post daal de baki age dhyan na aap dege na he koi or ase he loot machti rahe ge aap se request hai Mr. @khurpenchh plz kise mude ko uthye dhyan de solution pr bhe
जयपुर में फायर डिपार्टमेंट को 93 फायर बाइक्स प्रोवाइड करने के लिए 16 करोड़ का बजट दिया गया है,
एक बाइक की कीमत 17 लाख 20 हजार 430 रुपए,ये बाइक देखने के बाद अमेरिका और यूरोप अपनी उंगली और हाथ सब चबा जाएगा।
अलीगढ़ SDM अंजलि गंगवार की कार से स्कूली बच्चों के ई रिक्शा को टक्कर लगी,कुछ बच्चे चोटिल हुए।
लेकिन रानी साहिबा कार में ही बैठीं रहीं 🤡
अब राजा गाड़ी से नीचे उतरकर प्रजा को थोड़े देखते हैं।
@khurpenchh सर आप ने फायर डिपार्टमेंट के लिए लिखा सही है कभी आप ने उनकी कोई प्रॉब्लम का कुछ टवीट करा एक सिपाही फायर मैंन के पद पर भर्ती होता है वो उसी पद से घर चला जाता है ना कोई बीट है ना उसको डिपार्टमेंट की कोई जिमेदारी दी जाती है आग लगे तो उसको बुझा देने की बस आल यूपी मे 4k स्ताफ होगा ब
देश का हेल्थ डिपार्टमेंट खुद ICU में गहरी सांसे ले रहा ,
शिक्षा डिपार्टमेंट को खुद शिक्षा की बहुत सख्त जरूरत है ,
FIRE डिपार्टमेंट में आग लग जाए तो खुद न बुझा पाएं,
मीडिया में काम करने वालों को ही मीडिया पर भरोसा नहीं है ,
जल शक्ति डिपार्टमेंट की बिल्डिंग की टोंटी ख़राब है
कृषि विभाग वालों के ख़ुद के खेत खरपतवार से बंजर होते जा रहे हैं
सूचना मंत्रालय आपस में सम्पर्क नहीं साध पा रहा
आपदा प्रबन्धन वाले आपदा छोड़के सारा प्रबंध करके बैठे हैं
पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट तक जाने वाली सड़क ख़राब पड़ी है
राजस्व विभाग ख़ुद अपने विभाग की मेज़ कुर्सी नहीं ख़रीद पा रहा
उद्यान विभाग बिल्डिंग में लगे पौधे सूखे जा रहे हैं।
सिर्फ संसद वाले संसद में बैठ के मौज काट रहे हैं।
रुपया गिर रहा ,
IMF देश की अर्थव्यवस्था को खराब रेटिंग दे रही ,
देश भर के गली मोहल्लों में सड़क नाली खड़ंजे उखड़े पड़े हैं,
छत गिरने से नौनिहाल मर रहे ,
हॉस्पिटल में आग लगने से छोटे बच्चे कंकाल बन जा रहे ,
देश भर में मिलावटी सामान से कैंसर , डायबिटीज और हार्ट अटैक जैसी समस्याएं बढ़ रही ,
कोरोना काल के बाद से लोग हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक से निपट जा रहे ,
देश के पड़ोसी देशों में सरकारें गिर जा रही , हमें पता ही नहीं चल रहा ,
पानी गंदा , हवा गंदी , राजनीति गंदी ,
लोग बाथरूमों में भर भर कर यात्रा करने को मजबूर ,
हर डिपार्टमेंट में भ्रष्टाचार अपने चरम पर ,
अधिकारी और नेता केवल रील बनाने में व्यस्त ,
लेकिन पार्लियामेंट में चर्चा वंदे मातरम् पर हो रही , 100 साल बाद इस बात पर चर्चा होगी कि कैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को छिपाने के लिए वंदे मातरम् का सहारा लिया गया था ।
आपका नाम उजाला सिंह है।
वाराणसी की रहने वाली। मामाजी बिहार सरकार में ADJ। और आपकी कहानी सिस्टम की ऐसी धज्जियाँ उड़ाती है कि पढ़कर शर्म आती है।
2020 में BPSC ने APO का नोटिफिकेशन निकाला—आपको नौकरी की भूख इतनी थी कि आप किसी भी कीमत पर सीट चाहती थीं।
घरवालों ने “गरीब बनने” का मास्टरप्लान बनाया—औरंगाबाद, बिहार में पड़े छोटे से जमीन के टुकड़े को दिखाकर आपको फर्जी EWS पकड़ा दिया। उसी फर्जीवाड़े के दम पर 2023 में आप APO बन गईं।
लेकिन असली सवाल यहीं से शुरू होता है ,
जब आपके सारे दस्तावेज , आधार , पहचान, स्कूलिंग, पता—सब वाराणसी (U.P.) के हैं,
जब आपके पास बिहार का डोमिसाइल ही नहीं,
तो आप बिहार की परीक्षा में EWS कोटे में घुस कैसे गईं?
और कहानी यहीं खत्म नहीं होती—>>
आपके भाई ने भी 70th BPSC EWS में देकर एंट्री की है। उसके सारे दस्तावेज़ भी हमारे पास हैं।
ऊपर से आपके 302 वर्ग गज के यूपी वाले घर के हिसाब से तो आप उत्तर प्रदेश में भी EWS के लायक नहीं,
तो फिर बिहार में कैसे?
किस नियम से?
किसके वरदहस्त से?
लोग तो यहां तक कहते हैं कि जब भी आपके खिलाफ आवाज उठती है,
आपके ADJ मामाजी उसे दबा देते हैं।
वाराणसी DM ने पूरी जांच कर BPSC को रिपोर्ट भेजी,
फिर भी आप सचिवालय स्तर की पैरवी से बच निकलीं।
अब सामने आइए।
पूरा सच बताइए।
हम आपका साथ नहीं छोड़ेंगे—क्योंकि सच सामने रखना जरूरी है।
और हां—आपके जिन “निजी डॉक्यूमेंट्स” को आप गायब मान बैठी थीं,
वो सारे खुरपेंच टीम के पास पहले से मौजूद हैं।
आप इशारा कीजिए—एक-एक कागज जनता के सामने फेंककर मार देंगे।
15 हेक्टेयर ज़मीन फिर भी EWS? वाह, गरीबी भी अब VIP पास लेकर आती है क्या?
मई में मामला राजस्थान के चीफ़ सेक्रेटरी तक पहुँचा… उसके बाद फ़ाइल शायद हिमालय पर ध्यान लगाने चली गई, क्योंकि आज तक रिपोर्ट लौटी ही नहीं।
अगर इसी स्पीड में जांच चलनी है, तो बता दें—अगली बार हम ही सारे काग़ज़ पब्लिक कर देंगे।
फिर EWS नहीं, पूरा सिस्टम एक्सपोज़ होगा।
दोनों मैथ के शानदार अध्यापक है, लेकिन व्यक्तित्व और विचारधारा अलग है।
गगन प्रताप- सत्ता का ग़ुलाम, जिधर सत्ता उधर गगन। लोगो के सामने निष्पक्ष होने का ढोंग करना, सरकार से सवाल पूछना बाद में पलटी मार, संघी।
अभिनव सर- बेबाक, बिंदास बिना डरे, सरकार के ग़लत फैसले का विरोध करना, मुद्दों पर लड़ना। सच का साथ देना, देशभक्त।
पिछले वर्ष हमारी फेक UPSC सर्टिफिकेट कैंपेन के दौरान हमने आपको कई राजा रानियों से मुलाकात करवाई ,
उसके बाद कई फर्जी सर्टिफिकेट वालों ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल्स प्राइवेट करली , उनको लगा ये करके वो बच जायेंगे ,
लेकिन हमने अपनी सूची पहले ही बना ली थी और जांच जारी रही , इसी में एक बड़ा नाम है मध्य प्रदेश के गुना के 2023 बैच के IAS अधिकारी हैं , जिन्होंने EWS सर्टिफिकेट का बेहतरीन उपयोग किया ,
जिन्होंने कई प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई की लेकिन प्राइवेट नौकरी नहीं की और अपनी खुद की कोचिंग खोली , उनकी बीवी एक बहुत बड़ी कम्पनी में कार्यरत हैं लाखों का पैकेज है , उनकी माताजी सरकारी नौकरी में है और पिताजी का भी बिजनेस है ,
EWS की परिभाषा में कैंडिडेट के पेरेंट्स की इनकम , उसके पति / पत्नी की इनकम भी आती है , उन्होंने खुद भी ये बात कही है कि उनकी पत्नी उनसे कई गुना ज्यादा कमाती हैं,
जब उनका पूरा परिवार समृद्ध था , फिर उन्होंने EWS क्यों और कैसे बनवा लिया ? क्या UPSC ने जांच भी नहीं की ?
साहब ने अपनी कई तस्वीरें साफ करवा दी हैं , सोशल मीडिया अकाउंट्स प्राइवेट हैं , लेकिन हमें जहां तक पहुंचना था पहुंच चुके है ,
साहब आप हमारे कैमरे की नजर में है ।