@Ccsumeerut
परीक्षा नियंत्रक महोदय,
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU),
मेरठ, उत्तर प्रदेश।
विषय: कॉलेजों द्वारा इंटरनल मार्क्स अपलोड किए जाने के उपरांत भी परिणाम घोषित न होने के संबंध में।
महोदय,
इस पत्र के माध्यम से मैं आपका ध्यान इस महत्वपूर्ण विषय की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ कि संबद्ध कॉलेजों द्वारा छात्रों के इंटरनल परीक्षा के अंक विश्वविद्यालय के पोर्टल पर सफलतापूर्वक अपलोड किए जा चुके हैं। इसके बावजूद, विश्वविद्यालय की ओर से अभी तक परिणाम जारी नहीं किए गए हैं।
परिणाम घोषित होने में हो रहे इस अप्रत्याशित विलंब के कारण छात्रों में भारी असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है, जिससे उनके आगे के प्रवेश और भविष्य की योजनाएं सीधे तौर पर प्रभावित हो रही हैं।
अतः आपसे निवेदन और आग्रह है कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लें और संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करें ताकि बिना किसी और देरी के छात्रों का परीक्षा परिणाम तुरंत घोषित किया जा सके।
धन्यवाद।
सेवा में,
संपादक महोदय / संबंधित अधिकारी,
[समाचार पत्र का नाम / विभाग का नाम],
[शहर का नाम, राज्य]
विषय: ई-20 पेट्रोल मिश्रण और इथेनॉल उत्पादन से जुड़ी गंभीर समस्याओं के संदर्भ में।
महोदय,
मैं इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान ई-20 पेट्रोल मिश्रण और इथेनॉल उत्पादन से जुड़ी उन गंभीर खामियों की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जो हमारे देश के जल-संसाधनों, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए अत्यंत विनाशकारी साबित हो रही हैं।
विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, एक लीटर इथेनॉल बनाने में हज़ारों लीटर पानी की खपत होती है। यदि इस बहुमूल्य जल की साधारण लागत को भी जोड़ा जाए, तो इथेनॉल की वास्तविक कीमत हज़ारों रुपयों तक पहुँच जाएगी। इस नजरिए से देखा जाए तो यह जनता के लिए सामान्य पेट्रोल से भी कहीं अधिक महँगा सौदा है। आज देश की जनता ₹100 प्रति लीटर की दर से पेट्रोल खरीदने को तैयार है और सरकार इस पर भारी टैक्स भी वसूल रही है। ऐसे में, सरकार को जनता तक नियमित और शुद्ध पेट्रोल पहुँचाने में आखिर क्या परेशानी आ रही है? सरकार अपनी जेब से कोई पैसा नहीं दे रही है; आम आदमी अपनी खून-पसीने की गाढ़ी कमाई का एक-एक रुपया जोड़कर पेट्रोल भरवाता है।
सरकार अक्सर विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के नाम पर जनता से कभी सोना न खरीदने, कभी कम खाने, तो कभी पेट्रोल का कम इस्तेमाल करने जैसे त्याग और बलिदान की अपील करती है। यदि सरकार हर मोर्चे पर जनता से ही इस तरह के बलिदान मांगती है, तो वह किस बात का टैक्स वसूल रही है? यदि उनसे देश की अर्थव्यवस्था और बुनियादी जरूरतें नहीं संभल रही हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, इथेनॉल उत्पादक फैक्ट्रियों के कारण आस-पास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ रहा है। इन कारखानों से निकलने वाले धुएं और कचरे ने हवा की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित किया है। जिन क्षेत्रों की जलवायु पहले साफ और स्वच्छ हुआ करती थी, वहाँ के निवासियों को अब दूषित हवा में सांस लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
मेरा आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस गंभीर विषय पर गहराई से विचार करें .
@zomatocare
मैंने कल new singhal sweets से मिठाई ऑर्डर की थी, जो पूरी तरह से खराब निकली। जब मैंने इसे वापस करने या रिफंड के लिए कहा, तो उन्होंने साफ मना कर दिया। यह सीधे तौर पर फूड सेफ्टी का उल्लंघन है।order ID: 8111264734
मुझे इसका तुरंत रिफंड चाहिए और उचित कार्रवाई की उम्मीद ह