माननीय @myogiadityanath जी, @AKSharmaOffice जी एवं @UPPCLLKO
उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती से आम जनता अत्यंत परेशान है। “रोस्टिंग” के नाम पर बार-बार घंटों बिजली बाधित होना, विशेषकर गर्मी के मौसम में, गंभीर चिंता का विषय है।
जनता समय पर और पूरा बिजली बिल भुगतान करती है, इसलिए उसे निरंतर एवं भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति मिलना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
निवेदन है कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देशित कर अनावश्यक बिजली कटौती पर रोक, रोस्टिंग की स्पष्ट जानकारी तथा प्रभावित क्षेत्रों में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए।
जनता को आश्वासन नहीं, निर्बाध बिजली आपूर्ति चाहिए।
#UttarPradesh #UPPCL #BijliKatoti
माननीय @myogiadityanath जी, @AKSharmaOffice जी एवं @UPPCLLKO
हमारे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की स्थिति अत्यंत गंभीर है। 30–40 मिनट बिजली आने के बाद पुनः संदेश प्राप्त होता है कि अब 2 घंटे बाद विद्युत आपूर्ति बहाल होगी।
वर्तमान स्थिति यह है कि रात में मुश्किल से 1–2 घंटे और दिन में लगभग 3–4 घंटे ही बिजली उपलब्ध हो पा रही है। लगातार हो रही इस अनियमित कटौती से आम नागरिक, विद्यार्थी, बुजुर्ग एवं छोटे व्यवसायी अत्यधिक प्रभावित हो रहे हैं।
यदि यह निर्धारित रोस्टिंग है, तो इसकी स्पष्ट समय-सारणी एवं कारण सार्वजनिक किए जाएं। यदि यह निर्धारित रोस्टिंग नहीं है, तो संबंधित स्तर पर तत्काल संज्ञान लेकर विद्युत आपूर्ति सामान्य कराई जाए।
जनता नियमित रूप से अपने विद्युत बिल का भुगतान करती है। इसलिए अपेक्षा है कि उसे कुछ घंटों की अनिश्चित आपूर्ति नहीं, बल्कि निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्बाध एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति मिले।
कृपया इस गंभीर समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर स्थायी समाधान एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की कृपा करें।
#UttarPradesh #UPPCL #BijliKatoti
उत्तर प्रदेश में जनता बिजली के लिए तरस रही है और बिजली विभाग जनता को “रोस्ट” करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा! 🔥
1 घंटे बिजली → 2 घंटे कटौती → फिर थोड़ी देर बिजली → फिर कटौती!
ये बिजली सप्लाई है या लुका-छिपी का सरकारी खेल?
गर्मी में बच्चे बेहाल हैं, बुजुर्ग परेशान हैं, व्यापारी परेशान हैं, किसान परेशान हैं—लेकिन बिजली के बिल में कोई रोस्टिंग नहीं होती, वो समय पर और पूरा आता है! 🤦♂️
@myogiadityanath@UPPCLLKO
जनता से 24 घंटे बिजली के नाम पर वसूली चाहिए, लेकिन बिजली देने की बारी आए तो “रोस्टिंग” याद आ जाती है?
साहब, जनता को बयान नहीं चाहिए—
पंखा चलाने लायक बिजली चाहिए।
बिल भरने लायक सुविधा नहीं, बिल के हिसाब से बिजली चाहिए।
अब जनता पूछ रही है—
“बिजली कब आएगी?” नहीं, “कटौती कब खत्म होगी?” ⚡
#UttarPradesh #UPPCL #BijliKatoti #YogiAdityanath
पूरे उत्तर प्रदेश में जनता बिजली कटौती से परेशान है। 😡
रोस्टिंग के नाम पर हर 1 घंटे में 2 घंटे की “रोस्टिंग” चल रही है! 😂
बिजली आए तो लगे त्योहार है, और जाए तो लगे रोज़ का कार्यक्रम।
जनता पूछ रही है—बिजली चाहिए या सिर्फ बिल भरने का सौभाग्य? 🔥
#UttarPradesh#Bijli #BijliKatoti #UP
उत्तर प्रदेश की जनता को बिजली नहीं, अब तो बिजली के दर्शन करवाए जा रहे हैं! 😂
हर 1 घंटे बिजली आने के बाद 2 घंटे की “रोस्टिंग” शुरू हो जाती है।
रोस्टिंग के नाम पर जनता को इतना रोस्ट किया जा रहा है कि AC तो छोड़िए, पंखा भी सपना बन गया है। 🔥
बिजली विभाग से बस इतना सवाल है—बिजली काट रहे हो या जनता का धैर्य टेस्ट कर रहे हो? 😡
बिल पूरा चाहिए, लेकिन बिजली आधी भी नहीं!
जनता सब देख रही है। 👀
#UttarPradesh #BijliKatoti #UPPower #UP
उत्तर प्रदेश की जनता गर्मी में बेहाल है और बिजली विभाग अपनी “रोस्टिंग” में व्यस्त है! 🔥
हालात ये हैं कि 1 घंटे बिजली आती है और 2 घंटे के लिए गायब हो जाती है।
जनता घर में पसीने से परेशान है, बच्चे पढ़ नहीं पा रहे, बुजुर्ग बेहाल हैं—लेकिन बिजली कटौती का कोई हिसाब नहीं!
@myogiadityanath@UPPCLLKO
अगर बिजली देने के लिए सरकार नहीं बनी है, तो कम से कम जनता को ये बता दीजिए कि बिल किस बात का पूरा लिया जा रहा है?
जनता को भाषण नहीं, 24 घंटे भरोसेमंद बिजली चाहिए।
रोस्टिंग बंद करो, बिजली दो! ⚡
#UttarPradesh #UPPCL #BijliKatoti #YogiAdityanath
जब हर काम में 30 से 40% कमीशन खाया जाएगा, तो ऐसी ही शानदार सड़कें बनेंगी.
ये यूपी के प्रयागराज का राम वन गमन मार्ग है, जो 4,400 करोड़ रुपए में बनाया जा रहा है.
- @ravirajprayagi की रिपोर्ट
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ जी लगातार घटनास्थल पर हैं, लोगों की जी जान से मदद कर रहे हैं, उनकी पीड़ा और प्रशासन से उनके सवाल दोनों को सुनिये।
@VinodJakharIN
जब छात्रों की जान बचाने की जरूरत थी, तब सरकार और प्रशासन कहां थे? घटना के करीब दो घंटे बाद दिल्ली पुलिस-प्रशासन की राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। आखिर इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है?
जैसे ही हमें सूचना मिली NSUI की पूरी टीम मौके पर पहुंची ,वहां छात्र मलबे में दबे मिले, हमारे NSUI का साथी भी मलबे में फंसा मिला और मौके पर न फायर ब्रिगेड, न पुलिस, न मेडिकल सुविधा, न JCB!
हम वहां पहुंचकर अपने हाथों से छात्रों को मलबे से निकालने में जुट गये। हमने 3 बच्चो को निकाला,कई छात्रों की जान जा चुकी है और स्थिति बेहद दुखद है।
बच्चों को मलबे से निकालते वक्त हमें एक बच्चे के हाथ से उसकी किताब मिली। यह दृश्य बेहद भावुक और झकझोर देने वाला था ।
जिस बच्चे के हाथ में किताब होनी चाहिए थी, वही हाथ मलबे में दबा मिला। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही और व्यवस्था की विफलता का दर्दनाक प्रमाण है।
“हमारे पास में एक मंदिर भी है जो सरकार संपत्ति में है…”
◆ बुलडोज़र कार्रवाई पर शख़्स ने बोला
◆ देखिये माहौल क्या है ऋषिकेश कुमार के साथ
@JournoRishikesh | #MaholKyaHai | #MKH
सोचिए! यह आदमी ‘पत्रकार’ है। अब इसने क्या ही पत्रकारिता की होगी। OBC एससी समाज को लेकर इसकी सोच इतनी घृणित है, वह इस शख्स ने बता दिया है। यह शख्स अभी तक मुसलमानों को लेकर अनर्गल टिप्पणी करते हुए अपनी कुंठा का प्रदर्शन करता रहा है, अब इसके निशाने पर OBC और SC हैं।
यह नफ़रती कुंठित जीव पानी को लेकर दलित समाज पर टिप्पणी कर रहा है। ध्यान रहे डॉक्टर भीम राव अंबेडकर ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के महाड़ शहर में स्थित चवदार तालाब से अछूतों/दलितों को पानी पीने का अधिकार दिलाने के लिए यह ऐतिहासिक आंदोलन किया था। इस सत्याग्रह के दौरान, डॉ. अंबेडकर ने स्वयं तालाब के पानी को हाथ लगाकर पिया और हजारों लोगों ने उनके साथ पानी पीकर सदियों पुरानी छुआछूत की पाबंदी को तोड़ा। लेकिन यह कुंठित जीव कुछ और ही कहानी सुना रहा है।
प्रकृति जितनी ज्यादा सुंदर होती है उससे कहीं ज्यादा भयावह होती है क्योंकि ये जब अपना रौद्र रूप धारण करती है तो हर तरफ तबाही देखने को मिलती है।
इसे आप चाहकर भी नहीं रोक सकते हैं।
आज नेपाल में यही देखने को मिला जब तिब्बत के डैम से छोड़ा गया पानी विकराल रूप लेकर नेपाल के कुछ हिस्सों को तहस नहस कर गया
इसमें कई नेपाल के और कई विदेशी नागरिक भी लापता हैं जिनमें भारतीय लोगों के होने की भी सूचना है।
Nepal के प्रधानमंत्री भारत और चीन से मदद की गुहार लगा रहे हैं जिसमें मोदी जी ने नेपाल के PM से बात भी की है।
हमारा दायित्व बनता है कि पड़ोसियों की संकट के समय मदद की जाए।