लखनऊ
➡उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द
➡31 हजार से ज्यादा वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द
➡वक्फ संपत्तियों के दस्तावेजों में मिलीं खामियां
➡दस्तावेजों में त्रुटियों, तकनीकी खामियों पर कार्रवाई
➡उम्मीद पोर्टल पर अब तक 31,328 का पंजीयन रद्द
➡1,18,302 वक्फ संपत्तियों में से 31,328 का पंजीयन रद्द
➡31,192 संपत्तियों के वक्फ दावे को रद्द कर दिया गया
➡खसरा नंबर वक्फ बोर्ड में दर्ज नंबर से मिलान नहीं
➡कई का राजस्व अभिलेखों में रकबा बदल गया
@UPGovt
लोकसभा स्पीकर OM BIRLA पर पक्षपात के आरोप कोई ऐसे ही नहीं लगते
संसद में Women’s Reservation Bill पर चर्चा चल रही थी ,
Leader of Opposition राहुल गांधी ने
magician शब्द का use क्या कर लिया ओम बिरला जी को सदन की मर्यादा याद आने लगी और
इस पर Om Birla ने तुरंत RAHUL GANDHI को टोक दिया
लेकिन इससे पहले Narendra Modi जब खुद संसद में की चौराहे वाली भाषा use करते हैं तब
ओम बिरला को कोई आपत्ति नहीं हुई
ओम बिरला को केवल विपक्ष के बोलने के समय ही संसद की सारी मर्यादाएं क्यों याद आ जाती हैं ?.....
सुप्रीम कोर्ट ने कल, मार्च 11 को एक ऐतिहासिक फ़ैसले में OBC के non-creamy layer (NCL) के मामले में बड़ा बदलाव कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर माता-पिता Group IV में सरकारी नौकरी करते हैं और अगर उनकी आय ₹8 लाख/वर्ष से ऊपर हो गई है, तो भी उसे क्रीमी लेयर में नहीं जोड़ा जाएगा। साथ ही, ऐसे मामलों में कृषि आय को भी नहीं जोड़ा जाएगा। केवल ‘अन्य स्रोतों’ (बिजनेस, प्रॉपर्टी आदि) से परिवारिक आय (3 साल) ₹8 लाख/वर्ष से कम होनी चाहिए।
SC के निर्णय के अनुसार DoPT ने 2004 में जो पत्र निकाला था, उसका पैरा 9 अब अमान्य हो गया है। इस अनुसार बैंक/प्राइवेट नौकरी वालों की सैलरी मात्र को क्रिमी लेयर नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में पहले पोस्ट की सरकारी ग्रुप III और IV के साथ equivalence तय किया जाएगा। तब तक केवल 1993 OM लागू रहेगा।
इस निर्णय का फ़ायदा अनेकों ऐसे लोगों को मिलेगा, जिन्हें पहले क्रीमी लेयर की ग़लत परिभाषा के कारण OBC रिजर्वेशन से बाहर रखा गया और वो नौकरी में तो हैं, लेकिन सही कैडर में नहीं हैं।
ऐसे सभी मामलों में पिछले डेट (retrospectively) ये फैसला लागू होगा।
DOPT को इसे लागू करने के लिए 6 महीने का समय दिया गया है। अगर ज़रूरी हुआ, तो supernumerary posts बनायी जायेंगी, ताकि दूसरे वर्गों के कर्मचारियों की सीनियरिटी पर असर न आए।
भविष्य के Civil Services Examination (CSE) में वैध OBC-NCL सर्टिफिकेट (DM/तहसीलदार से) को प्राथमिकता; सैलरी आधारित रिजेक्शन बंद।
इस निर्णय से OBC आरक्षण का मूल मकसद बहाल होगा।
रोहित नाथन (CSE-2012), केतन बैच (CSE-2015) जैसे अनेकों मामलों में DoPT को 6 महीने में re-verification कर OBC-NCL स्टेटस देना होगा।
बड़ी खबर: अब 'ई-शिक्षाकोश' की हाजिरी से ही बनेगा वेतन!
🎯बिहार शिक्षा विभाग का नया फरमान! अब राज्य के सभी शिक्षकों का वेतन सीधे ई-शिक्षाकोश (e-Shikshakosh) ऐप पर दर्ज उनकी डेली ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर जारी होगा।
प्रमुख बातें:
✅ HRMS से जुड़ा डेटा: आपकी रोजाना की डिजिटल हाजिरी अब सीधे HRMS पोर्टल से साझा की जाएगी।
✅ पारदर्शिता: इसी डेटा के आधार पर वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी।
✅ डेडलाइन: विभाग ने जनवरी 2026 का बकाया वेतन भी 5 फरवरी तक क्लियर करने का सख्त निर्देश दिया है।
सावधान: अब समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है, क्योंकि आपकी अटेंडेंस ही आपकी सैलरी तय करेगी!
यह अहमद अल अहमद हैं। आज जब आतंकियों ने हमला किया तो इन्होंने एक आतंकवादी से बंदूक छीन ली, बाद में दूसरे आतंकवादी ने इन्हें निशाना बनाया इन पर गोली चलाई गोली पैर और कंधे में गोली लगी। आतंकवादियों से उनकी हथियार छीनने की जुर्रत करने वाले अहमद को लाखों सलाम।
यहूदियों पर ऑस्ट्रेलिया में टारगेटेड हमला !
बताया जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया में बॉन्डी बीच पर सैंकड़ों यहूदी जश्न मना रहे थे।
कुछ ऑस्ट्रेलियाई लोग भी थे जो उनका समर्थन करने आए थे,
लगता है हमलावरों ने गर्दनों को टारगेट किया है।
हालांकि एक यूजर ने ये बताई है मैं इसकी पुष्टि नहीं करता।
बहराइच हिंसा मामले में जज पवन कुमार शर्मा ने अपने जजमेंट में मनुस्मृति का एक श्लोक लिखा है कि और लिखा है कि मृतक राम गोपाल मिश्रा को टॉर्चर किया गया, उसके नाखून उखाड़ लिये गये, उसके पैर जलाये गये!
जबकि बहराइच पुलिस खुद रामगोपाल मिश्रा को टॉर्चर किये जाने को अफवाह बता चुकी है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी रामगोपाल मिश्रा की मौत की वजह गोली लगना ही निकला था!
सोशल मीडिया पर फैलाई गयी अफवाह के आधार पर सुनाया गया जज साहब का यह फैंसला, हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में कितनी देर ठहर पायेगा ??
मुसलमानो को खुश कर देने वाली खबर , केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का बड़ा बयान ,
" उम्मीद पोर्टल पर वक्फ बोर्ड संपत्ति के पंजीकरण को लेकर समय सीमा 3 महीने बढ़ा दी गयी है , इसके लिए आप पर कोई जुर्माना और कार्यवाही नहीं होंगी ,अब आप 3 महीने तक पंजीकरण कर सकते है "...
आधार कार्ड - पैन कार्ड से जोड़ा गया,
आधार कार्ड - राशन कार्ड से जोड़ा गया,
आधार कार्ड - बैंक अकाउंट से जोड़ा गया,
आधार कार्ड - स्कूल की परीक्षा से जोड़ा गया,
आधार कार्ड - गैस सिलेंडर से जोड़ा गया,
आधार कार्ड - मोबाइल नंबर से जोड़ा गया,
आधार कार्ड - नौकरी की हाजिरी से जोड़ा गया,
आधार कार्ड - सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनिवार्य किया गया।
लेकिन आधार कार्ड मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) से नहीं जोड़ा गया…आखिर क्यों?
क्योंकि….
आधार से लिंक करने पर एक ही व्यक्ति के डबल / ट्रिपल वोट बंद हो जाएंगे…
एक ही व्यक्ति के दो अलग-अलग नामों से किए गए वोट रद्द हो जाएंगे…
फर्जी नामों से मिलने वाले वोट खत्म हो जाएंगे।
जिस तरह राशन कार्ड से फर्जी नाम हट गए,
उसी तरह मतदाता सूची से भी फर्जी नाम हट जाएंगे।
सरकार पैन कार्ड को आधार से न जोड़ने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान कर रही है,
मतलब आपको हर जगह आधार कार्ड चाहिए —
लाडली बहना योजना हो या कोई अन्य सरकारी योजना,
लेकिन सिर्फ मतदान के लिए आधार कार्ड नहीं चाहिए?
लॉकडाउन के समय जब हमने सभी ने वैक्सीन लगवाई थी,
तब सरकार ने आधार कार्ड को वैक्सीन से भी जोड़ा था..वह काम तो बहुत तेज़ी से हुआ था।
पोस्ट को किसी भी राजनीतिक दृष्टिकोण से न देखते हुए स्वयं विचार करें।
कानपुर के नवीन मार्केट में बुर्के वासियों का ATTACK !!
Diwali की शॉपिंग पर नवीन मार्केट में निकला सैलाब !!
जिसने जिसने ये observe किया हो वो इस वीडियो को किसी बुर्के वाली को शेयर कर दें
क्या ऐसा लिखने और वीडियो बनाने वाले के खिलाफ कानपुर पुलिस कार्यवाही करेगी.?
पत्रकार अखिलेश यादव से: आजम खान आपसे नाराज थे, क्या नाराजगी दूर हुई?
आजम खान पत्रकार से: आपको ये सूचना कहां से मिली कि मैं नाराज हूं?
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अखिलेश यादव: आजम खान साहब समाजवादी पार्टी के दरख़्त हैं. सरकार आने पर सारे झूठे मुक़दमे हटाए जाएंगे.
UP जल निगम में #कम्प्यूटर_आपरेटर के पदों भर्ती हेतु विज्ञापन जारी
पदों की संख्या - 28
आवेदन करने की अन्तिम तिथि - 11.10.2025
योग्यता - इंटरमीडिएट + CCC + टाइपिंग
लोकेशन : फतेहपुर, यूपी
नवाब अब्दुल समद के मकबरे को शिव मंदिर बताकर हिंदू चरमपंथी धार्मिक नारे के साथ पुलिस की मौजूदगी में भगवा झंडा लगाते हुए।
सनद रहे सम्भल में शाही जामा मस्जिद विवाद पर स्थिति शांत करने के लिए अंधाधुन गोलियां चलाकर 4 मुसलमानो की हत्या की गई थी ।