विपक्ष को बवाल काटना नहीं आता।
अभी तक तो पूछ रहे हैं कि छात्रों पर Pellet Gun चलाने के निर्देश किसने दिए ? अगर सवाल थोडा बदल दिया जाए कि “हिन्दू छात्रों” पर Pellet Gun चलाने की अनुमति किसने दी ?
आज संसद में मेरे भाषण के दौरान मैंने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके ज़िम्मेदार का नाम लिया - गृह मंत्री अमित शाह।
मुझे BJP ने बोलने नहीं दिया।
आज शाम 6 बजे - प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा और वो सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया।
माइक बंद कर सकते हैं - छात्रों की गूंज नहीं।
रिजजू जी - अखिलेश जी हमने मांगे मानी ये अच्छा है या इमरजेंसी जो लगाई थी वो अच्छा है?
अखिलेश जी - मैंने इमरजेंसी तो नहीं देखा मगर इमरजेंसी में क्या जुल्म होता है वो दिल्ली की सड़कों पर देखने को मिल गया। आंसू गैस, लकड़ी में लगी हुई किले और करेंट तक लगाया गया..
बाकी चढ़ावा चोरी तक आपने की.. ये महापाप है।
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।