@ApkaBanker शायद यही वो महीन-सी रेखा है,
जहाँ आदत धीरे-धीरे मोहब्बत का रूप लेने लगती है…
और इंसान खुद से ही पूछता रह जाता है—
“ये उसकी आदत है… या फिर इश्क़ की शुरुआत?”
@ApkaBanker उससे बात किए बिना दिन अधूरा-सा लगता है,
और जिस वक़्त उससे बात होती थी, उसी वक़्त दिल अनायास उसे याद करने लगता है।
फिर एक दिन समझ आता है कि ये सिर्फ़ आदत नहीं रही…
क्योंकि आदत छूटने पर खालीपन होता है,
लेकिन किसी खास इंसान की कमी दिल में महसूस होती है।
@ApkaBanker शायद किसी इंसान की आदत यूँ ही नहीं लगती…
पहले उसकी बातें अच्छी लगती हैं, फिर उसका इंतज़ार होने लगता है।
फिर उसके संदेश की एक छोटी-सी दस्तक भी चेहरे पर मुस्कान ले आती है।
धीरे-धीरे उसकी मौजूदगी रोज़मर्रा का हिस्सा बन जाती है—
यह जिंदगी है साहब
यहां थकान के लिए स्थान नहीं है
आप अपने लिए मेहमान नहीं हैं
मुस्कान के साथ हो तो सम्मान होगा
बिना मुस्कान के सम्मान नहीं है
यहां सभी मेहमान बनना चाहते हैं
आपके लिए कोई मेजबान नहीं है
मैं कह संकूं कि
अब मुझे थकान नहीं है!
अब भी कभी-कभी रात की ख़ामोशी में,
वो अधूरा ख़्वाब दस्तक देता है,
और मेरा दिल चुपके से कह उठता है...
"कुछ ख़्वाब पूरे होने के लिए नहीं,
सिर्फ़ उम्र भर याद रहने के लिए होते हैं।" 🥀
ख़्वाब देखा था मैंने,
तेरे साथ एक छोटी-सी दुनिया बसाने का,
जहाँ हर सुबह तेरी मुस्कान से शुरू हो,
और हर शाम तेरी बातों में ढल जाए।
मगर वक़्त ने कुछ यूँ करवट बदली,
कि ख़्वाब तो आँखों में रह गए,
और तुम किसी हक़ीक़त की तरह दूर कहीं खो गई।
......