मूत और हग दिया मेरिट ने —एक विधवा मां ने अपनी 14 साल की मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटी के टूटे पैर के इलाज के लिए जिलाधिकारी से मुफ्त इलाज का आदेश कराया था।
इसके बावजूद जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने ₹25,000 की मांग की। जब मां सिर्फ ₹8,000 ही दे पाई, तो पैसे कम होने से नाराज आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. पी. के. चतुर्वेदी ने जांच के बहाने बच्ची का पैर जबरन मोड़कर उसकी हड्डी दोबारा तोड़ दी।
डॉक्टरों ने संवेदनहीनता की हद पार करते हुए कहा कि “लड़की पागल है, मर भी गई तो क्या हुआ?” सरकारी तंत्र और डॉक्टरों की यह क्रूरता बेहद खौफनाक है। ऐसे दोषियों को तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए।
धमकी देने वालों को आस्था सिंह का करारा जवाब...।
बम से उड़ा देंगे, काट डालेंगे...इस धमकी पर आस्था ने कहा कि जिसको जो उखाड़ना है उखाड़ ले...।
मैं ठाकुर हूं... कहने पर चर्चा में आई थीं आस्था...।
#कानपुर#kanpur
रौशन आनंद न FIR में हैं न CCTV फुटेज में लेकिन जेल में जरूर हैं।
बिहार पुलिस खुद बता रही है कि गोली UP के फैजल खान ने खुद अपने भाड़े के बॉडीगार्ड से चलवाया।
रौशन आनंद के गिरफ्तारी से नाराज पटना के छात्रों का सैलाब देखो और सुनो—
“रौशन सर को रिहा करो या फ़िर हमें भी जेल में डालो ”
राजेश एक्सपोर्ट्स ज्वेलरी का काम करती है और उसे मोदी सरकार ने एनेर्जी सेक्टर में 18,100 करोड़ रुपए का 5 GW मैन्यूफैक्चरिंग कैपेसिटी का काम दे दिया। सेक्टर में काम करने वाले 7 प्रतिद्वंद्वी को बाहर कर दिया गया।
15 लाख करोड़ के महाघोटाले सरकारी एजेंसियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।
“नहीं पापा, मुझे मत बेचना…
मैं आपको छोड़कर कहीं नहीं जाऊँगा।”
उसकी आँखों के आँसू बता रहे थे कि
बच्चों के लिए माँ-बाप सिर्फ रिश्ते नहीं,
उनकी पूरी दुनिया होते हैं।
Supreme Court advocate made protest rights clear as day 🔥
REPORTER: Will police give permission for the June 6 protest?
BALRAJ MALIK 🎯: Police duty is to regulate a peaceful protest, not stop it. Peaceful protest is people’s right, and police must cooperate.
REPORTER: What if Abhijeet is arrested?
BALRAJ MALIK: Then the right to expression will only grow stronger. The country will unite more.
REPORTER: Can the protest be stopped in court?
BALRAJ MALIK 🔥: No. In a democracy, stopping peaceful protest is dictatorship.
6 जून को कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी दिल्ली के जंतर मंतर पर जो प्रोटेस्ट करने जा रही है, उसका मक़सद है शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा. इसके लिए अभिजीत दिपके भारत लौट रहे हैं. इसके अलावा जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट की परमिशन को लेकर सीजेपी का क्या कहना है, ये भी सुनिए.
प्रेज़ेंटर: मुकुंद झा
रिपोर्ट: कल्पना
वीडियो एडिटर: अल्ताफ़
देश बहुत नाजुक स्थिति में है।
लेकिन मीडिया नहीं दिखाएगा🤨😡
ये सरकार पूरा देश बेच के खा जाएगी और
ये मीडिया वाले बेशर्मी से मास्टरों को दो कौड़ी का बताकर पूरी जनता को मुद्दों से भड़काकर बेवकूफ बना रहे हैं।