‼️न कोर वोटर बचा, न इज़्ज़त‼️
भाजपा वालों, खासकर भाजपा आईटी सेल वालों, अब तो कुछ सीख लो।
जब UGC के मुद्दे पर हम, जो खुद भाजपा समर्थक थे, जायज़ मांग लेकर खड़े हुए थे, तब तुम लोगों ने हमें "GC Terrorist" कहकर अपमानित किया।
अगर उसी समय हमारी बात सुन ली होती, तो आज कोर वोटर भी साथ होता और इज़्ज़त भी बची रहती।
अब CJP के सामने घुटने टेकने पड़े।
लॉर्ड बॉबी देओल साहब के सभी फॉलोअर्स को नीला सलाम..
राजस्थान के सीकर में जानकीनाथ मंदिर के पुजारी के सामने अपने कपड़े फाड़ने और उन्हें SC/ST एक्ट में फंसाने की कोशिश करने के आरोप में दलित महिला राधा देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पता चला है कि पिछले 10 वर्षों में उसने सवर्ण और OBC समुदाय के लोगों पर झूठे SC/ST एक्ट के मामले दर्ज करवाकर करीब 45 लाख रुपये वसूले।
यह सब ढाबा साहेब के छमभिदान की बदौलत ही संभव हो पाया है, दोस्तों।
इसी तरह हमें इन मोनूपुत्रों से 5000 साल के चोचन का बदला लेना है..
यह पढ़ कर हंसी आती है
और गुस्सा भी आता है
राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ कह रहे हैं कि भाजपा राजस्थानी को संवैधानिक मान्यता दिलवाने के लिए प्रयासरत है और कांग्रेस मान्यता के मुद्दे पर राजनीति कर रही है। मैं कहता हूं ये दोनों ही पार्टियां राजनीति कर रही हैं। आठ करोड़ राजस्थानियों की भावना के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।
दोनों ही पार्टियों ने राजस्थानी भाषा प्रेमियों को बारी-बारी से ठगा है। ऊपर से मूर्ख बनाने के प्रयास अलग से किए जा रहे हैं। यह बेहद शर्मनाक है। राजस्थानी भाषा की मान्यता का आंदोलन बरसों से चल रहा है। 1992 में दिल्ली में दिया गया धरना तो ऐतिहासिक था। पीढ़ियां खप गई मान्यता के इंतजार में कन्हैयालाल जी सेठिया जैसे कवि मान्यता की साध लिए दुनिया से ही चले गए। प्रेम भंडारी जी जैसे लोग बरसों से मान्यता मिलने पर ही अपना जन्मदिन मनाने की ठाने हुए हैं। जीवन तो एक बार ही मिलता है।
अब आपको भाजपा और कांग्रेस दोनों के दोगलेपन से रूबरू करवाना बेहद जरूरी है। 2003 में राजस्थान की विधानसभा ने राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया था। उस ऐतिहासिक घटना को आज 23 साल पूरे हो गए। इस दौरान पूरे 10 साल केंद्र में कांग्रेस की सरकार रही। इस दौरान पूरे 13 साल केंद्र में भाजपा की सरकार रही। इस दौरान 2008 से 2013 तक राजस्थान और केंद्र दोनों में कांग्रेस की सरकार रही। इस दौरान 2014 से 2018 तक और 2023 के अंत से आज तक राजस्थान और केंद्र दोनों में भाजपा की सरकार है।
किसी भी पार्टी के पास कोई भी बहाना नहीं है और कोई भी सफाई नहीं है। इन्हें सिर्फ आरोप लगाने आते हैं। बचाव करना आता है। सफाई देना आता है और सबसे बढ़िया काम आता है गोली देने का। शर्म दोनों ही पार्टियों को नहीं आती। दोनों ही पार्टियों को आज फैक्ट्स के साथ शर्मिंदा करने की जरूरत है। राजस्थानी भाषा के साथ बहुत खिलवाड़ हो चुका है। अब आपको सबूत देना होगा कि आपने सच में किया क्या है?
अगर आप कह रहे हैं कि राजस्थानी को भाषा बनाने के लिए भाषाविदों को जुटाना होगा तो फिर बताइए राजस्थान के लोगों को कि सहमति बनाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए? नहीं है आपके पास कोई भी जवाब। नहीं ही होगा क्योंकि आपने अब तक इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं किया है।
संवैधानिक मान्यता देना राज्य के हाथ में नहीं है, समझ में आता है। लेकिन राजभाषा बनाने का अधिकार राज्य सरकार के हाथ में है। दोनों ही पार्टियां बताएं, पिछले 30 साल में दोनों पार्टियां तीन-तीन बार सत्ता में आ चुकी है। राजभाषा बनाने की दिशा में क्या कदम उठाए गए? नहीं होगा आपके पास कोई भी जवाब। क्योंकि आपने कुछ भी नहीं किया।
बयान जारी करने में और काम करने में बड़ा फर्क होता है। कुछ करके दिखाइए, वरना चुपचाप बैठे रहिए। होना-जाना कुछ है ही नहीं तो इन बयानों और आरोप-प्रत्यारोपों का अर्थ क्या है? जनता कुछ समझती नहीं है क्या?
#राजस्थानी
तो सरकार अब खुल कर सामने आ रही है कि उखाड़ लो हमारी %# यदि दम है तो। ये @nitin_gadkari का कथन है (मनी कंट्रोल पर), पर गडकरी या @narendramodi यह बताएँ कि आपने प्योर पेट्रोल का विकल्प किस पेट्रोल पम्प पर दिया है? एक्सट्रा प्रीमियम तो प्रीमियम पेट्रोल है, जो 2009 में भी मिलता था और तब के ‘प्योर पेट्रोल’ से 10-12% महँगा होता था।
एक तो कभी ठीक से बताया नहीं कि कौन सा तेल दे रहे हैं, उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की, और अब ज्ञान दे रहे हैं कि दिक्कत है तो ₹167 वाला भरवाओ! जो लोग बोलें उन पर नागपुर में FIR करवाओ?
कायर! कापुरुष!!
वैभव सूर्यवंशी के आयरलैंड जाने, उसके माता-पिता के उसके साथ जाने और हर मैच से पहले उसके नाम की हाइप बनाने के बाद भी, उसे अवसर न देना, बताता है कि मुंबई लॉबी या BCCI प्रतिभा की जगह PR को अधिक अहमियत देती है।
IPL में जिसने पाँच अवार्ड बटोरे, उसकी जगह वर्ल्ड कप के नगीनों को, जो IPL में इससे बेकार ही खेले, उसको दोनों मैच खेलाया जो अपनी जगह परफॉरमेंस के आधार पर तो नहीं ले सकते।
अब माहौल बनाया जा रहा है कि इंग्लैंड के विरुद्ध खेलने को उतारा जाएगा। संभव है कि कुछ लोग यह अवसर उसे यदि देंगे भी तो केवल इसलिए कि वह वहाँ की घसियाली पिच पर असफल हो जाए, और यह कहा जा सके कि ये तो केवल फ्लैट-ट्रैक बुली है।
जिसने स्टार्क-हेजलवुड-बुमराह-आर्चर आदि को सोंट-सोंट के छक्के मारे हों, उसे कोई भी लॉबी कितना ही दबा ले, वो उदीयमान हो कर रहेगा।
भरत तिवारी के एनकाउंटर पर आंदोलन करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज़ हुई है!
इन लोगों में ब्राह्मण भी हैं, यादव भी और पासवान भी!
यानी जमीन पर हर जाति के लोग (GC, OBC, SC) भरत तिवारी के साथ हैं!
लेकिन नेताओं और अम्बेडकरवादियों को इसमें जाति नज़र आ रही है! और जिस इंसान ने बिना जाति देखे सबकी मदद की, उसकी मौत में जाति डालकर राजनीति कर रहे हैं!
लग रहा है सम्राट चौधरी के लिए भरत तिवारी का फर्जी एनकाउंटर गले की फाँस बन गया है
प्रशांत किशोर ने कहा है अगर 15 दिन में न्याय नहीं मिला तो वह CM हाउस का घेराव करेंगे
भरत तिवारी ही भारत में पुलिस रिफॉर्म्स की नींव बनेगे
इसलिए लोग कहते हैं पढ़ा लिखा नेताओं से पंगा नहीं लेना चाहिए
जीतन राम मांझी:- भरत तिवारी कोई क्रांतिकारी नहीं था, अवैध पिस्टल दिखाकर पुलिस या पूरे सिस्टम को चुनौती देने वाले को करारा जवाब मिला
प्रशांत किशोर:- जीतन राम मांझी में इतना दम है तो वो पुलिस और प्रशासन को छोड़ के ज़रा गांव में आ जाए तो पता चल जाएगा की जीतन राम मांझी ठीक कह रहे है या ग़लत कह रहे है,
शेर ए बिहार, जननायक प्रशांत किशोर की जनसुराज भरत तिवारी प्रकरण में बेबाकी से तटस्थ है 🔥
बिहार भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में’ मध्यप्रदेश के बालाघाट के DSP संतोष कुमार पटेल का Fb पोस्ट द्वारा कहना है कि मेरी सभी वर्दी वालों को सलाह रहेगी कि "किसी को खुश करने के लिए क़ानून का गलत उपयोग न करें।
हत्या आप जनता की कर रहे हैं, ये राजा के लिए पाप है। शरण में आए व्यक्ति को मारना महापाप है, पुलिस वालों को रामचरितमानस पढ़ना चाहिए।
भरत तिवारी हत्याकांड में प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी ने सरकार और पुलिस प्रशासन को खरी-खरी सुनाया।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (RAM) के संस्थापक और अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री आगामी 25 जून (गुरुवार) को बिहार के भोजपुर जिला स्थित बिलौटी गांव पहुंचेंगे। वहां वे व्यवस्था और अन्याय के खिलाफ लड़ते हुए शहादत देने वाले भरत भूषण तिवारी के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे।
अलंकार अग्निहोत्री ने समाज से अपील करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना ही हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। हाल ही में 17 जून को भरत तिवारी के बलिदान दिवस को 'बगावत दिवस' के रूप में मनाने की मांग उठाने के बाद उनका यह आगमन बेहद अहम माना जा रहा है, जिसकी तैयारियां स्थानीय कार्यकर्ताओं ने पूरी कर ली हैं।
भरत तिवारी का एक और वीडियो
हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए यात्रा कर रहा था वीडियो में तो येसा ही दिख रहा है
मुझे लगता है जितने भी फेक इनकाउंटर हुए है सबकी मजिस्ट्रेट जांच होनी चाहिए
जो लोग दोषी पाये जाते है सबके ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए
भरत तिवारी का फेक एनकाउंटर हुआ है, सम्राट चौधरी को माफ़ी माँगनी चाहिए और तो और भरत के माता-पिता पर कैसे FIR किया कर दिया, ये कैसा न्याय है:- तेजस्वी यादव (RJD नेता)
तेजस्वी यादव को आज रात या कल ही भरत तिवारी के घर जाना चाहिए।
जाति के जंजाल को तोड़ते हुए एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए पूरे बिहार में आरोपियों पर कार्रवाई के लिए प्रदर्शन करना चाहिए।