सरकार द्वारा कोचिंग बंद करने के खिलाफ जिस तरह से आज सभी भंडारे (कोचिंग ) संचालक जयपुर में एकजुट हुए हैं, उसी तरह पेपर लीक और फर्जीवाड़ा के खिलाफ भी एकजुट होते तो शायद बेहतर होता...!!
सुभाष चारण सर की जाति के ग़रीब परिवारों के बच्चे जो कि पिछड़ा वर्ग (OBC) से हैं जिनके स्कोर 194अंक और रिज़ल्ट फैल !
दूसरी तरफ़ ~
राजवीर सर के परिवार के सवर्ण कास्ट (EWS)के बच्चे के 174 अंक = रिजल्ट=पास
20अंक का अंतर 🥺
सर OBC वर्ग के साथ हो रहे अन्याय पर चुप क्यों है?
बड़े-बड़े वर्ग है लेकिन आरक्षण के नाम पर उतना हक नहीं मिलता,
सभी वर्गों के साथ समान न्याय होना चाहिए 🙏🙏
सभी साथी लिखें👇👇👇👇👇👇👇
#जितनी_जनसंख्या_उतना_आरक्षण
अगर आरक्षण नहीं होता,तो आज भी शिक्षा,नौकरियों और सत्ता पर कुछ गिने-चुने वर्गों का वर्चस्व होता।
SC/ST/OBC वर्ग के लोगो को अवसर ही नहीं मिलते।
ट्विटर ट्रेंड आज शाम 7 बजे से
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#जितनी_जनसंख्या_उतना_आरक्षण
देश तब मजबूत बनता है जब हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
प्रतिनिधित्व और अवसर पर संतुलित चर्चा लोकतंत्र की पहचान है।
सामाजिक न्याय की दिशा में सकारात्मक संवाद जारी रहना चाहिए।
#जितनी_जनसंख्या_उतना_आरक्षण
बहुत सारी ऐसी कैटेगरी है जिनकी जनसंख्या ज्यादा भी ज्यादा है फिर भी उन्हे उतना आरक्षण नही दिया गया है।
अब जनसंख्या के अनुसार आरक्षण देना चाहिए।
#जितनी_जनसंख्या_उतना_आरक्षण
प्राइवेट नौकरियों में ST, SC, OBC को आरक्षण मिलना चाहिए; यह बहुत ज़रूरी है!
सरकारी नौकरियाँ सिर्फ़ 2% हैं, जिनमें कुल आरक्षित पद (OBC, SC, ST के लिए मिलाकर) सिर्फ़ 1% होंगे।
बाकी 98% नौकरियाँ प्राइवेट सेक्टर में हैं, जहाँ आपका प्रतिनिधित्व ज़ीरो है।
Note - सुदामा कोटा (EWS reservation) पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाना चाहिए, यह राष्ट्र निर्माण में बाधक है।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में पत्रकार श्याम लाल यादव ने खुलासा किया है
UPSC में EWS श्रेणी से चयनित 104 अभ्यर्थियों में से 67 ऐसे हैं जिन्होंने उन कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई की, जिनकी वार्षिक फीस ढाई लाख रुपये से अधिक है। 14 IIT से ग्रेजुएट हैं , 28 के माता पिता का बिजनेस है 10 मल्टीनेशन कंपनीज में जॉब करते हैं अब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या ये वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आता है?
@alokrajRSSB तुम इस्तीफा दे दो बेरोजगारों के लिए सबसे बड़ा हित का काम होगा जब से तुम आए हो ज्यादा preshan हुए है हम। तुम्हारे नवाचार से। पेपर ऐसा बनाते हो तुमको ये पता नही की किस लेवल का एग्जाम है क्या इसका ब्लूफ्रिंट होगा। कभी आउट ऑफ सिल्बस, कभी पैटर्न चेंज, कभी डिलीट प्रश्न तुमसे
3rd Grade L-1 मे 11 प्रश्न डिलीट हुए...इन डिलीट होने वाले प्रश्न का दर्द केवल वही स्टूडेंट समझ सकता है जो कुछ अंको से पीछे रह गया हो।💔
जो विद्यार्थी कट-ऑफ की एक-एक संख्या पर अपनी नौकरी का सपना देख रहा हो...जो 0 Point कुछ अंको से पीछे रहा हो उसके लिए यह सिर्फ 11 प्रश्न नहीं बल्कि मानसिक तनाव,दर्द का कारण है ... परीक्षा का उद्देश्य अभ्यर्थियों की समझ और योग्यता की जांच करना होना चाहिए ना कि उन्हें उलझन मैं डालना... कठिन प्रश्न पूछे जाए लेकिन ऐसे जो ज्ञान और समझ पर आधारित हो ताकि विद्यार्थियों की मेहनत के साथ न्याय हो सके ऐसे प्रश्न पूछने से क्या औचित्य है जिनके उत्तर खुद पेपर सेटर्स को नहीं मिल रहे हैं और वह प्रश्न डिलीट करने पड़े...🥹
हद हो गई 11 सवाल डिलीट हुए 💔
यदि आप यह मानते हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं में केवल मेहनत ही सफलता का निर्धारण करती है, तो मुझे लगता है कि यह पूरी सच्चाई नहीं है।
राजस्थान में विशेष रूप से कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित कई परीक्षाओं में अक्सर 10 12 तक प्रश्न बाद में डिलीट कर दिए जाते हैं। यह केवल एक तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। सवाल यह है कि यदि वे प्रश्न गलत थे, तो उन्हें प्रश्नपत्र में शामिल ही क्यों किया गया? और यदि शामिल किए गए, तो प्रारंभ में उन्हें सही मानकर परीक्षा का हिस्सा क्यों बनाया गया?
जब अभ्यर्थी आपत्तियाँ दर्ज कराते हैं, तब उन प्रश्नों को हटा दिया जाता है। लेकिन इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा नुकसान उन विद्यार्थियों को होता है जिन्होंने उन प्रश्नों के सही उत्तर दिए थे। एक गलत प्रश्न-निर्माण की कीमत वे बच्चे चुकाते हैं, जिन्होंने पूरी ईमानदारी और मेहनत से तैयारी की थी।
कई बार यही डिलीट हुए प्रश्न किसी अभ्यर्थी को चयन सूची से बाहर कर देते हैं। यह केवल अंक खोने की बात नहीं होती, बल्कि उसके आत्मविश्वास, उसके सपनों और उसके वर्षों की मेहनत पर भी गहरा प्रभाव डालती है। जो अभ्यर्थी इस पीड़ा से गुज़रा है, वही समझ सकता है कि अंतिम चयन से कुछ अंकों से बाहर हो जाना कितना दर्द देता है।
आख़िर आयोग की गलती ईमानदार बच्चा क्यों भुगते
डॉ धीर सिंह धाभाई
#rsmmb #thirdgradeteacher #result
अध्यापक भर्ती विज्ञान गणित, संस्कृत, लेवल प्रथम संस्कृत की अंतिम कुंजी आने दीजिए प्रश्न चेंज और प्रश्न डिलीट से हजारों अभ्यर्थियों की मेहनत पर पानी फेर दिया हैं!
आख़िर कब तक बोर्ड की भर्ती परीक्षाओं के प्रश्न पत्र में ऐसे ही प्रश्न डिलीट, चेंज होते रहेंगे! एक्सपर्ट कमेटी की कोई जिम्मेदारी तय होगी या नहीं!
बोर्ड अध्यक्ष @alokrajRSSB जी बस नवाचार नवाचार करके ट्वीटर पर रीच लेते रहेंगे या कोई जिम्मेदारी भी तय करेंगे!
वित्त मंत्री से महंगाई नहीं संभल रही,
गृह मंत्री से मणिपुर नहीं संभल रहा…
शिक्षा मंत्री से पेपर लीक नहीं संभला,
पर्यावरण मंत्री से प्रदूषण नहीं संभला…
रेल मंत्री से रेल हादसे नहीं संभलते,
कृषि मंत्री से किसानों की समस्या नहीं संभलती…
स्वास्थ्य मंत्री से अस्पताल नहीं संभलते,
खाद्य विभाग से मिलावट नहीं संभल रही…
और फिर कहा जाता है
देश सही हाथों में है…
#neet2026
@VinodJakharIN आप कौनसी सरकार की बात कर रहे हो जहाँ व्याख्याता फ़र्ज़ी बैठे हैं? जहाँ आप के कार्यकाल में हुई SI भर्ती परीक्षा रद्द की जा रही है, जहाँ शिक्षक भर्ती के नाम पे लेवल 2 द्द की जाती है और लेवल वन में फ़र्ज़ी नियुक्त किए जाते हैं?
आप कौन सी सरकार की बात कर रहे हो वहीं सरकार क्या जो गरीबों को बस वोट के लिए नौच के खा जाती है? @vinodjakhar_ हिम्मत है तो उनके सामने आओ या फिर बेरोज़गार भी सामने आओ फ़र्ज़ी व्याख्याता की तरह दिखावा करना बंद करो