ब्रेकिंग:-
क्रूड ऑयल 108$ प्रति बैरल से घटकर 87$ प्रति बैरल पर आ चुका है।
लेकिन तुम लोग देखते रहना, भारत में पेट्रोल के दाम कम नहीं होंगे,
अब तेल कंपनियों को मुनाफा पहुंचाया जाएगा।
दोस्तो की जेबें भरी जाएंगी
होटल में जिस बाप के सामने बेटी को अगवा करने का प्रयास किया गया अब उस बाप को होटल वाला धमकी दे रहा है कि कैसे लड़ने पटना ही ना आयेगा देख लूंगा तुझे।
नीट कांड के जैसे सरकार इस केस का भी लीपापोती कर देगी। CBI के हाथ में केस सौंप के कोर्ट में कहवा देगी कोई सबूत ही नहीं मिला।
>अतुल सुभाष ने 1.4 साल पहले सुसाइड किया था
>उसने अपने सुसाइड लेटर में पत्नी ,ससुराल वालों और जज रीता कौशिक पर आरोप लगाए थे,
>साथ में न्याय न मिलने पर अस्थियां नाली में बहाने की अपील की थी,
>बच्चे की कस्टडी किसी भी हालत में पत्नी के पास न जाने की भी बात लिखी थी,
>लेकिन हमारे देश के न्याय व्यवस्था से कौन परिचित नहीं है
>जिस जज पर आरोप थे उसका प्रमोशन हो गया
>बच्चे की कस्टडी पत्नी को मिल गई
>ससुराल वाले जमानत पर बाहर है
>अतुल के घर वाले दर दर की ठोकरें खा रहे
>सब मिलकर बोलों न्याय वाली देवी की जय
हमारे बच्चों को हम भूखा सुलाते हैं. सीने से लगाकर लोरी सुनाते हैं, ताकि उन्हें भूख की याद ना आए.
- 10 हजार की मामूली सैलरी में काम करने वाले इस कर्मचारी को सुनें
ये है असल भारत. ये है चौथी सबसे बड़ी इकॉनमी.
Javed Akhtar praised Bihar Museum, saying he has visited many museums worldwide but hasn’t seen anything like this.
He said he will visit Patna again someday with his wife, Shabana Azmi, just for the museum.
सेंसिटिव? संस्था के भ्रष्टाचार के साक्ष्य हैं उन कागजों में। ये संवेदनशील डाकूमेंट हो गया? @narendramodi जी, आपसे बेहतर की आशा थी। संस्था के कर्मचारियों को अयोग्यता होने पर भी चयनित किया गया।
क्या भारत सरकार यह चाहती है कि अयोग्य लोग ऐसी जगहों पर बैठें और समाज घटिया, कॉर्न सिरप मिले मधु को प्योर हनी ब्रांडिंग के साथ खाए, मिलावटी पनीर धड़ल्ले से बाजार में बिके, नकली दूध पी कर बच्चे मरें?
मोदी जी, यह हर स्तर पर समाज के साथ छल है। डिपार्टमेंटल जाँच बिठा कर अयोग्य अधिकारी को सर्विस से, सैलरी सूद समेत वसूल कर निकाला जाए। तत्पश्चात्, जिन्होंने नियमों की अवहेलना की और फेवर किया, उन्हें जलील कर के निकाला जाए।
ईमानदार के पास बैंक बैलेंस नहीं, सिर्फ ईमान होता है।"
IAS रिंकू सिंह राही के पिता के ये शब्द पूरे सिस्टम पर एक तमाचा हैं। जिस इंसान ने 100 करोड़ का घोटाला उजागर किया, गोलियां खाईं, अपनी आंख और जबड़ा गंवा दिया... और फिर भी हार न मानकर IAS बना। आज उसे इसलिए इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि इस सिस्टम में एक 'ईमानदार' अफसर को काम ही नहीं दिया जाता।
कुशल अधिकारियों की भाजपा सरकार में कोई अहमियत नहीं है। भाजपा में तो उनकी पूछ है जिनकी चोरी के पैसों की ही चोरी हो जाती है या जो निवेश तक में 5% का प्रवेश शुल्क वसूल लेते हैं।
हर अच्छे अधिकारी से हमारी माँग है कि भावावेश में आकर कोई फ़ैसला न करें, बुरे दिन जानेवाले हैं। पीडीए सरकार आएगी और सबको उचित मान-सम्मान-स्थान देगी क्योंकि पीडीए की सरकार जनता की सरकार होगी, जो समस्याओं के समाधान व असमानताओं को दूर करने के लिए सच में विकास के काम करेगी। क्वॉलिटी वर्क और तय समय सीमा के अंदर काम को पूरा करने के लिए हमेशा ही बेहतरीन ऑफ़िसर्स की ज़रूरत पड़ती है। अपने काम में पारंगत अधिकारियों की हमने हमेशा क़द्र की है और आगे भी करेंगे।
पीड़ित अधिकारी हो या कर्मचारी सभी भाजपा को हटाने के लिए पीडीए के साथ हैं। ’पीड़ा’ बढ़ रही है, इसीलिए ‘पीडीए’ बढ़ रहा है क्योंकि ‘जो पीड़ित, वो पीडीए’।
#बुरे_दिन_जानेवाले_हैं
अमेरिका-ईरान युद्ध भारत के दरवाजे पर पहुंचा!
#संदीपदेव । भारत ने बहुदेशीय नौसैनिक अभ्यास 'मिलन 2026' का आयोजन किया था। इसमें भाग लेने वालों में ईरानी नौसेना का युद्धपोत 'डेना' (Dena), भी शामिल था। रॉयटर की रिपोर्ट के मुताबिक जब यह युद्धपोत अभ्यास कर वापस लौट रहा था तो हिंद महासागर में श्रीलंका के नजदीक एक अमेरिकी पनडुब्बी ने 'डेना' पर हमला कर उसे डुबो दिया। जहाज पर कुल 180 चालक दल सवार थे, जिनमें से 148 नाविकों लापता बताए जा रहे हैं, वहीं कई स्रोत उनके मारे जाने की बात कह रहे हैं। इसके अलावा 32 नाविक गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
ईरानी युद्ध पोत 'डेना' भारत के बुलावे पर इस अभ्यास में शामिल हुआ था, इसलिए दुनिया इसे भारत की संप्रभुता पर सीधा अमेरिकी हमला मान रहा है।
महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि यह जहाज कोई युद्धक जहाज नहीं था। यह भारत-ईरान के शांतिपूर्ण कूटनीतिक कार्यक्रम (MILAN) से लौट रहा था और भारत के बुलावे पर आया था। साथ ही यह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में था, जब इस पर हमला हुआ।
विशेषज्ञों के अनुसार, हिंद महासागर सामरिक दृष्टि से भारत के लिए महत्वपूर्ण है। यदि भारत इस हमले पर कोई गंभीर प्रतिक्रिया नहीं देता है, तो वह हिंद महासागर पर धीरे-धीरे अपना वर्चस्व व नेतृत्व खो देगा।
अब तक यह माना जा रहा था कि पश्चिम एशिया का संघर्ष केवल फारस की खाड़ी (Gulf) तक सीमित रहेगा। लेकिन इस घटना ने युद्ध की सीमाओं को बढ़ा दिया है। श्रीलंका के निकट हिंद महासागर में हुआ यह हमला दर्शाता है कि अब युद्ध का दायरा दक्षिण एशिया के 'प्रभाव क्षेत्र' में प्रवेश कर चुका है।
खाड़ी देशों के तटस्थ रहने और तुर्की द्वारा मार्ग बंद करने के बाद, अमेरिका के पास रसद (Logistics) के विकल्प सीमित हो गए हैं। अमेरिका ने भारत को एक 'फॉलबैक' (विकल्प) बना लिया है!
भारत के लिए यह स्थिति न केवल सुरक्षा की दृष्टि से बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत जटिल हो गई है। ईरान का यह जहाज भारत के निमंत्रण पर 'मिलन 2026' में आया था। भारतीय अतिथि के रूप में आए जहाज पर अमेरिकी हमला भारत की संप्रभुता और सुरक्षा गारंटी पर एक प्रश्नचिह्न लगाता है।
अमेरिकी कर्नल मैकग्रेगर जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका को अब भारतीय बंदरगाहों की आवश्यकता है। किंतु, भारतीय प्रधानमंत्री के लिए उन अमेरिकी जहाजों को जगह देना राजनीतिक रूप से मुश्किल होगा, क्योंकि अमेरिका ने ईरान के जिस जहाज को डुबोया है वह कुछ दिन पहले भारत का मेहमान था। यदि भारतीय प्रधानमंत्री इसके बावजूद अमेरिका के लिए अपने बंदरगाह खोलते हैं तो भू-राजनीतिक रूप से भारत की स्थिति हास्यास्पद हो जाएगी!
हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के अतिथि पर यह हमला भारत के "नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर" होने के दावे को चुनौती देता है। एक तरफ दुनिया के देश अमेरिका के लिए अपने दरवाजे बंद करते जा रहे हैं तो दूसरी तरफ भारत की संप्रभुता पर सीधे हुए इस अमेरिकी आक्रामण पर दुनिया भारत की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है!
यदि इसकी प्रतिक्रिया में भारत भी अन्य देशों की तरह अपने बंदरगाहों के विकल्प बंद कर देता है, तो हिंद महासागर में अमेरिकी नौसेना का संचालन लगभग असंभव हो जाएगा।
भारत इसके लिए अपनी संप्रभुता पर हमले की बात तो उठा ही सकता है, साथ ही एक सैन्य अभ्यास (Peace-time exercise) से लौट रहे निहत्थे सैनिकों पर हमले को अंतरराष्ट्रीय युद्ध नियमों (Rules of Engagement) के उल्लंघन के रूप में भी उठा कर अमेरिकी जहाज के लिए भारतीय बंदरगाहों को बंद कर सकता है। लेकिन सवाल है कि क्या भारत सरकार यह कदम उठा पाएगी?
भारत को अब अपनी रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) और क्षेत्रीय सुरक्षा के बीच एक बहुत ही बारीक संतुलन बनाना होगा। इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि पश्चिम एशिया का संघर्ष सीधे भारत के मुहाने पर पहुंचा है!
#SandeepDeo #USIranConflict
रिटायर्ड मेजर जनरल विषम्बर दयाल ने मोदी की विदेश नीति पर खुलकर सवाल उठाने की हिम्मत दिखाई।
“रूस हमारा सच्चा सहयोगी था,लेकिन हमने ट्रम्प की वजह से उनसे दूरी बना ली।
भारत ने खामेनेई के लिए शोक संदेश तक नहीं दिया, जो बिल्कुल गलत है।" 🤯
सुनिए और फैलाइए 🔥
ये हिंद महासागर है,
यहां 12 साल पहले तक हिन्दोस्तान के नाम का सिक्का चलता था,
बड़े से बड़े तुर्रम खान मुल्क की हिम्मत ना हुई हिन्दोस्तान की इजाजत के बिना कोई गुस्ताखी करने की,
लेकिन आज अमेरिका ने हिंद महासागर में ईरान के उस नौसैनिक जहाज को पनडुब्बी से नष्ट कर दिया
जो हमारा मेहमान था,
भारत के बुलावे पर ही अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेने आया था,
और आज वापस ईरान जा रहा था,
अमेरिका आज भारत से नहीं डरता है,
पहले डरता भी था, और इज्जत भी करता था,